20 जुलाई से संसद से बदलेगी तस्वीर!………….

20 जुलाई से मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है. इस दौरान सरकार कई अहम बिल पेश करने जा रही है. इस बार संसद का मानसून सत्र राजनीतिक और विधायी दोनों लिहाज से काफी अहम रहने वाला है. इस सत्र में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है. इनमें लोकसभा के […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 19 जुलाई 2026, 09:44 AM 4 मिनट read
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20 जुलाई से संसद से बदलेगी तस्वीर!………….
Photo: UB India News Archive

20 जुलाई से मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है. इस दौरान सरकार कई अहम बिल पेश करने जा रही है. इस बार संसद का मानसून सत्र राजनीतिक और विधायी दोनों लिहाज से काफी अहम रहने वाला है. इस सत्र में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है. इनमें लोकसभा के नए नियम, विदेशी चंदा नियमन कानून (FCRA) में संशोधन, ‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े बिल शामिल हो सकते हैं.

इस बार सरकार आम नागरिकों से जुड़े कई अहम बिल पेश करने जा रही है. इसमें  टैक्स और व्यापार, राष्ट्रीय सम्मान,  जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुडे बिल शामिल हैं. संसद में ये बिल पास होने के बाद आम लोगों को कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026

सरकार मानसून सत्र में आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश कर सकती है। यह हाल ही में लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा. इसका मकसद विदेशी निवेश को बढ़ावा देना और भारतीय रुपये को मजबूत करना है. प्रस्ताव के मुताबिक, विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड (G-Secs) से मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ (Capital Gain) पर आयकर में छूट मिलेगी. इससे भारत के सरकारी बॉन्ड बाजार में निवेश बढ़ने की उम्मीद है.

MSME विकास संशोधन विधेयक, 2026

सरकार एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 के जरिए छोटे, लघु और मध्यम उद्योगों को राहत देना चाहती है. इस बिल का मुख्य उद्देश्य छोटे कारोबारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और व्यापार करना आसान बनाना है. इसके तहत बकाया भुगतान से जुड़े मामलों के जल्दी निपटारे के लिए व्यवस्था मजबूत की जाएगी. साथ ही, छोटे उद्यमों के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने का भी प्रस्ताव है, जिससे उन्हें सरकारी सेवाओं और सुविधाओं तक आसान पहुंच मिल सके.

राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा बिल

सरकार मानसून सत्र में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक लाने की तैयारी में है. इस बिल का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को और मजबूत करना है. प्रस्ताव के मुताबिक, पहली बार ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान की तरह कानूनी संरक्षण देने का प्रावधान किया जा सकता है.

अगर यह विधेयक पारित होता है, तो जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ के गायन में बाधा डालने या राष्ट्रीय सम्मान का अपमान करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान किया जा सकता है.

जन्म और मृत्यु पंजीकरण पर बिल

सरकार मानसून सत्र में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक पेश कर सकती है. इस बिल का मकसद जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़े फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है. प्रस्ताव के तहत, अगर किसी जन्म या मृत्यु का पंजीकरण दो साल से अधिक देरी से कराया जाता है, तो इसके लिए प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना जरूरी होगा.

इसके अलावा, जन्म या मृत्यु के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य रहेगा. तय समय के बाद पंजीकरण कराने पर पहले से अधिक विलंब शुल्क (लेट फीस) देना पड़ सकता है. साथ ही, फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगाने के लिए दस्तावेजों की सख्त जांच और सत्यापन की व्यवस्था भी की जाएगी.

परिसीमन पर आ सकता है बिल

मानसून सत्र में परिसीमन (डीलिमिटेशन) विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ सकते हैं. सरकार इस बिल को दोबारा पेश कर आवश्यक समर्थन जुटाने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष सर्वदलीय चर्चा की मांग कर रहा है. इस प्रस्ताव के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ सकती है, लेकिन दक्षिण और पश्चिमी राज्यों को आशंका है कि परिवार नियोजन में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद उनकी सीटें कम या स्थिर रह सकती हैं, जबकि उत्तरी राज्यों को अधिक सीटों का फायदा मिल सकता है.

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