रात 11.04 से 12.32 तक… 88 मिनट में NEET पेपर लीक पर 4 बड़े एक्शन…………

नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार देर रात को ताबड़तोड़ एक के बाद एक एक्शन हुए. सरकार ने पेपर लीक से जुड़े मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बना दी और आखिरकार 26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने अनशन भी तोड़ […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 24 जुलाई 2026, 05:44 AM 6 मिनट read
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रात 11.04 से 12.32 तक… 88 मिनट में NEET पेपर लीक पर 4 बड़े एक्शन…………
Photo: UB India News Archive

नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार देर रात को ताबड़तोड़ एक के बाद एक एक्शन हुए. सरकार ने पेपर लीक से जुड़े मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बना दी और आखिरकार 26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने अनशन भी तोड़ दिया. इससे पहले शिक्षा सचिव का भी ट्रांसफर हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो मैसेज जारी कर छात्रों को सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया. रात 11 बजकर 4 मिनट पर शिक्षा विभाग के सचिव के तबादले की खबर आई और 12 बजकर 32 मिनट पर सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने की खबर भी आ गई.

28 जून से अनशन पर थे सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनशन शुरू किया था. इसी बीच तबीयत खराब होने के बाद सोनम को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

अनशन तोड़ने के बारे में सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख की सर्वोच्च समिति के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में मैंने 26 दिनों के बाद अपना अनशन तोड़ा. इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर मुझसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था. यह देश में संभावित हिंसा को देखते हुए और विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद किया गया. मैं जल्द ही एक अलग वीडियो में इन शर्तों का विस्तार से वर्णन करूंगा. इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें.”

82 मिनट में कब क्या-क्या हुआ?

11 बजकर 04 मिनट: केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में शिक्षा सचिव विनीत जोशी का ट्रांसफर कर दिया. उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया. विनीत जोशी को अब पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया है. उनके साथ-साथ 10 और सीनियर IAS अफसरों के तबादले किए गए.

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11 बजकर 10 मिनट: पेपर लीक से जुड़े मामलों के ट्रायल के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को नोटीफाई किया गया. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाएगी. दिल्ली हाई कोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज जज जस्टिस अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज के तौर पर किया है. पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई यही करेंगी.

11 बजकर 52 मिनट: पीएम नरेंद्र मोदी ने छात्रों के नाम एक वीडियो जारी किया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ और सख्त फैसला लिया जाएगा.

12 बजकर 32 मिनट: सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने की खबर आई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर उनका अनशन तुड़वाया. वांगचुक 26 दिन से अनशन कर रहे थे. अनशन तोड़ने के बाद उन्होंने कहा कि शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए अनशन तोड़ा है.

अब आज क्या होगा?

शुक्रवार का दिन भी काफी हलचल भरा रहने वाला है. शुक्रवार को ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है.

CJP ने एक पोस्टर जारी कर लोगों से सभी जिलों और शहरों में शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है. ‘Every District. One Day. One Demand’ का नारा दिया गया है. प्रदर्शन में जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ मारपीट का विरोध करने की अपील की गई है.

इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा चाक-चौबंद है. दिल्ली मेट्रो ने सुबह 7:30 बजे से ही 16 मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए हैं.

इसके अलावा, शुक्रवार को ही कैबिनेट मीटिंग भी होनी है. यह मीटिंग इसलिए अहम है, क्योंकि इसमें पेपर लीक को लेकर सख्त फैसला लिया जा सकता है. पीएम मोदी ने वीडियो संदेश में बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान के साथ मसौदे पर शुक्रवार को कैबिनेट में चर्चा होगी. उन्होंने बताया कि इस बिल को जल्द से जल्द सदन में पास कराया जाएगा.

कौन हैं नरेश पाल गंगवार, जिन्हें बनाया गया शिक्षा विभाग का नया सचिव?

नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर महीनेभर से जारी प्रदर्शन के बीच गुरुवार रात केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया. सरकार ने हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के सचिव विनीत जोशी का तबादला कर दिया. उनकी जगह अब नरेश पाल गंगवार को नया सचिव बनाया गया है.

नरेश पाल गंगवार 1994 बैच के IAS अधिकारी हैं. उन्होंने 1993 में UPSC परीक्षा पास की थी. उन्होंने राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार में कई अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाली है.

उनका जन्म 21 अक्टूबर 1970 में नैनीताल में हुआ था. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में B.Tech. करने के बाद कम्युनिकेशन एंड रडार में M.Tech. की डिग्री हासिल की है. इसके साथ ही उन्होंने इकनॉमिक्स में MA भी किया है.

कई जिलों के रह चुके हैं कलेक्टर

राजस्थान सरकार की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, नरेश पाल गंगवार राजस्थान में कई जिलों के कलेक्टर रह चुके हैं. 2001 में उन्हें टोंक का कलेक्टर बनाया गया था.

सके बाद सवाई माधोपुर, 2004 में झालावार, 2006 में जोधपुर, 2008 में भरतपुर और 2008 में उन्हें दोबारा जोधपुर का कलेक्टर नियुक्त किया गया था.

वह राजस्थान सरकार में कई अहम पदों पर रह चुके हैं. उनके पास शिक्षा विभाग का अनुभव भी है. 2014 में उन्हें राजस्थान सरकार में स्कूल शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया था. इसके बाद वह काफी लंबे समय तक इस विभाग में रहे.

2020 में केंद्र में आए

लगभग ढाई दशकों तक राजस्थान सरकार में काम करने के बाद 2020 में उन्हें केंद्र में नियुक्त किया गया. दिसंबर 2020 में नरेश पाल को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया. जनवरी 2022 में उन्हें इसी मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया.

पिछले साल अगस्त में ही उन्हें पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव नियुक्त किया गया था. अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में सचिव बनाया गया है.

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