अमेरिका के बायकॉट के बावजूद G20 घोषणापत्र मंजूर, यूक्रेन-फिलिस्तीन पर रहा मेन फोकस, भूखमरी पर जताई गई चिंता

जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले शासनाध्यक्षों ने शनिवार को अमेरिका द्वारा रोकने के प्रयासों के बावजूद सर्वसम्मति से एक घोषणापत्र को स्वीकार कर लिया। दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं सहयोग मामलों के मंत्री रोनाल्ड लामोला ने सरकारी चैनल ”एसएबीसी” के साथ बातचीत में इस घोषणापत्र को बहुपक्षवाद की पुष्टि करार दिया। यह […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 23 नवंबर 2025, 07:22 AM 7 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
अमेरिका के बायकॉट के बावजूद G20 घोषणापत्र मंजूर, यूक्रेन-फिलिस्तीन पर रहा मेन फोकस, भूखमरी पर जताई गई चिंता
Photo: UB India News Archive

जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले शासनाध्यक्षों ने शनिवार को अमेरिका द्वारा रोकने के प्रयासों के बावजूद सर्वसम्मति से एक घोषणापत्र को स्वीकार कर लिया। दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं सहयोग मामलों के मंत्री रोनाल्ड लामोला ने सरकारी चैनल ”एसएबीसी” के साथ बातचीत में इस घोषणापत्र को बहुपक्षवाद की पुष्टि करार दिया।

यह हमारे लिए एक महान पल है-  दक्षिण अफ्रीका

उन्होंने कहा, यह हमारे लिए एक महान पल है, क्योंकि हमारा मानना है कि इससे अफ्रीका महाद्वीप में क्रांति आएगी। अमेरिका मेजबान देश के साथ राजनयिक मतभेद के चलते दो दिवसीय सम्मेलन का बहिष्कार कर रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बायकॉट के बावजूद 20वीं G20 समिट के पहले दिन शनिवार को सदस्य देशों ने साउथ अफ्रीका के बनाए घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया।

साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने बताया कि सभी देशों का अंतिम बयान पर सहमत होना बेहद जरूरी था, भले ही अमेरिका इसमें शामिल नहीं हुआ।

ट्रम्प ने आखिरी सेशन में मेजबानी लेने के लिए एक अमेरिकी अधिकारी को भेजने की बात कही थी। रॉयटर्स के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीकी अध्यक्षता ने अमेरिकी अधिकारी को मेजबानी सौंपने के प्रस्ताव को नकार दिया।

अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा आज G20 की अगली अध्यक्षता ‘खाली कुर्सी’ को सौंपेंगे। दरअसल, G20 समिट की 2026 की मेजबानी अमेरिका को मिलनी है। हालांकि ट्रम्प के बायकॉट के चलते अमेरिका का कोई भी प्रतिनिधि समिट में शामिल नहीं हुआ।

G20 समिट के फैमिली फोटो सेशन में वर्ल्ड लीडर्स शामिल हुए।
G20 समिट के फैमिली फोटो सेशन में वर्ल्ड लीडर्स शामिल हुए।

मोदी बोले- पुराने डेवलपमेंट मॉडल को बदलना जरूरी

पीएम मोदी ने G20 समिट के पहले दो सत्रों को संबोधित किया। पहले सेशन में उन्होंने वैश्विक चुनौतियों पर भारत का नजरिया दुनिया के सामने रखा।

मोदी ने पुराने डेवलपमेंट मॉडल के मानकों पर दोबारा सोचने की अपील की। उन्होंने कहा- पुराने डेवलपमेंट मॉडल ने रिसोर्स छीने, इसे बदलना जरूरी है।

वहीं समिट के दूसरे सत्र में पीएम ने भारत के श्री अन्न (मोटा अनाज), जलवायु परिवर्तन, G20 सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप और डिजास्टर रिस्क रिडक्शन पर बात की।

पीएम मोदी ने कहा-

G20 ने भले ही दुनिया की अर्थव्यवस्था को दिशा दी हो, लेकिन आज की ग्लोबल विकास मॉडल के पैरामीटर्स ने बड़ी आबादी को रिसोर्स से वंचित किया है और प्रकृति के दोहन को बढ़ावा दिया है। अफ्रीकी देशों पर इसका असर सबसे ज्यादा दिखता है।

 

शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेने और अपनी अनुपस्थिति में घोषणापत्र को अपनाने के प्रयासों में बाधा डालने के अमेरिका के कदम के बारे में लामोला ने कहा कि जी-20 अमेरिका के साथ या उसके बिना भी बरकरार रहेगा।

जी-20 को केवल आमंत्रित व्यक्ति की अनुपस्थिति के आधार पर ठप नहीं किया जा सकता। बहुपक्षीय मंच को सक्रिय रहना चाहिए। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से इसने अच्छा काम किया है, इसलिए दक्षिण अफ्रीका सभी बैठकों में यही संदेश दे रहा था कि हमें घोषणापत्र के साथ आगे बढ़ना होगा। एपी के अनुसार, जी-20 के सदस्य देशों ने परंपरा से हटकर शनिवार को शिखर सम्मेलन की शुरुआत में ही घोषणापत्र को स्वीकार कर लिया।

राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के प्रवक्ता ने कही ये बात

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के प्रवक्ता विंसेंट मैग्वेन्या ने कहा कि आमतौर पर घोषणापत्र को सबसे आखिर में अपनाया जाता है। लेकिनज् ऐसा लगा कि हमें घोषणापत्र को सबसे पहले स्वीकार करने की तरफ बढ़ना चाहिए। जोहानिसबर्ग में सम्मेलन की शुरुआत में ही नेताओं ने घोषणापत्र को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।

सभी देशों को जमीन पर कब्जे के लिए बल प्रयोग से बचना चाहिए

जी-20 ने शनिवार को एक सख्त संदेश में कहा कि सभी देशों को किसी अन्य देश की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता या राजनीतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध जमीन पर कब्जे की धमकी या बल प्रयोग से बचना चाहिए। घोषणापत्र में वैसे तो किसी देश का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन इसे स्पष्ट रूप से रूस, इजरायल और म्यांमार के संदर्भ में दिया गया बयान माना जा रहा है।

शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले राष्ट्राध्यक्षों द्वारा सर्वसम्मति से अपनाए गए एक घोषणापत्र में यह भी कहा गया कि विभिन्न देशों को मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करना चाहिए। इसमें नस्ल, लिंग, भाषा या धर्म के भेदभाव के बिना सभी के लिए मानवाधिकार और मौलिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देना शामिल है। 39 पृष्ठों के इस दस्तावेज में ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई और आपदा से निपटने का भी प्रमुखता से उल्लेख किया गया है।

मोदी ने G20 समिट में तीन पहल पेश कीं

1.वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार ​​​: इसका मकसद दुनिया के लोक ज्ञान, पारंपरिक चिकित्सा और सामुदायिक प्रथाओं को एक साथ लाना है।

2. अफ्रीका स्किल इनिशिएटिव: अफ्रीकी युवाओं के लिए कौशल विकास, ट्रेनिंग और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने की योजना।

3. ड्रग–टेरर नेक्सस के खिलाफ इनिशिएटिव: प्रधानमंत्री ने इसे अहम बताते हुए कहा कि ड्रग तस्करी, अवैध पैसों का नेटवर्क और आतंकवाद की फंडिंग आपस में जुड़े हैं।

यह पहल इन्हें रोकने के लिए सदस्य देशों के वित्तीय, सुरक्षा और शासन तंत्र को एकजुट करेगी।मोदी के मुताबिक, इस फ्रेमवर्क से

दिल्ली घोषणा-पत्र की सराहना की गई

इस G-20 समिट के दौरान दिल्ली में 2023 के 18वें जी-20 घोषणा-पत्र की सभी सदस्य देशों ने सराहना की। इसके तहत महिला सशक्तिकरण, जलवायु परिवर्तन फंड और डिजिटल लिटरेसी को बढ़ावा देने के बिंदुओं की समीक्षा कर नए फैसले किए गए।

UN सुरक्षा परिषद (UNSC) का विस्तार कर भारत को भी जगह दिए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ।

G7 देशों ने ही G20 बनाया

G20 को दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों के ग्रुप G7 के विस्तार के रूप में देखा जाता है। G7 में फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा हैं।

1997-98 में एशिया के कई देश (थाईलैंड, इंडोनेशिया, कोरिया आदि) आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे। उस समय सिर्फ G7 (7 अमीर देश) फैसले लेते थे, लेकिन संकट एशिया में था।

G7 ने महसूस किया कि अब सिर्फ 7 देश मिलकर दुनिया नहीं चला सकते, बल्कि भारत, चीन, ब्राजील जैसे विकासशील देशों को भी शामिल करना पड़ेगा। इन देशों ने 1999 में G20 बनाया।

शुरू में यह सिर्फ वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों का फोरम था। फिर 2008 में फैसला लिया गया कि सिर्फ वित्त मंत्री नहीं, देशों के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री भी इसमें शामिल होंगे।

नवंबर 2008 में वॉशिंगटन में पहली लीडर्स समिट हुई। इसके बाद हर साल यह समिट की जाती है।

साउथ अफ्रीका में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार राष्ट्रीय आपदा घोषित

दक्षिण अफ्रीका में महिलाओं पर बढ़ती हिंसा के खिलाफ शुक्रवार को देश के कई शहरों में बड़ी संख्या में महिलाएं इकट्ठा हुईं। ये प्रदर्शन G20 सम्मेलन से ठीक पहले हुए। लगातार दबाव और विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने महिलाओं पर अत्याचार को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया।

जोहान्सबर्ग, प्रिटोरिया, केप टाउन और डरबन समेत 15 जगहों पर महिलाएं काले कपड़े पहनकर सड़क पर उतरीं। काले पहनने का मतलब था कि वे महिलाओं के खिलाफ हिंसा के लिए शोक भी मना रही हैं और इसके खिलाफ विरोध भी कर रही हैं।

इन महिलाओं ने 15 मिनट तक चुपचाप जमीन पर लेटकर विरोध जताया। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि दक्षिण अफ्रीका में हर दिन करीब 15 महिलाओं की हत्या हो जाती है।

यह पूरा आंदोलन G20 वीमेन शटडाउन नाम से चलाया गया था, जिसे वूमेन फॉर चेंज नाम की संस्था ने आयोजित किया। उन्होंने महिलाओं और LGBTQ+ समुदाय से कहा कि वे एक दिन न कोई काम करें और न ही कहीं पैसा खर्च करें, ताकि समाज और अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका का महत्व दिख सके।

साउथ अफ्रीका में और भी विरोध प्रदर्शन

महिलाओं के खिलाफ हिंसा को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के अलावा, जलवायु और अमीरी-गरीबी की असमानता पर काम करने वाले एक्टिविस्ट्स ने G20 के खिलाफ एक अलग समिट शुरू की है।

व्हाइट अल्पसंख्यक कम्युनिटी की यूनियन और एंटी-इमिग्रेशन ग्रुप भी बेरोजगारी और भेदभाव के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
नेपाल में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 734 हुआ, 2500 से ज्यादा अभी भी लापता
समाचार

नेपाल में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 734 हुआ, 2500 से ज्यादा अभी भी लापता

नेपाल में बाढ़ के कारण आई आपदा में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी अलग-अलग जगहों पर राहत और बचाव टीमें अभियान चला रही हैं। हजारों लोग लापता हैं। इस बीच यहां दूसरी बार भयंकर बाढ़ की चेतावनी दी गई है। तिब्बत के पहाड़ों में बर्फ का टुकड़ा टूटने से तबाही आई थी। पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा और बड़ी चट्टानें बहकर आई थीं, जिससे जमकर तबाही हुई। अब दोबारा तिब्बत में ऐसे हालात बने हैं, जिसके कारण फिर से भारी मात्रा में पानी और मलबा निचले इलाकों में आ सकता है और इसके रास्ते में आने वाली हर चीज तबाह हो जाती है।

UB India News Desk30 अग॰
नेपाल बाढ़ : अब तक 626 लोगों की मौत; 2400 से ज्यादा लापता
अन्तर्राष्ट्रीय

नेपाल बाढ़ : अब तक 626 लोगों की मौत; 2400 से ज्यादा लापता

नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण 626 लोगों की मौत हुई है। 2400 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इनमें करीब 30 देशों के नागरिक शामिल हैं। भारत के कई पर्यटकों ने सुरक्षित स्वदेश वापसी के बाद राहत की सांस ली। हालांकि, उन्होंने जलप्रलय और बाढ़ की विभीषिका पर रोंगटे खड़े करने वाले […]

UB India News29 अग॰
नेपाल में आई भयानक बाढ़ में हजारों की तादाद में लोग लापता ,180 लोगों की मौत, 300 भारतीय की तलाश जारी…………
अन्तर्राष्ट्रीय

नेपाल में आई भयानक बाढ़ में हजारों की तादाद में लोग लापता ,180 लोगों की मौत, 300 भारतीय की तलाश जारी…………

नेपाल ने एक बार फिर से बुधवार को ऐतिहासिक विनाश देखा है. यहां बड़ी संख्या में लोग चीन के तिब्बत क्षेत्र से भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ में बह गए. बाढ़ में कम से कम 180 लोगों की मौत की खबर है. इस प्राकृतिक आपदा में कई देशों के लोग लापता है. करीब 1500 […]

UB India News27 अग॰
प्रकृति की शक्ति के सामने मनुष्य की तैयारियां अब भी अपर्याप्त हैं……………………….
अन्तर्राष्ट्रीय

प्रकृति की शक्ति के सामने मनुष्य की तैयारियां अब भी अपर्याप्त हैं……………………….

नेपाल के पहाड़ी जिले रसुवा में तिब्बत सीमा के निकट भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने हिमालयी क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और आपदा-प्रबंधन की सीमाओं को एक बार फिर सामने ला दिया है। अचानक आई इस बाढ़ से भारी मानवीय क्षति के साथ मकानों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को हुए नुकसान ने […]

UB India News27 अग॰
ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीज़ा अपॉइंटमेंट को क्यों रोका………….
खास खबर

ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीज़ा अपॉइंटमेंट को क्यों रोका………….

अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीज़ा अपॉइंटमेंट को रोक दिया है या उनका समय बदल दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, सभी विदेशी राजनयिक केंद्रों पर एक ग्लोबल ट्रेनिंग प्रोग्राम को लागू करने के लिए वीज़ा सेवाओं के अपॉइंटमेंट को रोका गया है। अमेरिकी […]

UB India News26 अग॰
इस्लामाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में भीषण आग, 15 नवजातों की जलकर मौत
खास खबर

इस्लामाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में भीषण आग, 15 नवजातों की जलकर मौत

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक अस्पताल में आग लगने से 15 नवजात बच्चों की मौत हो गई। यह हादसा पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के गायनेकोलॉजी वार्ड में हुआ। पाकिस्तान के जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त वार्ड की नर्सरी में 16 नवजात शिशु थे जिनमें […]

UB India News26 अग॰
नेतन्याहू ने ब्रिटेन को ‘इस्लामी गणतंत्र’ क्यों  कहा
खास खबर

नेतन्याहू ने ब्रिटेन को ‘इस्लामी गणतंत्र’ क्यों कहा

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बीते दिनों ब्रिटेन को ‘इस्लामी गणतंत्र’ की संज्ञा दे डाली। दो साल पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चुनाव प्रचार के दौरान मजाक में कहा था कि ब्रिटेन पहला परमाणु शक्ति संपन्न इस्लामी गणतंत्र बनने वाला है। उस पर ब्रिटेन की पूर्व गृहमंत्री सुवेला ब्रावरमैन ने कहा था, ‘वेंस साहब […]

UB India News24 अग॰
इमरान खान से बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में की मुलाकात …………
खास खबर

इमरान खान से बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में की मुलाकात …………

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह मुलाकात हुई। नोरीन 9 महीने बाद इमरान से मिलीं। करीब 15 मिनट की मुलाकात में परिवार ने इमरान की सेहत के बारे में पूछा। उन्होंने उन्हें सुप्रीम […]

UB India News19 अग॰
अमेरिका-ईरान की 60 दिन की डील आज खत्म, अब क्या होगा?
खास खबर

अमेरिका-ईरान की 60 दिन की डील आज खत्म, अब क्या होगा?

मिडिल ईस्ट में जारी जंग को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच जो अंतरिम समझौता (MoU) हुआ था, वह सोमवार, 17 अगस्त को खत्म होने वाला है. दोनों देशों की तरफ से अभी तक इस समझौते को आगे बढ़ाने को लेकर कोई साफ संकेत नहीं मिला है. इस अंतरिम समझौते के तहत […]

UB India News17 अग॰