भारतीय शहरों का असली संकट, घरेलू ऋण 2015 की तुलना में अब काफी अधिक…….
भारत के शहर लाखों लोगों के लिए महंगे साबित हो रहे हैं। आर्थिक तंगी के चलते गुजर-बसर करने के लिए परिवारों को धीरे-धीरे कर्ज लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शहरी गरीबों का जीवन हमेशा से ही अनिश्चित रहा है, लेकिन अब निम्न मध्यवर्ग और मध्यवर्ग भी इस परेशानी को महसूस कर रहे […]