एनटीए पर क्यों लगातार उठ रहे सवाल……………

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा जून, 2026 की यूजीसी-नेट परीक्षा के अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियों और प्रश्नों की पुनरावृत्ति को स्वीकार करते हुए सितंबर में इन विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित करने की घोषणा बेशक कर दी गई है, लेकिन यह स्थिति चिंताजनक इसलिए है, क्योंकि जिस परीक्षा के जरिये […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 19 अगस्त 2026, 07:09 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
एनटीए पर क्यों लगातार उठ रहे सवाल……………
Photo: UB India News Archive

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा जून, 2026 की यूजीसी-नेट परीक्षा के अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियों और प्रश्नों की पुनरावृत्ति को स्वीकार करते हुए सितंबर में इन विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित करने की घोषणा बेशक कर दी गई है, लेकिन यह स्थिति चिंताजनक इसलिए है, क्योंकि जिस परीक्षा के जरिये विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) तथा शोध के लिए पात्रता तय होती हो, उसकी विश्वसनीयता पर उठने वाला कोई भी सवाल, सीधे देश की अकादमिक व्यवस्था की गुणवत्ता तथा भविष्य से भी जुड़ जाता है।

अमूमन ऐसे मामलों में कुछ गलत या दोहराव वाले प्रश्नों को हटाकर कोई बीच का रास्ता खोजा जाता है, लेकिन अगर विशेषज्ञ समिति ने पुनर्परीक्षा को ही उचित रास्ता बताया है, तो इससे प्रश्नपत्रों में त्रुटियों की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अभ्यर्थियों के अनुसार, अंग्रेजी के प्रश्नपत्र में 150 में से 67 प्रश्न, 2024 में पूछे गए प्रश्नों के समान थे और यहां तक कि उत्तर के विकल्पों का क्रम भी नहीं बदला गया था। जाहिर है कि इसे सामान्य मानवीय चूक कहकर टालना कठिन होगा। यही नहीं, तीनों प्रश्नपत्रों में टाइपिंग, गलत अनुवाद और कुछ तथ्यात्मक गलतियां भी सामने आई हैं।

उल्लेखनीय है कि जून, 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने यूजीसी-नेट परीक्षा के आयोजित होने के अगले ही दिन उसे रद्द कर दिया था। वजह यह थी कि यूजीसी को गृह मंत्रालय के साइबर अपराध समन्वय केंद्र की तरफ से ऐसी जानकारियां मिली थीं, जिनसे परीक्षा की शुचिता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। इसके बावजूद, दो वर्ष के भीतर अब प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता को लेकर सवालों का उठना इसलिए गंभीर है, क्योंकि इस बार सुधार के लिए पर्याप्त समय और अनुभव, दोनों उपलब्ध थे। इन स्थितियों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एनटीए के पदाधिकारियों को उचित ही फटकार लगाई है और सभी परीक्षाओं की प्रक्रियाओं को नए सिरे से जांचने के निर्देश भी दिए हैं। लेकिन, इसके साथ यह स्पष्ट होना भी जरूरी है कि आखिर प्रश्नपत्र तैयार करने और उनकी अंतिम जांच की जिम्मेदारी किसकी थी तथा कितने स्तरों पर इनकी गुणवत्ता जांची गई।

एनटीए का गठन इस उद्देश्य से किया गया था कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन के लिए एक आधुनिक व विश्वसनीय संस्था विकसित हो सकेगी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कभी प्रश्नपत्र लीक होने, कभी तकनीकी खामियों और अब प्रश्नपत्र की गुणवत्ता को लेकर उठते सवालों ने इस संस्था की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। लिहाजा, एनटीए के सामने चुनौती सितंबर में दोबारा परीक्षा कराने भर की नहीं, बल्कि परीक्षा की विश्वसनीयता बहाल करने की भी है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰