दंगा-हिंसा, हत्या के प्रयास… उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज, FIR में कौन-कौन सी धाराएं?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार (20 जुलाई) को पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च का आह्वान किया था. इस विरोध प्रदर्शन में हजारों की तादाद में छात्रों के साथ ही अन्य लोग भी शामिल हुए. इस दौरान हिंसा भड़क उठी और हालात बेहद खराब हो […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 21 जुलाई 2026, 07:12 AM 4 मिनट read
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दंगा-हिंसा, हत्या के प्रयास… उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज, FIR में कौन-कौन सी धाराएं?
Photo: UB India News Archive

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार (20 जुलाई) को पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च का आह्वान किया था. इस विरोध प्रदर्शन में हजारों की तादाद में छात्रों के साथ ही अन्य लोग भी शामिल हुए. इस दौरान हिंसा भड़क उठी और हालात बेहद खराब हो गए. पुलिस और सुरक्षा बलों की प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प हुई जिसमें कई पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान जख्मी हुए हैं. वहीं कई प्रदर्शनकारियों को भी गंभीर चोटें आई हैं. इस बीच पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ एक्शन तेज कर दिया है. पुलिस ने दंगा-हिंसा, हत्या के प्रयास में FIR दर्ज की है. आइये जानते हैं FIR में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं.

जानकारी के मुताबिक हिंसा के मामले में थाना पार्लियामेंट स्ट्रीट में FIR दर्ज की गई है. यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) 2023, आर्म्स एक्ट 1959 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम (Prevention of Damage to Public Property Act – PDPP Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.

कौन-कौन सी धाराएं

  • धारा 223(बी) BNS लोक सेवक द्वारा विधिसम्मत आदेश की अवज्ञा या सरकारी कार्य में बाधा से संबंधित प्रावधान.
  • धारा 221 BNS लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना या उसे प्रभावित करना.
  • धारा 132 BNS लोक सेवक पर हमला करना या बल का प्रयोग करना.
  • धारा 121(1) BNS गैरकानूनी जमावड़े या हिंसक भीड़ से संबंधित अपराध.
  • धारा 189(3), 190, 191(2), 191(3), 192 BNS दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा, हिंसा.
  • धारा 324(5) BNS सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने या गंभीर नुकसान पहुंचाने से संबंधित प्रावधान.
  • धारा 109(1) BNS हत्या के प्रयास या गंभीर हिंसक कृत्य से संबंधित प्रावधान (यदि परिस्थितियां लागू हों).
  • धारा 125 BNS मानव जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य.
  • धारा 3(5) BNS समान उद्देश्य या साझा मंशा के तहत सामूहिक रूप से अपराध करना.
  • धारा 61(2) BNS आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) से संबंधित प्रावधान.
  • आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25(1AB).
  • पीडीपीपी एक्ट (Prevention of Damage to Public Property Act) की धारा 3 सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने या क्षति पहुंचाने का अपराध.

पुलिस कर रही जांच

FIR में आरोप है कि उपद्रवियों ने गैरकानूनी तरीके से एकत्र होकर सार्वजनिक व्यवस्था भंग की, सरकारी कार्य में बाधा डाली, हिंसक गतिविधियों में शामिल हुए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. इन सभी आरोपों की जांच थाना पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और पीडीपीपी एक्ट के प्रावधानों के अनुसार की जा रही है.

दिल्ली पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल 4 FIR दर्ज कर ली हैं, जबकि 2 और FIR दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है. पहली FIR संसद सत्र के दौरान दिल्ली जिला क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के मामले में दर्ज की गई है. वहीं दूसरी FIR कथित हिंसा की साजिश रचने के आरोप में दर्ज की गई है. पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं.

इसके अलावा दो अन्य FIR सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों में दर्ज की गई हैं. वहीं, दिल्ली पुलिस दो और FIR दर्ज करने की तैयारी में है. ये मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मारपीट, कानून अपने हाथ में लेने और अन्य संबंधित अपराधों से जुड़े हैं.

प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा

प्रदर्शनकारियों ने कल पुलिस की गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की और पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी भी. बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय पुलिस बलों के 118 से ज्यादा जवान जख्मी हुए हैं. वहीं पुलिस की कार्रवाई में करीब 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बारिश और आंसू गैस के गोले छोड़े.

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