ट्रंप प्रशासन एक और टैरिफ भारत पर लगाने की तैयारी में !

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत को अमेरिकी बाजार में चावल ‘‘डंप’’ करना (सस्ते दामों पर बेचना) नहीं चाहिए और वह इस मामले से ‘निपट लेंगे.’ ट्रंप ने चेतावनी दी कि शुल्क (टैरिफ) लगाकर इस ‘समस्या’ का आसानी से हल निकल जाएगा. ट्रंप ने सोमवार (8 दिसंबर 2025) को अमेरिकी राष्ट्रपति […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 9 दिसंबर 2025, 05:51 AM 5 मिनट read
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ट्रंप प्रशासन एक और टैरिफ भारत पर लगाने की तैयारी में !
Photo: UB India News Archive

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत को अमेरिकी बाजार में चावल ‘‘डंप’’ करना (सस्ते दामों पर बेचना) नहीं चाहिए और वह इस मामले से ‘निपट लेंगे.’ ट्रंप ने चेतावनी दी कि शुल्क (टैरिफ) लगाकर इस ‘समस्या’ का आसानी से हल निकल जाएगा. ट्रंप ने सोमवार (8 दिसंबर 2025) को अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में खेती और कृषि क्षेत्र के प्रतिनिधियों तथा अपने कैबिनेट के प्रमुख सदस्यों खासकर वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और कृषि मंत्री ब्रूक रोलिन्स के साथ एक गोलमेज बैठक की. उन्होंने किसानों के लिए 12 अरब डॉलर की संघीय सहायता की घोषणा की.

लुइसियाना में अपने परिवार के कृषि कारोबार ‘केनेडी राइस मिल’ का संचालन करने वाली मेरिल केनेडी ने ट्रंप से कहा कि देश के दक्षिणी हिस्से में चावल उत्पादक ‘वास्तव में संघर्ष कर रहे हैं’ और अन्य देश अमेरिकी बाजार में चावल ‘डंप’ कर रहे हैं यानी कि बेहद सस्ते दामों पर चावल बेच रहे हैं.

जब ट्रंप ने पूछा कि कौन से देश अमेरिका में चावल सस्ते दामों पर बेच रहे हैं तो राष्ट्रपति के बगल में बैठीं केनेडी ने जवाब दिया, ‘भारत और थाईलैंड; यहां तक कि चीन भी प्यूर्टो रिको में चावल सस्ते दामों पर बेच रहा है. प्यूर्टो रिको कभी अमेरिकी चावल का सबसे बड़ा बाजार हुआ करता था. हमने कई वर्षों से प्यूर्टो रिको में चावल नहीं भेजे हैं.’ केनेडी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्क काम कर रहे हैं, ‘लेकिन हमें इसे और बढ़ाने की जरूरत है’.

भारत को ऐसा करने की अनुमति क्यों है? ट्रंप ने ये क्यों पूछा

ट्रंप ने फिर बेसेंट की ओर देखते हुए कहा, ‘भारत, मुझे भारत के बारे में बताइए. भारत को ऐसा करने की अनुमति क्यों है? उन्हें शुल्क देना होगा. क्या उन्हें चावल पर छूट मिली हुई है?’ इस पर बेसेंट ने कहा, ‘नहीं सर, हम अभी उनके साथ व्यापार सौदे पर बातचीत कर रहे हैं.’ केनेडी ने ट्रंप को यह भी बताया कि भारत के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में एक मामला चल रहा है. ट्रंप ने कहा कि इसे ‘बहुत आसानी से निपटाया जा सकता है.’ उन्होंने कहा, ‘यह उन देशों पर शुल्क लगाकर बहुत जल्दी हल हो जाएगा, जो अवैध रूप से सामान भेज रहे हैं. आपकी समस्या एक दिन में हल हो जाएगी इसलिए हमें उच्चतम न्यायालय में मुकदमा जीतना है.’

भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश

‘इंडियन राइस एक्सपोर्ट्स फेडरेशन’ के आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है और वैश्विक बाजार में 28 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है. वह शीर्ष निर्यातक भी है, जिसकी 2024-25 में वैश्विक निर्यात में 30.3 प्रतिशत की हिस्सेदारी है. भारत चावल की जो किस्में वैश्विक स्तर पर निर्यात करता है, उनमें ‘सोना मसूरी’ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में पसंद की जाती है. ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है, जो दुनिया में सबसे अधिक है. इसमें रूस से तेल खरीद पर 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल है.

कौन है वो महिला, जिसने बढ़ाई भारत की टेंशन?

जिस महिला ने ट्रंप के सामने भारतीय चावलों की बात रखी, उसका नाम मेरिल केनेडी है. ये केनेडी राइस मिल की सीईओ है और बैठक में चावल किसान के तौर पर शामिल हुई थी. मेर रूज नाम छोटे से गांव में पैदा हुई मेरिल इसी ग्रामीण इलाके में पली-बढ़ी मेरिल ने यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया से अंतरराष्ट्रीय मामलों में स्नातक किया और स्पेनिश में माइनर पूरा किया. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने का मौका मिलने के बावजूद उन्होंने अपने पिता के साथ परिवार के चावल व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए घर लौटना चुना. केनेडी परिवार का एग्रीबिजनेस चावल की खेती, सुखाना, मिलिंग, वितरण, अनाज भंडारण, मार्केटिंग, भूमि प्रबंधन और रियल एस्टेट जैसे कई क्षेत्रों में काम करता है.
सिर्फ 21 वर्ष की उम्र में मेरिल ने केनेडी राइस मिल की स्थापना और विकास किया. यह अमेरिका में पिछले 25 सालों में बनी कुछ नई आधुनिक चावल मिलों में से एक है. स्थायी और ऑर्गेनिक उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए मेरिल और उनके परिवार ने अपनी खुद की ब्रांडेड चावल प्रोडक्ट लाइन शुरू की. KenChaux और 4Sisters ब्रांड के तहत उनके उत्पाद बिकते हैं. उनकी राइस मिल को साल 2018 में बिजनेस इनोवेटिव लीडरशिप अवार्ड और 2019 में मैन्युफैक्चरर ऑफ द ईयर जैसे अवॉर्ड मिले हैं. फिलहाल मेरिल अपने पति पेटन फार और दो बच्चों- एल्टन और केनेडी के साथ मेर रूज गांव में रहती हैं.

क्यों चावल पर टैरिफ की मार?

यह मामला 8 दिसंबर 2025 को ट्रंप की ओर से अमेरिकी किसानों के लिए घोषित 12 अरब डॉलर की सहायता योजना से जुड़ा है. यह पैकेज उन किसानों को दिया जा रहा है जिन्हें ट्रंप की पहले की टैरिफ नीतियों से नुकसान हुआ था. अमेरिकी चावल उद्योग के प्रतिनिधि चाहते हैं कि भारत से आने वाले चावल पर रोक या सुरक्षा बढ़ाई जाए. भारत ने पिछले साल अमेरिका को 2.34 लाख टन चावल भेजा था. साल 2025 में भारत ने दुनिया भर में 19.9 मिलियन टन चावल निर्यात किया, जो कि वैश्विक मांग पर आधारित व्यापार है, न कि किसी सब्सिडी बेस्ड डंपिंग पर. जब मेरिल केनेडी ने ट्रंप को भारत से चावल आयात पर बताया तो तुरंत ही उन्होंने कहा कि स्कॉट इंडिया का नाम लिख लो. यह मामला गंभीर इसलिए हो जाता है क्योंकि जब अमेरिकी प्रतिनिधि व्यापार वार्ता के लिए भारत आने वाले हैं, इस नए टैरिफ का ऐलान होने को है.
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