अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक संकट पर पीएम मोदी ने बुलाई अहम बैठक,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम को प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बताया जा रहा है कि इस बैठक में ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण पैदा हुई वैश्विक स्थिति और भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया पर चर्चा होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम को प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 28 जुलाई 2026, 10:18 AM 2 मिनट read
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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक संकट पर पीएम मोदी ने बुलाई अहम बैठक,
Photo: UB India News Archive

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम को प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बताया जा रहा है कि इस बैठक में ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण पैदा हुई वैश्विक स्थिति और भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया पर चर्चा होने की उम्मीद है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम को प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों के साथ बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें ईरान-अमेरिका संघर्ष से बने वैश्विक स्थिति और भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया पर चर्चा होगी. बैठक में वित्त और उद्योग मंत्रालयों की तैयार की गई योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं. सूत्रों का कहना है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लचीला बनाए रखना और बड़े आर्थिक निर्णयों तथा सुधारों को आगे बढ़ाना है.

सूत्रों का कहना है कि ईरान-अमेरिका संकट से पैदा हुए हालात के बाद केंद्र सरकार ने सचिवों के सात अलग-अलग समूह गठित किए थे. मंगलवार शाम होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में इन सभी समूहों द्वारा दी गई सिफारिशों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.

बताया जा रहा है कि इस बैठक के दौरान वित्त मंत्रालय और उद्योग मंत्रालय द्वारा तैयार की गई रणनीतियों पर विशेष फोकस रहेगा. इन मंत्रालयों की योजनाओं के जरिए देश के औद्योगिक क्षेत्र और आर्थिक मोर्चे को मजबूती देने का रोडमैप तैयार किया जाएगा.

इसके अलावा इस उच्च स्तरीय समीक्षा के जरिए वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की तैयारियों पर जोर दिया जाएगा. उम्मीद जताई जा रही है कि ये बैठक देश में आपूर्ति चेन, उद्योग और प्रमुख आर्थिक सुधारों से जुड़े बड़े फैसलों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है.

 

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