दुनिया में बदलते समीकरण के बीच भारत की समंदर में बादशाहत ………………

ईरान युद्ध ने समंदर की ताकत का एहसास दुनिया को करा दिया है. अब तक दुनिया भर में इस बात पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है कि सबसे अहम समुद्री ‘चोकपॉइंट्स’ पर किसका कंट्रोल है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य, बाब-अल-मंदेब और मलक्का जलडमरूमध्य. ये चोकपॉइंट्स मिडिल ईस्ट के तेल-गैस मार्केट, एशिया के मैन्युफैक्चरिंग सेंटर्स […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 20 जुलाई 2026, 06:25 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
दुनिया में बदलते समीकरण के बीच भारत की समंदर में बादशाहत ………………
Photo: UB India News Archive

ईरान युद्ध ने समंदर की ताकत का एहसास दुनिया को करा दिया है. अब तक दुनिया भर में इस बात पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है कि सबसे अहम समुद्री ‘चोकपॉइंट्स’ पर किसका कंट्रोल है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य, बाब-अल-मंदेब और मलक्का जलडमरूमध्य. ये चोकपॉइंट्स मिडिल ईस्ट के तेल-गैस मार्केट, एशिया के मैन्युफैक्चरिंग सेंटर्स और यूरोप व उत्तरी अमेरिका के कंज्यूमर मार्केट्स को आपस में जोड़ते हैं. मगर, आने वाले दशकों में सबसे अहम सवाल यह नहीं होगा कि इन रास्तों पर किसका कंट्रोल है, बल्कि यह होगा कि इन्हें खुला रखने में कौन मदद कर सकता है.

दुनिया के लिए भारत क्यों जरूरी

ठीक यहीं पर भारत की भूमिका बहुत अहम होती जा रही है. द जेरुशेलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल, अमेरिका और यूरोप के लिए, भारत सिर्फ आर्थिक विकास या उभरती हुई डिफेंस सुपरपावर की कहानी नहीं है. यह एक ऐसे रणनीतिक साझेदार के तौर पर उभर रहा है जो ग्लोबल समुद्री सिस्टम को मजबूत करने में सक्षम है, खासकर ऐसे समय में जब ट्रेड रूट्स, ऊर्जा सुरक्षा और जियोपॉलिटिकल स्थिरता पर भारी दबाव है. खासकर हालिया अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बाद. दुनिया के नक्शे पर एक नजर डालते ही भारत का सबसे बड़ा फायदा साफ हो जाता है. भारत की भौगोलिक स्थिति उसकी सबसे बड़ी ताकत है. हिंद महासागर के बीचों-बीच स्थित भारत, मिडिल ईस्ट के ऊर्जा-उत्पादक क्षेत्रों, अफ्रीका की उभरती अर्थव्यवस्थाओं और पूर्वी एशिया के मैन्युफैक्चरिंग हब के बीच बसा है. इसकी पश्चिमी तटरेखा फारस की खाड़ी और लाल सागर को जोड़ने वाले समुद्री रास्तों के सामने है, जबकि भारत का अंडमान और निकोबार द्वीप समूह मलक्का जलडमरूमध्य तक रणनीतिक पहुंच प्रदान करते हैं, जो हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के बीच का प्रवेश द्वार है.

दुनिया भर में व्यापार की आवाजाही को प्रभावित करने के लिए बहुत कम देशों की स्थिति इतनी अनुकूल है. यह भौगोलिक स्थिति इसलिए मायने रखती है क्योंकि आधुनिक अर्थव्यवस्था समुद्री कनेक्टिविटी पर निर्भर करती है. लाल सागर में किसी भी तरह की रुकावट का असर यूरोप की शिपिंग पर पड़ता है. खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता से दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतें प्रभावित होती हैं. हिंद महासागर में खतरों का असर एशिया की सप्लाई चेन पर पड़ता है. लाल सागर में हूतियों द्वारा कमर्शियल शिपिंग पर किए गए हमलों ने इस सच्चाई को साबित कर दिया है. हजारों किलोमीटर दूर होने वाला कोई टकराव भी तेजी से शिपिंग की लागत बढ़ा सकता है, सप्लाई चेन में रुकावट डाल सकता है और दुनिया भर के देशों को उनकी कमजोरियों की याद दिला सकता है.

भारत क्यों सबसे भरोसेमंद 

भारत तेजी से खुद को एक ऐसे देश के तौर पर स्थापित कर रहा है, जो इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम है. आर्थिक नजरिए से, भारत पहले से ही दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा बाजारों में से एक है. यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता, LNG के सबसे बड़े आयातकों में से एक और रिफाइनिंग के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत है. भारत की मौजूदा रिफाइनिंग क्षमता लगभग 258 मिलियन मीट्रिक टन सालाना है और 2030 तक इसे बढ़ाकर लगभग 310 मिलियन टन करने की योजना है. खाड़ी देश भरोसेमंद एनर्जी मार्केट पर निर्भर हैं और भारत उनके एक्सपोर्ट के लिए सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है. 2024-25 में भारत और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के बीच व्यापार लगभग 178 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो भारत और मध्य पूर्व के बीच आर्थिक निर्भरता की गहराई को दिखाता है. खाड़ी देशों अलावा भारत के इजरायल के साथ भी संबंध गहरे हो रहे हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ दीर्घकालिक साझेदारी है और अफ्रीका तथा यूरोप के साथ जुड़ाव बढ़ रहा है.  ईरान और रूस के साथ भारत के निरंतर व्यापारिक और राजनयिक संबंध हमेशा अमेरिका और यूरोप को चिंतित तो करते हैं, लेकिन यही भारत की एक रणनीतिक ताकत भी है.

समंदर का पहरेदार बना भारत

2008 में अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती-रोधी अभियान शुरू करने के बाद से, भारतीय नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट को सुरक्षित करने में मदद की है, जिससे हजारों कमर्शियल जहाजों और हजारों नाविकों की सुरक्षा हुई है. 2024 में समुद्री हमलों में बढ़ोतरी के दौरान, भारत ने 30 से ज़्यादा नौसैनिक जहाज तैनात किए, कई घटनाओं पर कार्रवाई की, राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों को बचाया और अरबों डॉलर का सामान ले जा रहे कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा प्रदान की. इसके अलावा, भारत निकोबार द्वीप समूह में मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड कर रहा है ताकि मलक्का जलडमरूमध्य के पास अपनी स्थिति मजबूत कर सके और हिंद महासागर में चीन की महत्वाकांक्षाओं का मुकाबला कर सके. ये गतिविधियां एक महत्वपूर्ण सच्चाई को दर्शाती हैं कि भारत केवल वैश्विक व्यापार से लाभ नहीं उठा रहा है, बल्कि इसकी सुरक्षा में भी तेजी से योगदान दे रहा है. इजरायल, यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए यह अंतर मायने रखता है. भारत की नौसेना का भी तेजी से विस्तार हो रहा है.

 

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰