उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से गंगा और घाघरा समेत 6 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। लखनऊ-बाराबंकी समेत 5 शहरों में शनिवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। वाराणसी में सभी 84 घाट डूब गए हैं। मणिकर्णिका घाट की छत पर अंतिम संस्कार हो रहा है। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी छत पर कराई जा रही है।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को नदी का पानी 68.74 मीटर तक पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, जलस्तर 20 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। खतरे का निशान 71.26 मीटर है। बढ़ते पानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगा में सभी छोटी-बड़ी नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। घाटों के कई रास्ते और रिवरफ्रंट के हिस्से डूबने से एक घाट से दूसरे घाट तक आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
बिहार के 28 जिलों में शनिवार को बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 10 जिलों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में 30 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है। पटना के गांधी घाट पर गंगा का पानी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बेगूसराय के मुंगेर घाट पर भी जलस्तर बढ़ने से लोगों को अंतिम संस्कार में परेशानी हो रही है।
पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया. दियारा इलाकों के निचले हिस्सों में पानी भरने लगा. इसका सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा है. पानी भरने के कारण कई जगह बच्चों और शिक्षकों का स्कूल जाना भी बंद हो गया है. हाथीदह में भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर बताया जा रहा है. वहीं पुनपुन में भी पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है. शेरपुर-दिघवारा पुल पर भी बढ़ते जलस्तर और परिस्थितियों को देखते हुए काम रोक दिया गया.
निचले इलाकों में घुसा पानी
दानापुर दियारा की पांच पंचायतों पुरानी पानापुर, कासिमचक, हेतनपुर, मानस और नवदियरी में सोता के जरिए गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है। इससे घाटों तक आवाजाही बाधित हो रही है। पुरानी पानापुर घाट के पास कटाव शुरू होने से बोल्डर पीचिंग की जरूरत महसूस की जा रही है। वहीं देवनिया नाला का जलस्तर भी खतरे के निशान के पास पहुंच गया है।
मनेर में फसलों को नुकसान
मनेर के हल्दी छपरा से छितनवां तक जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और गंगा के दक्षिणी इलाके में हजारों एकड़ खेत जलमग्न हो चुके हैं। हालांकि, उत्तरी दियारा को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर फिलहाल पानी नहीं चढ़ा है। मनेर सीओ ने लोगों से गंगा किनारे पिकनिक न मनाने और बच्चों को पानी से दूर रखने की अपील की है।
भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा खतरे के निशान से करीब 4 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. बढ़ते पानी के कारण प्रसिद्ध अजगैबीनाथ गंगा घाट पूरी तरह डूब गया है. मंदिर के आसपास भी पानी भर गया है. घाट पर बनी कई दुकानें और चेंजिंग रूम भी पानी में डूब चुके हैं. जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने नमामि गंगे घाट और अजगैबीनाथ घाट पर सुरक्षा बढ़ा दी है.
मुंगेर में गंगा का जलस्तर करीब 38 मीटर तक पहुंच गया. यह खतरे के निशान से महज 1.33 मीटर नीचे है. लगातार बढ़ते पानी का असर अब प्रसिद्ध चंडिका स्थान मंदिर पर भी दिखाई देने लगा. देर शाम मंदिर परिसर में बाढ़ का पानी पहुंच गया. मंदिर के आसपास भी पानी बढ़ रहा है. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले समय में परेशानी और बढ़ सकती है.
भागलपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव भी तेज हो गया. सबौर प्रखंड के राजनदीपुर गांव में नदी तेजी से कटाव कर रही है. ग्रामीणों के मुताबिक, गंगा अब गांव से करीब 50 मीटर की दूरी पर रह गई है. कई एकड़ उपजाऊ जमीन पहले ही नदी में समा चुकी है. ग्रामीणों को डर है कि अगर कटाव नहीं रुका तो जल्द ही घर भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. लोग रात में जागकर अपने घर और खेतों की निगरानी कर रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि अभी तक पर्याप्त कटावरोधी काम नहीं हुआ है. कुछ जगहों पर बालू से भरे जियो बैग जरूर रखे गए हैं, लेकिन लोग इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं.
पुनपुन नदी भी उफान पर
झारखंड में हो रही लगातार बारिश का असर बिहार की नदियों पर दिख रहा है। पुनपुन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर खतरे के निशान (50.60 मीटर) के करीब 48.50 मीटर तक पहुंच गया है। इसके अलावा कररुआ नदी में भी उफान है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ा दी है।
जलस्तर के आंकड़े भी जानें
- गांधी घाट जलस्तर: खतरे के निशान से 62 सेमी ऊपर (12 सेमी और बढ़ने की संभावना)
- हाथीदह जलस्तर: खतरे के निशान से 26 सेमी ऊपर (41 सेमी और बढ़ने की संभावना)
- पुनपुन नदी का जलस्तर: 48.50 मीटर (खतरे का निशान: 50.60 मीटर)
- प्रभावित क्षेत्र: मनेर, दानापुर की 5 पंचायतें (पुरानी पानापुर, कासिमचक, हेतनपुर, मानस, नवदियरी) और बख्तियारपुर दियारा
देशभर में मौसम से जुड़े अपडेट्स
उत्तराखंड में पिछले 6 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ और नैनीताल समेत 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश और लैंडस्लाइड के कारण प्रदेश में NH समेत 85 सड़कें बंद हैं। इनमें 1 नेशनल हाईवे, 3 स्टेट हाईवे, 8 PWD और 73 PMGSY/RWD सड़कें शामिल हैं। प्राकृतिक आपदाओं में अब तक 43 लोगों की मौत, 46 घायल और 1 व्यक्ति के लापता होने की जानकारी है।
अगले दो दिनों के दौरान मौसम का अनुमान
23 अगस्त
- अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है।
- आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ आंधी आ सकती है।
- छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में भी अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने की संभावना है।
24 अगस्त
- ओडिशा में बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है।
- आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 40-50 किलोमीचर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
- कर्नाटक के तटीय इलाकों, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।








