फ्यूल कंट्रोल स्विच या कुछ और…? अहमदाबाद विमान हादसे के एक महीने बाद भी नहीं मिला जवाब

12 जून 2025… यह वह तारीख है जब अहमदाबाद हवाई अड्डे से एयर इंडिया की फ्लाइट ( Ahmedabad Flight Crash ) उड़ान भरने के कुछ ही देर में क्रैश हो गई। इस साल के सबसे बड़े विमान हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई। हादसे को एक महीने पूरे होने को है, लेकिन अब […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 11 जुलाई 2025, 09:04 AM 4 मिनट read
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फ्यूल कंट्रोल स्विच या कुछ और…? अहमदाबाद विमान हादसे के एक महीने बाद भी नहीं मिला जवाब
Photo: UB India News Archive

12 जून 2025… यह वह तारीख है जब अहमदाबाद हवाई अड्डे से एयर इंडिया की फ्लाइट ( Ahmedabad Flight Crash ) उड़ान भरने के कुछ ही देर में क्रैश हो गई। इस साल के सबसे बड़े विमान हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई। हादसे को एक महीने पूरे होने को है, लेकिन अब अधिकारियों द्वारा ब्लैक बॉक्स की जांच को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जांच अधिकारियों की यह चुप्पी तब भी जारी है, जब सिएटल स्थित एविएशन पब्लिकेशन कंपनी द एयर करंट द्वारा रिपोर्ट जारी की गई है कि जांच दल का ध्यान फ्लाइट के फ्यूल कंट्रोल स्विच पर है। ये स्विच विमान के दोनों इंजनों को पावर देने में मदद करते हैं। जांचकर्ता फ्यूल स्विच से जुड़ी किन खास गतिविधियों को देख रहे हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

ब्लैक बॉक्स से अब तक नहीं मिली सटीक जानकारी

‘द एयर करंट’ को सूत्रों ने बताया कि ब्लैक बॉक्स से मिली जानकारी से यह पता नहीं चल पाया है कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले थ्रस्ट में कमी आई थी या नहीं। यह भी पता नहीं चल पाया है कि यह कमी किसी गलत, अनजाने या जानबूझकर की गई कार्रवाई का नतीजा थी या नहीं।

द एयर करंट ने अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला कि नियामकों द्वारा अब तक कोई सुरक्षा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, इसलिए बोइंग विमान या उसमें लगे जीई एयरोस्पेस इंजन में किसी डिजाइन या यांत्रिक खराबी का कोई सबूत नहीं है। इसलिए जांच ने अपनी जांच फ्यूल स्विच पर केंद्रित कर दिया है। वहीं बोइंग के विमानों के हाल के वर्षों में हुए हादसों के कारण कंपनी को खराब मैन्युफैक्चरिंग के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है ।

क्यों अहम है फ्यूल स्विच?

विमान के दोनों इंजनों में रन और दो पोजिशन होते हैं, पहला रन और दूसरा कटऑफ। जब विमान हवा में होता है और स्विच कटऑफ पर चला जाए तो इंजन को फ्यूल मिलना बंद हो जाता है, जिससे इंजन को मिलने वाला थ्रस्ट खत्म हो जाता है। साथ ही विमान में बिजली सप्लाई भी बंद हो जाती है। इसके अलावा कॉकपिट के कई उपकरण भी बंद हो जाते हैं।

कब किया जाता है फ्यूल स्विच का उपयोग?

बोइंग 787 के एक सीनियर कमांडर ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि फ्यूल स्विच का उपयोग आमतौर पर सिर्फ आपात स्थिति में किया जाता है। खासकर जब विमान के दोनों इंजन एक साथ फेल हो जाते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए पायलट को कठिन ट्रेनिंग दी जाती है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक इंजन काफी गर्म होता है और उसे बंद करने के बाद धीरे-धीरे ठंडा होने दिया जाता है। लेकिन यदि दोनों इंजन फेल हो जाते हैं तो पायलट को फ्यूल कटऑफ करना पड़ता है और एक सेकंड का इंतजार फिर से शुरू करना होता है। इस आपात स्थिति में विमान को एक छोटा विंड टरबाइन पॉवर बैकअप के रूप में काम करता है।

कमांडर ने कहा ‘स्विच काफी महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए उसे धोखे से या धक्का लगने से हिलाया नहीं जा सकता है। कमांडर ने जोर देकर कहा, “जांच अधिकारी इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि स्विच बंद किए गए थे या चालू। लेकिन पायलटों ने यह कदम उठाया ही क्यों? यही बात मायने रखती है। इसके अलावा, आपात स्थिति के दौरान लैंडिंग गियर नीचे क्यों रहा, क्योंकि इससे अत्यधिक प्रतिरोध उत्पन्न हो सकता था।

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