अमेरिकी हमलों का ईरान ने दिया करारा जवाब ,सैनिकों की मौत से बौखलाया अमेरिका

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने खुजेस्तान प्रांत के अहवाज में अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया। ईरानी सरकारी मीडिया ने ड्रोन गिराने का वीडियो भी जारी किया है। IRGC के मुताबिक, उसने अपने नए डिफेंस सिस्टम से ड्रोन को निशाना बनाया। हालांकि अमेरिका ने अब […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 19 जुलाई 2026, 09:53 AM 6 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
अमेरिकी हमलों का ईरान ने दिया करारा जवाब ,सैनिकों की मौत से बौखलाया अमेरिका
Photo: UB India News Archive

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने खुजेस्तान प्रांत के अहवाज में अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया। ईरानी सरकारी मीडिया ने ड्रोन गिराने का वीडियो भी जारी किया है। IRGC के मुताबिक, उसने अपने नए डिफेंस सिस्टम से ड्रोन को निशाना बनाया। हालांकि अमेरिका ने अब तक न तो ड्रोन गिराए जाने के दावे की पुष्टि की है और न ही जारी वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। MQ-9 रीपर अमेरिकी सेना का अत्याधुनिक मानव रहित ड्रोन है, जिसका इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हवाई हमलों के लिए किया जाता है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने लगातार आठवीं रात ईरान के खिलाफ हवाई हमले किए। इससे पहले अमेरिका ने जानकारी दी थी कि जॉर्डन में ईरान के मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई, जबकि एक सैनिक लापता है।

शुक्रवार को इरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया. जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई. जबकि चार सैनिक घायल हो गए. ईरान के इन हमलों का अमेरिका ने भी करारा जवाब दिया और शनिवार को लगातार आठवें दिन ईरान पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं. अमेरिका की इस जवाबी कार्रवाई का अब ईरान ने भी पलटवार किया है.

IRGC ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला

जॉर्डन में स्थित सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर रविवार तड़के ताबड़तोड़ हमले किए. जिसका ईरान ने भी करारा जवाब दिया. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को कहा कि ईरानी इलाके पर अमेरिकी हमलों के जवाब में उसने कुवैत में मौजूद दो अमेरिकी ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया है. सरकारी ब्रॉडकास्टर के एक बयान के मुताबिक, इस्लामिक रिपब्लिक की सेना ने कहा कि उसने “कुवैत में कैंप उदैरी पर अमेरिकी सेना के गोला-बारूद डिपो और अली अल सलेम एयर बेस पर पैट्रियट रडार सिस्टम और एयर सर्विलांस रडार के खिलाफ कामिकाजे ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमले किए.”

आईआरजीसी ने बताया कि ऑपरेशन थंडरबोल्ट के 16वें चरण में ईरानी सेना ने अल-अदिरेह शिविर (गोला-बारूद डिपो) और अल-सलीम बेस (पैट्रियट रडार और वायु रक्षा केंद्र) पर हमला किया. बता दें कि अल-अदिरेह ईरान की सीमा से 104 किलोमीटर दूर स्थित है और अमेरिकी सेना के लिए एक प्रमुख सहायता केंद्र है. अल-सलीम पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य प्रवेश का मुख्य हवाई मार्ग है.

ईरानी हमले में मारे गए अमेरिका के दो सैनिक

बता दें कि ईरान ने शुक्रवार-शनिवार की रात जॉर्डन में स्थित अमेरिका के दो सैन्य ठिकानों पर हमला किया. इन हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई. जबकि चार सैनिक घायल हो गए. हालांकि अमेरिका ने अभी तक मारे गए सैनिकों की पहचान जारी नहीं की है. जॉर्डन में हुए ईरानी हमलों का अमेरिका ने भी करारा जवाब दिया और रविवार तड़के ईरान पर मिसाइलों की बौछार कर दी. इसके बाद, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने रविवार को ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले किए ताकि जॉर्डन में हुए हमले में हुए नुकसान के लिए देश के रिवोल्यूशनरी गार्ड को “जल्द सजा” दी जा सके.

जंग में अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल टैंकरों की आवाजाही को रोकने की ईरान की क्षमता को और कम करना था. बता दें कि होर्मुज बेहद महत्वूपर्ण समुद्री मार्ग है. क्योंकि इस मार्ग से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई होती है. बता दें कि 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग के बाद से अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है. जबकि 430 से ज्यादा घायल हुए हैं.

ईरान ने अंतरिम समझौते को किया रद्द

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीने अंतिरिम समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन जुलाई में फिर से दोनों देशों के बीच हमलों की शुरुआत हो गई. उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को रद्द कर दिया. साथ ही ईरान के साथ हुए एमओयू को भी रद्द कर दिया. उसके बाद अब ईरान ने भी इस एमओयू को रद्द करने का एलान कर दिया.

अगर अमेरिका अपनी खैर चाहता है, तो तुरंत भाग जाए’: ईरानी नेता की चेतावनी

ईरान के एक बड़े नेता इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सैनिक उनके सुप्रीम लीडर के तेवरों को समझ लें, तो वे एक सेकंड गंवाए बिना वहां से भाग खड़े होंगे। हाल ही में दोनों देशों के बीच हुआ समझौता टूट गया है। इसके बाद से दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर बमबारी की है, तो ईरान समर्थित गुटों ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अमेरिका को ‘महाशैतान’ कहते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दस्तखत को पूरी तरह रद्दी बताया है। खामेनेई का कहना है कि अमेरिका कभी अपनी बात पर नहीं टिकता और हमेशा धोखेबाजी करता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपने हमले नहीं रोके, तो ईरान और उसके साथी देश अमेरिका को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा।

पश्चिम एशिया में अब तक क्या हुआ? पढ़िए पांच बड़े अपडेट

अमेरिका का लगातार आठवें दिन हमला
अमेरिका ने लगातार आठवीं रात भी ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई जॉर्डन में हुए उस हमले के जवाब में की जा रही है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।

ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सैनिकों की मौत दुखद है, लेकिन ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा।

ईरान का पलटवार
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि उनके हस्ताक्षर की कोई अहमियत नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर हाल में हुए समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगाया।

कुवैत ने भी लगाया आरोप
कुवैत का कहना है कि ईरान के हवाई हमले में उसकी सरकारी तेल कंपनी की एक इकाई को नुकसान पहुंचा है। इससे पहले भी बिजली और पानी के एक संयंत्र पर हमले का आरोप लगाया गया था।

इराक में बढ़ी सुरक्षा
इराक के एरबिल शहर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश हुई। इसके बाद वहां हवाई सुरक्षा प्रणाली तुरंत सक्रिय कर दी गई।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰