मानसून सत्र के बाकी बचे हिस्से को लेकर डीएमके पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं। विपक्षी इंडिया ब्लॉक भी उसके सियासी स्टैंड पर नजरें गड़ाए है और सत्ताधारी बीजेपी और एनडीए की भी उसकी रणनीतियों पर नजर है। इन चर्चाओं के बीच डीएमके सांसद और पू्र्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन ने कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के खिलाफ मोर्चा खोलकर राजनीति को और भी दिलचस्प बना दिया है।
डीएमके सांसद और डीएमके चीफ एमके स्टालिन के खास दयानिधि मारन के हवाले से मानसून सत्र के बाकी बचे हिस्से में पार्टी की संसदीय रणनीति के बारे में एचटी ने एक रिपोर्ट दी है। इसके मुताबिक मारन ने साफ किया है कि डीएमके विपक्ष का रोल निभाता रहेगा और फॉरन कंट्रिब्यूशन (रेग्यूलेशन) अमेंडमेंट बिल (FCRA) का भी विरोध करेगा। सरकार अगले हफ्ते यह विधेयक ला सकती है।
डीएमके चीफ से संपर्क में हैं विपक्षी दल
डीएमके की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है, जब विपक्षी पार्टियां सत्र में आगे आपसी तालमेल को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार विपक्ष के कई नेता इस संबंध में तमिलनाडु के पूर्व सीएम स्टालिन से लगातार संपर्क में बने हुए हैं।
इनमें अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को संसद में आने की मांग भी शामिल है।
‘कांग्रेस ने हमें धोखा दिया है’
लेकिन, डीएमके का ताजा स्टैंड कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
पार्टी के सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दफ्तर में सदन की रणनीतियों को लेकर रोजाना होने वाली विपक्ष की बैठक में जाना पहले से ही छोड़ रखा है।
क्योंकि, डीएमके ने कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के साथ अपने सारे रिश्ते तोड़ लिए हैं।
हम विपक्ष के साथ हैं। लेकिन, हम न तो कांग्रेस के साथ हैं और न ही इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं, क्योंकि कांग्रेस ने हमें धोखा दिया है।
दयानिधि मारन, डीएमके सांसद
‘विपक्ष में भूमिका तमिलनाडु तक’
मारन का कहना है, ‘…हम इस सरकार का विभिन्न मुद्दों पर विरोध कर रहे हैं। हमने हमेशा नीट का विरोध किया है और हम इसे खत्म कराना चाहते हैं। हमने परीक्षा पेपर लीक बिल का विरोध किया। विपक्ष के तौर पर हमारी भूमिका और उद्देश्य पूरी तरह से तमिलनाडु के हितों से निर्देशित है। ‘
‘कांग्रेस बीजेपी की मदद कर रही है’
डीएमके नेता ने आरोप लगाया है कि प्रमुख आर्थिक चुनौतियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी कई बिल ला रही है।
इसके लिए उन्होंने वंदे मातरम् के अपमान को दंडात्मक बनाने वाले बिल का भी हवाला दिया, जिसका डीएमके ने संसद में विरोध किया।
मारन ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट की वजह से भारत को बढ़ती हुई तेल की कीमतों के संकट का सामना करना पड़ रहा है और इसकी वजह से अर्थव्यवस्था दबाव में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन ‘वास्तविक मुद्दों’ पर ध्यान देने के बजाए कांग्रेस बीजेपी की मदद कर रही है।








