अमेरिकी सेना ने ईरान पर करीब एक महीने बाद फिर हमला किया है। रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया गया। लारक द्वीप होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है। अमेरिका के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जवान यहां से होर्मुज स्ट्रेट में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे। ईरानी सेना ने दावा किया कि इसमें कई सैनिक और नागरिक मारे गए, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी हमले के कुछ समय बाद ईरान ने जॉर्डन में दो अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया। प्रेस टीवी के मुताबिक, किंग हुसैन और अल-अजराक एयरबेस के तकनीकी एवं रखरखाव ढांचे और लड़ाकू विमानों की पोजिशन को निशाना बनाया गया। हालांकि, अल अरबिया के मुताबिक जॉर्डन की एयर डिफेंस ने ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक AI से बना वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि ईरान का प्रमुख ऊर्जा केंद्र खार्ग द्वीप पूरी तरह तबाह हो रहा है. हालांकि, इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई दूसरा सबूत सामने नहीं आया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, खार्ग द्वीप पर ईरानी ऊर्जा केंद्र पर हमले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. इस मामले में व्हाइट हाउस और अमेरिकी रक्षा विभाग से भी जानकारी मांगी गई, लेकिन तुरंत कोई जवाब नहीं मिला.
ईरान के लिए अहम है खार्ग द्वीप ईरान के लिए खार्ग द्वीप बेहद अहम है, क्योंकि उसके कुल कच्चे तेल के निर्यात का करीब 90 से 95 फीसदी हिस्सा इसी द्वीप के टर्मिनल से होकर जाता है. यहां बड़ी मात्रा में कच्चा तेल स्टोर किया जाता है और बड़े तेल टैंकरों में भरा जाता है. इस तेल से ईरान को अरबों डॉलर की कमाई होती है. द्वीप के आसपास समुद्र काफी गहरा है, इसलिए बड़े जहाज आसानी से यहां पहुंच सकते हैं और फारस की खाड़ी व होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल दूसरे देशों तक ले जाते हैं. ऐसे में खार्ग द्वीप को नुकसान पहुंचने से ईरान का तेल निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है और उसकी अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है. AI से बनाया गया वीडियो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है. हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई और जानकारी या सबूत नहीं दिया. वहीं, रॉयटर्स की जांच में सामने आया कि ट्रंप के पोस्ट के साथ शेयर किया गया धमाकों वाला वीडियो संभवतः AI की मदद से बनाया गया था. AI से बदली गई तस्वीरों और वीडियो की पहचान करने वाले सॉफ्टवेयर ने भी इसमें हेरफेर के संकेत दिए हैं. होर्मुज के बीच में है लारक द्वीप लारक द्वीप ईरान के प्रमुख बंदरगाह बंदर अब्बास के पास है और होर्मुज के ठीक बीच में स्थित है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए बेहद अहम है, क्योंकि युद्ध से पहले दुनिया के इस्तेमाल होने वाले करीब 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आवाजाही इसी रास्ते से होती थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान फिलहाल इस द्वीप के पास से गुजरने वाले टैंकरों की जांच कर रहा है और जहाजों से स्ट्रेट पार करने के लिए 20 लाख डॉलर यानी करीब ₹19 करोड़ तक टैक्स वसूल रहा है। अमेरिकी सेना ने हाल ही में हटाई थीं बारूदी सुरंगें अमेरिकी सेना ने पिछले हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट के अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने का काम पूरा किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा था कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मौजूद सभी सुरंगों को हटा दिया गया या निष्क्रिय कर दिया गया है। ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई जहाज या नाव होर्मुज स्ट्रेट में नई समुद्री सुरंगें बिछाने की कोशिश करेगी, तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। होर्मुज को अमेरिका का इलाका बता चुके हैं ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपतिट्रम्प होर्मुज स्ट्रेट को ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ यानी नया अमेरिकी इलाका बता चुके हैं। 18 अगस्त को उन्होंने पहली बार होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने 23 अगस्त को ट्रुथ सोशल पर दोबारा ऐसी तस्वीर शेयर की, जिसमें होर्मुज को अमेरिकी इलाके के तौर पर दिखाया गया।








