असंसदीय भाषा के इस्तेमाल पर लोकसभा से TMC सांसद कल्याण बनर्जी पूरे सत्र के लिए निलंबित…….

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद कल्याण बनर्जी को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। उन्हें असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के लिए निलंबित किया गया। मानसून सत्र का लगातार तीसरा दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई। विपक्षी सदस्य […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 22 जुलाई 2026, 10:06 AM 6 मिनट read
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असंसदीय भाषा के इस्तेमाल पर लोकसभा से TMC सांसद कल्याण बनर्जी पूरे सत्र के लिए निलंबित…….
Photo: UB India News Archive

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद कल्याण बनर्जी को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। उन्हें असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के लिए निलंबित किया गया।
मानसून सत्र का लगातार तीसरा दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई। विपक्षी सदस्य नीट पेपर लीक, सीजेपी के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर चर्चा के लिए अड़े रहे।

कल्याण बनर्जी पर क्या आरोप लगा?

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी को बुधवार को मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई तब हुई, जब आरोप है कि बनर्जी ने टीएमसी के बागी सांसद को ‘चोर’ कहा। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के बीच स्थगित हुई। फिर सदन के अंदर टकराव की स्थिति बन गई।

किन सांसदों से हुआ कल्याण बनर्जी का विवाद?
आज पहले कल्याण बनर्जी का एनसीपीआई सांसदों मिताली बैग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार समेत अन्य सांसदों के साथ बहस हुई थी। ये तीनों पहले टीएमसी से जुड़ी थीं। लेकिन बाद में पार्टी से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल हो गईं।

विवाद के दौरान क्या हुआ?
कल्याण बनर्जी टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के साथ बने हुए हैं। उनको सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद इन सांसदों के साथ बहस करते हुए देखा गया। हालांकि, इस विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका। कई विपक्षी सांसदों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। कुछ सदस्यों ने जब कल्याण बनर्जी से पूछा कि आखिर क्या हुआ था, तो वह लोकसभा कक्ष से बाहर चले गए।

मामले को लेकर स्पीकर से क्यों मिले सांसद?
इस विवाद के बाद मिताली बैग, काकोली घोष दस्तीदार और अन्य एनसीपीआई सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मुलाकात कर यह मुद्दा उठाया।

स्पीकर ने क्या कदम उठाया?
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने एनसीपीआई सांसदों से इस घटना को लेकर लिखित शिकायत देने को कहा है। यह विवाद तृणमूल कांग्रेस में हुए विभाजन की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद टीएमसी के करीब 20 सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी और नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो गए थे। बागी सांसदों ने लोकसभा में टीएमसी सांसदों से अलग बैठना शुरू कर दिया और सार्वजनिक रूप से सत्तारूढ़ एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन देने का एलान किया।

जंतर-मंतर पर CJP के प्रोटेस्ट के बीच दिल्ली मेट्रो का बड़ा फैसला, बंद किए गए ये 16 स्टेशन

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इसके तहत दिल्ली मेट्रो के 16 प्रमुख स्टेशन अगले निर्देश तक यात्रियों के लिए बंद कर दिए गए हैं।

बंद किए गए स्टेशनों में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक और रामकृष्ण आश्रम मार्ग शामिल हैं। बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ और जनपथ स्टेशन पर भी प्रवेश वर्जित है। मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ और दिल्ली गेट भी इस सूची में हैं। इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम स्टेशन भी बंद रहेंगे।

यह निर्णय विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लिया गया है। मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील की है। इन स्टेशनों पर प्रवेश और निकास दोनों ही बंद कर दिए गए हैं। यात्रियों को इन मार्गों से यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।

सीजेपी का दावा- जेपी नड्डा हमसे बात करना चाहते हैं

कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास कहते हैं, ‘आज सुबह पुलिस ने हमसे फिर संपर्क किया और बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हमसे बात करना चाहते हैं। उन्होंने हमें अपने आवास पर बुलाया, लेकिन हमने साफ इनकार कर दिया। हम किसी के घर या दफ्तर नहीं जा रहे हैं। यहां जनता दरबार लगा हुआ है, और अगर मंत्रियों को बात करनी है, तो उन्हें जनता के पास आना चाहिए। चर्चा जंतर-मंतर पर होनी चाहिए। साथ ही, हम समझदार लोग हैं। अगर सरकार को प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा की चिंता है, तो हम जंतर-मंतर के पास किसी तटस्थ स्थान पर मिलने को तैयार हैं। हमें अभी तक उनकी ओर से जवाब का इंतजार है।”

वे आगे कहते हैं, “सरकार को हमारी मांगों को मानने का इरादा होना चाहिए। हमें व्यर्थ की चर्चाओं के लिए बुलाने का कोई मतलब नहीं है। हमारा समय कीमती है। हजारों लोग अभी भी प्रदर्शन में भाग ले रहे हैं, और हमें उसे भी संभालना है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह वास्तव में हमसे बातचीत करना चाहती है।’

तब भी दिल्ली पुलिस ने संयम दिखाया: बांसुरी स्वराज

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, ‘सीजेपी और दूसरी पार्टियों ने जो आंदोलन शुरू किया था, उसे स्टूडेंट आंदोलन बताया गया था। इस आंदोलन को लेकर सरकार का रवैया सेंसिटिव रहा है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें (अभिजीत दिपके) एयरपोर्ट पर ही परमिशन दे दी थी। वह परमिशन शाम 5 बजे तक वैलिड थी। लेकिन ये प्रोटेस्टर वहीं डटे रहे। उन्होंने 21 दिन तक जंतर-मंतर पर धरना दिया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए कोई एक्शन नहीं लिया। सरकार ने अपने लेवल पर कोई लापरवाही नहीं होने दी और जब तक प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण रहा, उसे चलने दिया। 20 जुलाई को उन्होंने कहा ‘संसद चलो’। लोकतंत्र में इंस्टीट्यूशन की वैल्यू होती है। जब बिना किसी परमिशन के पार्लियामेंट को घेरा गया, तब भी दिल्ली पुलिस ने संयम दिखाया।”

राजीव चौक, जनपथ समेत 16 मेट्रो स्टेशन रहेंगे बंद, देखें लिस्ट

दिल्ली मेट्रो के जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय समेत 16 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। डीएमआरसी ने इसकी जानकारी दी है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से ये मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे।

1.लोक कल्याण मार्ग
2. राजीव चौक
3. पटेल चौक
4. रामकृष्ण आश्रम मार्ग
5. बाराखंभा रोड
6. सुप्रीम कोर्ट
7. सेवा तीर्थ
8. जनपथ
9. मंडी हाउस
10. केंद्रीय सचिवालय
11. आईटीओ
12. दिल्ली गेट
13. इंद्रप्रस्थ
14. खान मार्केट
15. जोर बाग
16. शिवाजी स्टेडियम

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