पारस HMRI अस्पताल हत्या मामले में बिहार पुलिस को बड़ी सफलता,छह आरोपी गिरफ्तार

पटना के पारस HMRI अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या के मामले में बिहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने पश्चिम बंगाल से हत्याकांड में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उन्हें पटना लाया जाएगा। […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 19 जुलाई 2025, 09:02 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
पारस HMRI अस्पताल हत्या मामले में बिहार पुलिस को बड़ी सफलता,छह आरोपी गिरफ्तार
Photo: UB India News Archive

पटना के पारस HMRI अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या के मामले में बिहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने पश्चिम बंगाल से हत्याकांड में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उन्हें पटना लाया जाएगा। कुछ और आरोपियों के ठिकानों की जानकारी मिली है जहां छापेमारी जारी है।

गुरुवार सुबह की बात है, पटना के राजा बाजार स्थित एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती गैंगस्टर चंदन मिश्रा पर वार्ड में घुसकर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी गईं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस बीच पुलिस और प्रशासन पर पर लग रहे हीलाहवाली के आरोपों में एक नया मामला जुड़ गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया और यह मामला काफी चर्चा में रहा। अब इस मामले में पुलिस के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक शनिवार तड़के गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या के मामले में कोलकाता के पास न्यू टाउन से कम से कम पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

कोलकाता से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि पटना पुलिस और पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स(एसटीएफ) की संयुक्त छापेमारी के बाद आरोपियों को न्यू टाउन में स्थित एक आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया। पटना के एक निजी अस्पताल में गुरुवार सुबह बंदूकधारियों ने हत्या के एक मामले में दोषी चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बिहार के बक्सर जिले का निवासी चंदन मिश्रा पैरोल पर जेल से बाहर था।

फोन से हुए ट्रैक
पुलिस के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया, “सभी आरोपी न्यू टाउन में स्थित आवासीय परिसर में एक फ्लैट में छिपे हुए थे। इन पांच आरोपियें में से चार लोग सीधे तौर पर हत्या में शामिल हैं और घटना के बाद ये लोग पटना से भागकर कोलकाता आ गए थे।” उनके मोबाइल फोन के नेटवर्क टावर की लोकेशन से उनका पता लगाने में मदद मिली। बिहार पुलिस उन्हें एक स्थानीय अदालत में पेश कर ‘ट्रांजिट रिमांड’ का आग्रह करेगी।”

हत्या के 12 मामलों में था अपराधी
घटना का कथित सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें पांच हथियारबंद लोग अस्पताल ICU में घुसकर और मिश्रा पर गोलियां चलाते नजर आए। पुलिस ने बताया कि मिश्रा बेउर जेल में बंद था और पैरोल पर इलाज के लिए अस्पताल गया था। वह हत्या के 12 मामलों समेत 24 आपराधिक मामलों में शामिल था।

सुरक्षा में चूक की हो रही जांच
पटना (मध्य) की पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीक्षा ने शुक्रवार को ‘भाषा’ को बताया था कि इस बात की जांच की जाएगी कि बिना किसी सुरक्षा जांच के अपराधी चंदन के कमरे तक कैसे पहुंचे। इससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं। बिना मास्क पहने पांच हथियारबंद हमलावर दूसरी मंजिल पर गए, मिश्रा पर गोलियां चलाईं और परिसर से भाग गए। अधिकारी सुरक्षा में हुई चूक में किसी मिलीभगत की जांच कर रहे हैं।

चंदन के शरीर में थी 32 गोलियां

पटना के पारस हॉस्पिटल में मारे गए कुख्यात चंदन मिश्रा का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव सोनवर्षा के करीब गंगा घाट पर किया गया. जहां इलाके के लोगों की भीड़ जमा हो गई. चंदन के पिता श्रीकांत मिश्रा (उर्फ मंटू मिश्रा) ने मुखाग्नि दी. बता दें कि 34 वर्षीय चंदन का शव पोस्टमॉर्टम के बाद गांव ले जाया गया था. तभी से इलाके के लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया था. 

चंदन के शरीर में थी 32 गोलियां
घटना के बाद 4 गोलियां चलने की बात सामने आ रही थी. लेकिन चंदन पर 4 नहीं, बल्कि कुछ 36 गोलियां चलाई गई थीं. चंदन के शव के पोस्टमॉर्टम में साथ गए एक व्यक्ति ने बताया चंदन के शरीर से कुछ 32 गोलियां निकली हैं. जो कंधे से पैर के बीच मारी गई थीं. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पांच की संख्या में हथियार से लैस बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में वारदात को अंजाम दिया था. इधर हत्याकांड में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. मुख्य शूटर तौफीस को हत्या वाले दिन ही देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया था.
वहीं, आज पश्चिम बंगाल से दो बार में कुछ 9 बदमाशों को हिरासत लिया गया है. जिनसे पूछताछ की जा रही है. उधर बिहार STF की टीम बंगाल STF के साथ मिलकर पुरुलिया जेल में बंद शेरू सिंह से पूछताछ कर रही है.
पारस हॉस्पिटल पर साजिश का आरोप
चंदन मिश्रा के पिता श्रीकांत मिश्रा (उर्फ मंटू मिश्रा) ने शास्त्रीनगर थाने में पारस अस्पताल प्रशासन और जनरल सर्जन डॉ. पिंटू कुमार सिंह के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है, जिसमें हत्या की साजिश का गंभीर आरोप लगाया गया है. श्रीकांत मिश्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि चंदन मिश्रा को 15 जुलाई 2025 को फिस्टुला और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए पारस अस्पताल में भर्ती किया गया था. 
ये है डॉक्टर पर शक का कारण
उसी दिन दोपहर 1 से 3 बजे के बीच डॉ. पिंटू कुमार सिंह ने उनका ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने कहा कि चंदन को 16 जुलाई को शाम 4 बजे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. हालांकि, बाद में डॉ. पिंटू ने डिस्चार्ज की तारीख बढ़ाकर 17 जुलाई कर दी. श्रीकांत का आरोप है कि 17 जुलाई की सुबह करीब 7:15 बजे पांच हथियारबंद अपराधियों ने अस्पताल के ICU वार्ड में घुसकर चंदन की गोली मारकर हत्या कर दी.
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰