क्या सुप्रीम कोर्ट से ऊपर है BJP और NDA?

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर में बैठे- बैठे बिहार सरकार से एक सवाल पूछकर हलचल मचा दिया है। नेटिजन्स इस पर अपनी अतरंगी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। रोहिणी आचार्य ने एक्स पर सवाल करते हुए पूछा है कि क्या संविधान – सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर है भाजपा और एनडीए? […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026, 06:09 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
क्या सुप्रीम कोर्ट से ऊपर है BJP और NDA?
Photo: UB India News Archive

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर में बैठे- बैठे बिहार सरकार से एक सवाल पूछकर हलचल मचा दिया है। नेटिजन्स इस पर अपनी अतरंगी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। रोहिणी आचार्य ने एक्स पर सवाल करते हुए पूछा है कि क्या संविधान – सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर है भाजपा और एनडीए? उन्होंने अपनी बात में सुप्रीम कोर्ट के एक बयान का हवाला दिया है। रोहिणी आचार्य ने उपेंद्र कुशवाहा के साथ बिहार विधानसभा की तस्वीर और दीपक प्रकाश की तस्वीर भी शेयर की है।

उपेंद्र कुशवाहा के बेटे से बड़ा सवाल?
रोहिणी आचार्य ने कहा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा यह पूछा जाना कि कोई व्यक्ति 6 महीने से बिना विधायक या एमएलसी बने मंत्री कैसे बना हुआ है? भाजपा नीत एनडीए की सरकार की संवैधानिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल के साथ – साथ भाजपा – एनडीए की गाल पर एक करारा तमाचा भी है। उन्होंने आगे कहा है कि भाजपा-नीत एनडीए सरकार के द्वारा इस पर तत्काल स्पष्ट जवाब दिए जाने की जरूरत है क्योंकि मामला सीधे तौर पर संवैधानिक प्रावधानों और माननीय सर्वोच्च न्यायलय के आदेश के उल्लंघन से जुड़ा हुआ हैl

रोहिणी आचार्य ने पूछा सवाल?
रोहिणी आचार्य ने एक कोर्ट के फैसले का भी हवाला देते हुए ये सवाल किया है। उन्होंने लिखा है कि एसआर. चौधरी बनाम पंजाब राज्य (2001) मामले में माननीय सर्वोच्च अदालत का स्पष्ट आदेश है कि 6 महीने की सीमा को किसी भी राजनीतिक पैंतरेबाज़ी से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है l बावजूद इसके भाजपा नीत सरकार में दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर कब्ज़ा जमा कर बैठने से , यही साबित होता है कि भाजपा हमेशा से खुद को और खुद की सत्ता व् सरकार को संविधान से ऊपर मानती – समझती रही हैl

नेटिजन्स दे रहे हैं पोस्ट पर प्रतिक्रिया
रोहिणी आचार्य के इस पोस्ट पर यूजर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है कि रोहिणी दीदी, बिल्कुल तार्किक और संवैधानिक सवाल! लोकतंत्र में कोई भी दल या सरकार संविधान और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के नियमों से ऊपर नहीं हो सकती। संवैधानिक प्रावधानों का सम्मान सर्वोपरि होना ही चाहिए। एक यूजर ने लिखा है कि आपका कुशवाहा समझ कितनी ज्यादा है। वो हर जगह दिख रहा है। दीपक प्रकाश हों, उपेंद्र कुशवाहा या सम्राट चौधरी। एक यूजर ने लिखा है कि बिहार एक अजूबा राज्य है।

क्या रोहिणी आचार्य ने स्वीकार किया RJD की हार?

लालू यादव की बेटी और सिंगापुर रहने वाली रोहिणी आचार्य बिहार और देश के राजनीतिक मामलों पर बेबाकी से अपने विचार प्रकट करती हैं। रोहिणी आचार्य ने कहा हैकि बीजेपी का चुनाव जीतने का एक हथकंडा अलग होता है। उन्होने कहा कि चुनाव जीतने के लिए हर गलत हथकंडा अपनाती है बीजेपी। रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा कि मतदान के दौरान विरोधी दल के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट। निष्पक्ष मतदान का प्रयास कर रहे विरोधी दल के कार्यकर्ताओं – समर्थकों – पोलिंग एजेंट्स को अपने गुंडों की मदद से रोकना। ये सब काम बीजेपी करती है।

रोहिणी यादव के सनसनीखेज आरोप
उन्होंने आगे कहा कि सरकारी मशीनरी – पुलिस और सुरक्षा बल की मदद से विरोध के संभावित मतदाताओं को मतदान केंद्र तक नहीं पहुँचने देना। बूथ पर कब्ज़ा करना। चुनाव आयोग की मदद से मतदान की गति – प्रक्रिया को ईवीएम में खराबी के बहाने धीमा और बंद करा देना, वैसे तमाम गलत हथकंडे हैं , जिनका खुलेआम इस्तेमाल पहले भी करती आयी है बीजेपी। और आज भी बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में जम कर किया।

बीजेपी को दिखाया आईना

रोहिणी आचार्य यही नहीं ठहरीं, उन्होंने बीजेपी को आईना दिखाते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में , जब मैं खुद सारण से प्रत्याशी थी , तो मैंने बीजेपी को इन गैरकानूनी तौर – तरीकों का इस्तेमाल करते देखा है। मतदान केंद्र पर जारी धांधली पर आपत्ति करने के दौरान छपरा शहर के एक बूथ पर तो मुझ पर भी बीजेपी के गुंडों के द्वारा हमला करने, मेरी हत्या करने की कोशिश की गयी थी। मुझे भद्दी – गंदी गालियां दी गयीं थीं। रोड़े – पत्थर फेंके गए थे। और हद तो तब हो गयी थी जब मतदान के ठीक एक दिन बाद बीजेपी के द्वारा भेजे गए गुंडों के द्वारा मेरे एक युवा साथी – कार्यकर्त्ता चंदन यादव की गोली मार कर निर्मम हत्या कर दी गयी थी।

 

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰