दिल्ली में अब 15 करोड़ ऑफर पर दंगल, एलजी ने मारी एंट्री…..

दिल्ली चुनाव के नतीजे आने में मात्र 24 घंटे रह गए हैं. लेकिन, दिल्ली में अब अलग ही सियासी दंगल शुरू हो चुका है. कल शाम से ही आम आदमी पार्टी आरोप लगा रही थी कि उनके उम्मीदवारों को खरीदने की कोशिश की जा रही है. उनको फोन किया जा रहा है और 15 करोड़ […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 7 फरवरी 2025, 10:18 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
दिल्ली में अब 15 करोड़ ऑफर पर दंगल, एलजी ने मारी एंट्री…..
Photo: UB India News Archive

दिल्ली चुनाव के नतीजे आने में मात्र 24 घंटे रह गए हैं. लेकिन, दिल्ली में अब अलग ही सियासी दंगल शुरू हो चुका है. कल शाम से ही आम आदमी पार्टी आरोप लगा रही थी कि उनके उम्मीदवारों को खरीदने की कोशिश की जा रही है. उनको फोन किया जा रहा है और 15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है. मंत्री पद दिया जा रहा है.

आप के आरोप के बाद बीजेपी ने एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दर्ज कराई थी. बीजेपी की शिकायत का एलजी ने संज्ञान लेते होते हुए, तुरंत जांच के आदेश दे दिए. वहीं, एनसीबी की टीम जांच के लिए अरविंद केजरीवाल और आप सांसद संजय सिंह के घर पहुंच चुकी है.

केजरीवाल के घर विधायकों और उम्मीदवारों की बैठक खत्म हो चुकी है. बैठक के बाद निकले आप के कई विधायकों के साथ न्यूज18 की टीम ने बातचीत की. कृष्णा नगर से उम्मीदवार विकास बग्गा ने बताया कि बैठक में कल की रणनीति पर चर्चा हुई और विधायकों को कॉल आ रहे हैं उस पर चर्चा हुई. सीलमपुर से उम्मीदवार चौधरी ज़ुबैर अहमद ने मीडिया को बताया कि चौथी बार बहुमत से हमारी सरकार आ रही है. पटेल नगर से उम्मीदवार प्रवेश रतन ने बताया कि काउंटिंग और विधायकों को जो कॉल आ रहे हैं उस पर चर्चा हुई. आप के विधायक मुकेश अहलावत ने न्यूज18 से बात करते हुए उस नंबर को कैमरे को दिखाया, जिससे उनको कॉल आया था.

दिल्ली चुनाव के नतीजे आने से पहले सियासी हलचल बढ़ गई है. केजरीवाल के घर आप के उम्मीदवारों की बैठक चल रही है. केजरीवाल ने आज सुबह ही इसकी जानकारी दे दी थी कि उनके घर पर उनके सभी 70 उम्मीदवारों को चाय पर बुलाया गया है. वहीं कल शाम से आप ने आरोप लगाया कि उनके उम्मीदवार को खरीदने की कोशिश की जा रही है. उनको 15 करोड़ रुपये और मंत्री पद का लालच दिया जा रहा है.

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि दिल्ली में प्रचंड बहुमत से डबल इंजन की सरकार बनने जा रही है और हार की हताशा में केजरीवाल अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं. अरविंद केजरीवाल की इमेज ठग और झूठ बोलने वाले नेता की है. साफ दिख रहा है कि आम आदमी पार्टी हार रही है. इनका सूफड़ा साफ हो रहा है. कोई बोलता है 7 विधायकों को फोन आता है कोई बोलता है 14 को आया कोई बोलता है 15 को आया देश में सबसे ज्यादा झूठ बोलने वाला अगर कोई है तो वह अरविंद केजरीवाल है. कांग्रेस पार्टी नेतृत्व विहीन पार्टी है. नकारात्मक राजनीति करती है और यही चीज संदीप दीक्षित और मुदित अग्रवाल के बीच दिख रहा है.

केजरीवाल के कैबिनेट में मंत्री मुकेश अहलावत ने दिल्ली चुनाव के नतीजे आने से पहले दावा किया कि उनको खरीदने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा, ‘मैं मर जाऊंगा, कट जाऊंगा लेकिन कभी अरविंद केजरीवाल का साथ नहीं छोडूंगा. मुझे इस नंबर …. से फ़ोन आया. उसने बोला कि उनकी सरकार बन रही है, मंत्री बना देंगे और 15 करोड़ भी देंगे. ‘आप’ छोड़ के आ जाओ. मैं इनको कहना चाहता हूं कि जो इज़्ज़त केजरीवाल जी ने और ‘आप’ पार्टी ने मुझे दी है, मैं मरते दम तक अपने पार्टी को नहीं छोड़ूंगा.’

दिल्ली चुनाव के नतीजे आने में मात्र 24 घंटे रह गए हैं. सभी पार्टियों में हलचल बढ़ गई है. बड़ी खबर आ रही है कि नतिजों से पहले और एग्जिट पोल आने के बाद पहली बार अरविंद केजरीवाल ने मौजूदा विधायकों और सभी 70 उम्मीदवारों के साथ बैठक बुलाई है. अरविंद केजरीवाल ने आज 11.30 बजे अपने आवास पर बुलाया है. अरविंद केजरीवाल ने सभी उम्मीदवारों को चाय पर बुलाया है.

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. एग्जिट पोल 5 फरवरी के मतदान के बाद ही आने लगे थे. टुडेज चाणक्‍य से लेकर एक्‍स‍िस माई इंड‍िया तक सभी के एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी जीतती न आ रही है. टुडेज चाणक्‍य अपने सटीक भविष्यवाणी के लिए जाना जाता रहा है. 2015 के दिल्ली विधानभा चुनाव में इसने सटीक अनुमान लगाया था. इस बार टुडेज चाणक्‍य के अनुसार दिल्ली में भाजपा बहुमत के आकड़े से काफी आगे जाती दिख रही है, वहीं, इसके अनुसार आप को नुकसान होने का अनुमान लगाया है.

बहरहाल जो भी दिल्ली चुनाव के नतीजे आने में मात्र 24 घंटे ही रह गए है. उसके साफ हो जाएगा कि दिल्ली मे सत्ता का दावेदार कौन होगा? भाजपा 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी करेगी, या फिर कांग्रेस अपनी 10 साल की वनवास खत्म कर दिल्ली संभालेगी. हालांकि, अरविंद केजरीवाल की पार्टी और उनके नेता दिल्ली में हैट्रिक को लेकर काफी आश्वस्त दिख रहे हैं. जो भी हो,

14 एग्जिट पोल में दावा- इस बार दिल्ली में भाजपा सरकार

दिल्ली चुनाव पर 14 एग्जिट पोल आ चुके हैं। इनमें 12 ने भाजपा को बहुमत दिखाया है। वहीं 2 में कहा गया है कि AAP की सरकार आ सकती है। एक्सिस माई इंडिया पोल के मुताबिक, भाजपा दिल्ली की 70 सीटों में से 45 से 55 सीटें जीत सकती है, जबकि सीएनएक्स का अनुमान इससे भी ज्यादा है, जो भाजपा को 49 से 61 सीटें दे रहा है। सभी के ऐवरेज यानी पोल ऑफ पॉल्स में भाजपा को 41, AAP को 28 और कांग्रेस को 1 सीट मिलने का अनुमान है।

 

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰