बंगाल में भीषण बस हादसा, गंगा स्नान से लौट रहे बिहार के 10 श्रद्धालुओं की मौत, 25 घायल

पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान में शुक्रवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 पर फागुपुर के पास एक बस खड़े ट्रक से जा टकराई. इस हादसे में 10 तीर्थयात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए. बताया जा रहा […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 15 अगस्त 2025, 07:07 AM 4 मिनट read
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बंगाल में भीषण बस हादसा, गंगा स्नान से लौट रहे बिहार के 10 श्रद्धालुओं की मौत, 25 घायल
Photo: UB India News Archive
पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान में शुक्रवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 पर फागुपुर के पास एक बस खड़े ट्रक से जा टकराई. इस हादसे में 10 तीर्थयात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए. बताया जा रहा है कि सभी यात्री बिहार के रहने वाले थे. बस में सवार सभी तीर्थयात्री बिहार के मटिया थाना क्षेत्र के चिरैसा सरस्वा घाट इलाके के निवासी बताए जाते हैं. बिहार से बस द्वारा 45 तीर्थयात्री गंगासागर गए थे. वहां से लौटते समय शुक्रवार सुबह बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. प्रथम दृष्टया पुलिस का मानना है कि बस चालक को नींद आ जाने के कारण यह दुर्घटना हुई है.

जानकारी के मुताबिक बस में सवार सभी लोग गंगा स्नान कर लौट रहे थे. सुबह के समय जब बस फागुपुर के पास पहुंची, तभी सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री अंदर फंस गए.
स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी. हादसे की गंभीरता देखते हुए पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे. आसपास के लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और तुरंत बर्दवान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने बताया कि कुछ घायलों की हालत नाज़ुक बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस तेज रफ्तार में थी और ड्राइवर संभवतः ट्रक को समय पर देख नहीं पाया. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हादसे की वजह ड्राइवर की लापरवाही, सड़क की स्थिति या खराब मौसम थी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है.
इस दर्दनाक घटना से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है. बिहार में भी उनके गांवों में शोक का माहौल है. प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी है और घायलों के इलाज के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है.

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की पार्किंग व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े ट्रक और तेज रफ्तार बसें मिलकर कई बार जानलेवा स्थितियां पैदा कर देती हैं, जिन्हें रोकने के लिए सख्त कदम उठाने जरूरी हैं.

बताया जा रहा है कि तीर्थयात्रियों से भरी बस कोलकाता से दुर्गापुर जा रही थी। सभी यात्री बिहार के थे। बस में 5 बच्चों समेत 40 लोग सवार थे। वे गंगा स्नान करके लौट रहे थे। लगभग सभी सो रहे थे। अचानक एक जोरदार झटका लगा। कई यात्री अपनी सीटों से उछल गए। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हादसा कैसे हुआ, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच से पता चलता है कि बस चालक को नींद आ गई होगी। इसी वजह से यह हादसा हुआ होगा। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। जांचकर्ता बस की गति पर भी नजर रख रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि ट्रक सड़क के एक तरफ खड़ा था। बस चालक के नियंत्रण खोने से यह हादसा हुआ।

बर्दवान मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक तपस कुमार घोष ने बताया कि 10 लोगों की अस्पताल ले जाने से पहले ही मौत हो गई। 35 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 5 की हालत गंभीर है।

हादसे में शामिल बस के एक घायल यात्री बिस्वजीत कुमार ने कहा, “हम बिहार के रहने वाले हैं। बस दुर्गापुर जा रही थी। हम सब सो रहे थे। तेज़ झटके से मेरी आँख खुल गई। मैं बस के आगे की तरफ़ गिर गया। मेरे माथे पर चोट लगी। ये सब कैसे हो सकता है!”

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