नेपाल में आई भीषण बाढ़ वाली आपदा के कुछ घंटों के भीतर ही भारत ने आनन-फानन में मदद पहुंचा दी है। पहली खेप में रूप में दवाएं और राशन समेत मदद के रूप में पहली 10 टन की खेप काठमांडू पहुंच भी गई। अब तक 47 टन से ज्यादा मदद नेपात को पहुंच चुकी है। भारत की इस मदद की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से लेकर हर कोई भारत की इस दरियादिली की तारीफ कर रहा है। भारत ऑपरेशन दोस्त या ऑपरेशन मैत्री के तहत अपने पड़ोसियों और दूर-दराज के दोस्तों को मदद पहुंचाता रहा है। भारत अपने पड़ोसियों के प्रति सबसे तेज मदद पहुंचाता रहा है।
भारत ने भेज दी नेपाल को अब तक 47.2 टन मदद
भारत ने नेपाल में आई भयानक अचानक बाढ़ के बाद मानवीय मदद बढ़ा दी है। भारत ने पड़ोसी देश में चल रहे बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए 47.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) का सामान और जरूरी दवाइयां भेजी हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।’
विदेश मंत्रालय बोला-नेपाल के साथ हमेशा खड़ा है भारत
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नेपाल को मदद भेजने पर सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-नेपाल के साथ हमेशा खड़ा है भारत। इससे पहले भारत की ओर से 10 टन मानवीय सहायता राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री श्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। यह सहायता विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत कार्यों में मदद करेगी। जयशंकर के ट्वीट के करीब 2 घंटे बाद ही यह मदद नेपाल को पहुंचा दी गई। काठमांडू में ये मदद पहुंची।
राष्ट्रपति ने भी मदद की बात दोहराई
- वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया एक्स पर नेपाल में आई आपदा को लेकर सोशल मीडिया पर संवेदना जताई है। उन्होंने लिखा-अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही पर मैं नेपाल के माननीय राष्ट्रपति श्री रामचंद्र पौडेल और नेपाल की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताती हूं। इस मुश्किल घड़ी में हम नेपाल के साथ एकजुटता जताते हैं। भारत, इस आपदा से प्रभावित लोगों के लिए नेपाल सरकार के राहत और बचाव कार्यों में मदद करने को तैयार है।
- अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी पहले) नीति के जरिए भारत ने हमेशा आपातकालीन स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पड़ोसी देशों की मदद करने पर जोर दिया है।
पीएम मोदी ने बालेन शाह से बात भी की
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से भी बात की और बाढ़ में हुई जान-माल की हानि पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है और संकट के समय पड़ोसी देश के लोगों के साथ एकजुटता जताई। वहीं, पीएम मोदी के प्रति नेपाल के पीएम ने भी आभार जताया है और इसकी तारीफ की है। नेपाली प्रधानमंत्री के कार्यालय से इस बारे में सोशल मीडिया पर भारत की जमकर तारीफ की गई।
भारत की दरियादिली की दुनिया कर रही तारीफ
भारत की नेपाल को लेकर सबसे पहले मदद पहुंचाने को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर हर कोई तारीफ कर रहा है। कोई भारत को ग्रेट बता रहा है तो किसी ने कहा यह भारत का पड़ोसी धर्म है।
पड़ोसी देशों के साथ हमेशा खड़ा रहा है भारत
- भारत अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट (पड़ोसी पहले)’ नीति के तहत अपने करीबी पड़ोसियों को प्राथमिकता देता है। मदद पाने वाले प्रमुख देशों में भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, अफगानिस्तान और मालदीव शामिल हैं।
- भूटान: भारत के विदेशी सहायता बजट का सबसे बड़ा हिस्सा भूटान को जलविद्युत, बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं के लिए मिलता है।
- ग्लोबल साउथ और अफ्रीका: भारत अफ्रीकी देशों, लैटिन अमेरिका और प्रशांत द्वीप देशों को भी ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’ और अनुदान देता है।
भारत के मदद के तरीके क्या क्या हैं
भारत विदेश मंत्रालय के माध्यम से सीधे वित्तीय अनुदान और रियायती दरों पर ऋण सुविधा (लाइन ऑफ क्रेडिट) देता है। वहीं, क्षेत्रीय मानवीय संकटों और प्राकृतिक आपदाओं के समय भारत सबसे पहले मदद पहुंचाने वाले देश के तौर पर काम करता है और भोजन, दवाइयां और बचाव दल (जैसे ऑपरेशन दोस्त या ऑपरेशन मैत्री) उपलब्ध कराता है।
नेपाल के दूतावास ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत भारत के नेताओं का संवेदना और समर्थन जताने के लिए धन्यवाद किया. दूतावास ने भारत की ओर से मिली त्वरित मानवीय सहायता और राहत कार्यों में सहयोग की भी सराहना की है.
नेपाल में 26 अगस्त को आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद नेपाल के दूतावास ने भारत सरकार और भारतीय जनता का आभार जताया है. दूतावास ने कहा कि इस आपदा में कई लोगों की मौत हुई है, बड़ी संख्या में लोग घायल और बेघर हुए हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं. नेपाल सरकार सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही है. करीब 300 भारतीयों के भी लापता होने की पुष्टि नेपाली विदेश मंत्री ने की है.
पाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह गुरुवार सुबह बाढ़ प्रभावित नुवाकोट के बिदुर क्षेत्र के निरीक्षण के लिए रवाना हुए. उनके साथ बुनियादी ढांचा विकास मंत्री सुनील लम्साल भी हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, दोनों काठमांडू से सुबह 9:30 बजे सड़क मार्ग से बिदुर के लिए निकले. यह इलाका बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है. दौरे के दौरान शाह और लम्साल बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेंगे और स्थानीय अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों तथा जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे.








