प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 की खास तस्वीर शेयर किया है. उन्होंने 2025 उन खास पल को तस्वीर को शेयर किया है, जिसमें भारत की लिगेसी दिखती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लेकर अमेरिका दौरे पर व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ के खास पल को शेयर किया है. उन्होंने […]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 की खास तस्वीर शेयर किया है. उन्होंने 2025 उन खास पल को तस्वीर को शेयर किया है, जिसमें भारत की लिगेसी दिखती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लेकर अमेरिका दौरे पर व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ के खास पल को शेयर किया है. उन्होंने अपनी तस्वीरों में बच्चों के साथ बिताए गए पल को भी शेयर किया है. आप भी देखिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 जुलाई 2025 को तमिलनाडु के ऐतिहासिक गंगैकोंडा चोलपुरम मंदिर का दौरा किया. चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती ‘आदि थिरुवथिराई’ महोत्सव में भाग लिया. इस विशेष अवसर पर उन्होंने राजेंद्र चोल के दक्षिण-पूर्व एशिया में समुद्री अभियान के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक स्मारक सिक्का जारी किया और मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की. पीएम ने काशी से लाए गए पवित्र गंगा जल से मंदिर में अभिषेक किया. चोल साम्राज्य की विरासत को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत उदाहरण बताते हुए इसे देश के समुद्री गौरव का प्रतीक कहा. (फोटो क्रेडिट- narendramodi.in)
अहमदाबाद में पीएम मोदी के रोडशो के दौरान एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला. एक महिला अपने चहेते प्रधानसेवक को सामने देख खुशी के मारे रो पड़ी. हाथ में आरती की थाली और आंखों में प्रेम के आंसू लिए, यह महिला पीएम मोदी के प्रति जनता के अटूट विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव की मिसाल बन गई है. सोशल मीडिया पर यह मार्मिक तस्वीर तेजी से वायरल हुई. (फोटो क्रेडिट-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2025 को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर पवित्र ‘धर्म ध्वजा’ फहराकर मंदिर निर्माण कार्य के औपचारिक समापन को चिह्नित किया. इस ऐतिहासिक अवसर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे; फहराए गए इस विशाल केसरिया ध्वज पर सूर्य, ‘ओम’ और कोविदार वृक्ष के चिन्ह हैं. पीएम मोदी ने इस ध्वज को ‘भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण’ का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष और संकल्प की पूर्ति से आज सदियों पुराने घाव भर रहे हैं. (फोटो क्रेडिट- narendramodi.in)
79वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से. उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को दोहराते हुए देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोपरि बताया था. अपने संबोधन में पीएम ने युवाओं के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ का ऐलान किया और साथ ही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का विशेष उल्लेख करते हुए सेना के पराक्रम की सराहना की. उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेड इन इंडिया’ पर जोर देते हुए कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘नया नॉर्मल’ स्थापित कर चुका है. (फोटो क्रेडिट- narendramodi.in)
चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक ही मंच पर नजर आए. इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने ‘सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर’ (Security, Connectivity, and Opportunity) के तीन प्रमुख स्तंभों पर जोर देते हुए आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई और दोहरे मापदंडों को समाप्त करने की वकालत की. नेताओं ने शिखर सम्मेलन के समापन पर ‘तियानजिन घोषणा’ (Tianjin Declaration) को अपनाया. इसमें एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने का संकल्प लिया गया. (फोटो क्रेडिट- narendramodi.in)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मार्च 2025 को मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पोर्ट लुइस पहुंचे.जहाँ हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने उनका भव्य स्वागत किया. पीएम मोदी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ और 21 तोपों की सलामी दी गई. इस मौके पर पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ की सुरक्षा और विकास के लिए ‘महासागर’ (MAHASAGAR – Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) विजन का अनावरण किया और मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी नवाजे गए. (फोटो क्रेडिट- narendramodi.in)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली (2025) के अवसर पर गोवा के तट पर तैनात स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ पर्व मनाया और उनकी वीरता की सराहना की. इस दौरान पीएम मोदी ने मिग-29के (MiG-29K) लड़ाकू विमानों के ‘एयर पावर डेमो’ को देखा. इसमें दिन और रात दोनों समय विमानों का डेक से उड़ान भरना और लैंडिंग करना शामिल था. उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को याद करते हुए कहा कि आईएनएस विक्रांत की गर्जना ने दुश्मनों की नींद उड़ा दी थी. (फोटो क्रेडिट- narendramodi.in)
13 फरवरी 2025 को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. ट्रंप ने अपनी प्रसिद्ध किताब ‘आर जर्नी टुगेदर’ (Our Journey Together) की एक साइन्ड कॉपी भेंट की. राष्ट्रपति ट्रंप ने इस विशेष उपहार पर पीएम मोदी के लिए एक व्यक्तिगत संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने अपने हाथों से ‘Mr. Prime Minister, You are GREAT!’ लिखा हुआ है. इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार और रक्षा संबंधों पर चर्चा की. ट्रंप ने पीएम मोदी को अपना ‘बहुत अच्छा दोस्त’ बताया. (फोटो क्रेडिट- narendramodi.in)
सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?
पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।
समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।
आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।