सावन के महीने में मछली की दावत को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सावन के पवित्र महीने में अयोध्या में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम में मछली परोसे जाने से पार्टी एक नए विवाद में घिर गई है. इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. इस मुद्दे को लेकर बीजेपी कांग्रेस पर जमकर निशाना साध रही है. इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है. रायबरेली के दौरे के दौरान सीएम ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस राम राम चिल्लाती है, तो दूसरी तरफ उसके नेता अयोध्या में मछली भोज की दावत उड़ाते हैं. उन्होंने इसे कांग्रेस का दोहरा आचरण बताया है.
‘इन्हें देखकर गिरगिट भी शर्मा जाए’
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं से किसने कहा था हनुमानगढ़ी जाने के लिए. उन्होंने कहा कि अगर मछली खानी ही थी तो अयोध्या के बाहर जाकर खा लेते. उन्होंने कहा कि यही कांग्रेस का दोहरा आचरण है. उन्होंने कहा कि इसे देखकर गिरगिट भी शर्मा जाता होगा कि मनुष्य के रूप में ये कौन सी प्रजाति आ गई है. एक तरफ राम राम चिल्ला रहे हैं, बजरंग बली के मंदिर में दंडवत होने का ढोंग कर रहें और दूसरी तरफ बाहर जाकर मछली की दावत उड़ा रहे हैं.
मुहं में राम बगल में छुरी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने सारी हदे पार कर दीं. कल वो हनुमानगढ़ी गए थे, हर हिंदु मंगलवार को व्रत रखता है, लेकिन बाबरी के भक्त मछली की दावत उड़ाते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी का आचरण सभी ने देखा. इनके मुहं में राम बगल में छुरी है.
‘रायबरेली अब बदल चुका है’
सीएम योगी ने कहा कि रायबरेली अब बदल चुका है. पहले वीआईपी के नाम पर यहां बदहाली अभाव और अराजकता थी. उन्होंने कहा कि पूर्व पीएम राजीव गांधी ने कहा था एक रूपया भेजता हूं नीचे सिर्फ 15 पैसा पहुंचता था. उन्होंने कहा कि 85 फीसदी पैसा खाने वाले लोग सपा और कांग्रेस के थे. उन्होंने कहा कि विकास आज की आवश्यक्ता है. रायबरेली का नाम आज देश में गौरव के साथ लिया जा रहा है.
अजय राय ने क्या कहा
वहीं इस मामले पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि कल निषाद समाज ने उन्हें बुलाया था और हम लोगों को दर्शन के लिए रोका जा रहा था. उन्होंने कहा कि वो मछली खिला रहे हैं वो उनका काम था. उन्होंने कहा कि मछली पालना मछली बेचना ये निषाद समाज की जीवन शैली में है.
इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अगर बीजेपी के पास उनकी मछली खाते कोई फोटो है तो उसे जारी कर दें. उन्होंने कहा कि वो इस्तीफा देने को तैयार हैं. सीएम योगी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सीएम को गेरूए वस्त्र का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि बीजेपी निषाद समाज को अपमानित कर रही है जिसे ये समाज भूलेगा नहीं.
पवन खेड़ा ने किया पलटवार
वहीं अयोध्या में मछली की दावत पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि ऐसे मुद्दे इसलिए उठाए जाते हैं ताकि पेपर लीक जैसे अहम मुद्दे न उठें. इन मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके. उन्होंने कहा कि आज जब लोग अयोध्या के बारे में सोचते हैं, तो उन्हें राम मंदिर के दान में हुई चोरी याद आती है. उन्होंने कहा कि क्या ‘माछ-भात’ लोगों को अयोध्या में दान की चोरी भुला सकता है?. उन्होंने कहा कि अजय राय शाकाहारी हैं, और अगर वह शाकाहारी न भी होते, तो भी इसमें क्या बुराई है.
उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर सावन के महीने में मछली की दावत होती है, तो यह हद से ज्यादा है। कांग्रेस जो चाहे करती है। कांग्रेस नेता हर चीज में माहिर हैं।
अगर मछली में प्याज और लहसुन डाला गया है तो वह नॉन-वेज है, लेकिन बिना प्याज-लहसुन के बनाई गई मछली को वेज माना जा सकता है। कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि मछली को प्याज-लहसुन डालकर बनाया गया था या उसके बिना।
नदियों और तालाबों की जमीन पट्टे पर दी जाती थी
वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मछली दावत को लेकर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने अयोध्या में भगवान राम से जुड़े धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन किया और हनुमानगढ़ी तथा राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह निषाद समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
अजय राय ने कहा कि मछली पकड़ना, बेचना और खाना निषाद समाज की पारंपरिक आजीविका का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज नदी से जुड़ा है और कांग्रेस शासन के दौरान इस समुदाय को सम्मान मिला तथा नदियों और तालाबों की जमीन पट्टे पर दी जाती थी।
दरअसल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय रविवार (23 अगस्त) को पार्टी नेताओं के साथ अयोध्या पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने हनुमानगढ़ी में बजरंग बली के दर्शन कर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया. राम मंदिर में रामलला का दर्शन करके वह तारुन के अर्पित मैरिज लॉन में आयोजित सम्मान समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे. यहां उनके स्वागत समारोह के दौरान आयोजित मछली भोज का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान मछली पकाए जाने का एक वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इसके बाद विवाद खड़ा हो गया और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया.








