ऐलान-ए-जंग: क्या पाकिस्तान अफगानिस्तान को हरा पाएगा?

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में जबरदस्त जंग छिड़ गई है। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में इस्लामाबाद से लेकर एबटाबाद तक, नौशेरा से लेकर काकुल तक पाकिस्तानी फौज के ठिकानों पर जबरदस्त हमले किये।अफगान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने खैबर पख़्तूनख़्वाह में बाजौड़, खैबर, मोहमंद, खुर्रम और चित्राल वैली में पाकिस्तानी सेना की 53 […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 1 मार्च 2026, 07:16 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
ऐलान-ए-जंग: क्या पाकिस्तान अफगानिस्तान को हरा पाएगा?
Photo: UB India News Archive

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में जबरदस्त जंग छिड़ गई है। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में इस्लामाबाद से लेकर एबटाबाद तक, नौशेरा से लेकर काकुल तक पाकिस्तानी फौज के ठिकानों पर जबरदस्त हमले किये।अफगान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने खैबर पख़्तूनख़्वाह में बाजौड़, खैबर, मोहमंद, खुर्रम और चित्राल वैली में पाकिस्तानी सेना की 53 चौकियों पर हमले किये और कई चौकियों पर कब्जा कर लिया।

तालिबान ने कहा कि उसके हमले में 55 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, इनमें से 23 सैनिकों की लाशें भी अफगान लड़ाके अपने साथ अफगानिस्तान ले गए। इन हमलों की अटैक की तस्वीरें अफगान सेना ने जारी की।

पाकिस्तान के रक्षा विशेषज्ञों ने इस बात की तस्दीक की है कि अफगान फौज ने पाकिस्तानी सेना पर जबरदस्त हमले किये जिनमें बड़ी तादाद में सैनिक मारे गए हैं।

जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनसे साफ है कि पाकिस्तान को बुरी तरह मार पड़ी है। अफगान-पाकिस्तान सीमा पर बाजौड़ में तालिबान लड़ाकों ने पाकिस्तानी आर्मी के कई जवानों को बंधक बना लिया और फौजी चौकियों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।

पाकिस्तान के लोग भी मान रहे हैं कि तालिबान ने इस बार जो हमला किया है, वो पिछले साल अक्टूबर में किए गए हमले से कहीं ज्यादा खौफनाक है। इससे पाकिस्तान को बहुत नुकसान हुआ है।

पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के तीन सूबों पर बमबारी की थी, उसी वक्त तालिबान हुकूमत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात कही थी।

हालांकि पाकिस्तान सरकार ने दावा किया कि अफगान हमले में कोई खास नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन अफगान सेना ने हमले के जो वीडियो जारी किये हैं, उनमें साफ दिख रहा है कि हमले के बाद पाकिस्तानी फौजी चौकियां छोड़ कर भाग निकले। दर्जनों सैनिक मारे गए और इन चौकियों में अफगान तालिबान लड़ाके जीत का जश्न मनाते दिख रहे हैं।

इस हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर दिया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के सब्र का पैमाना छलक गया है। अब अफगानिस्तान को इसका खामियाजा भुगतना होगा।

पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन गजब-लिल-हक शुरू करने का ऐलान किया। पाकिस्तानी वायु सेना ने काबुल, लंगमान, पक्तिका, नांगरहार और खोस्त में कई जगहों पर बमबारी की।

पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने कांधार में अफगान तालिबान के मुख्यालय पर भी बमबारी की। लंगमान में पाकिस्तानी वायुसेना ने तालिबान के एक बड़े फौजी अड्डे को निशाना बनाया।

पक्तिका सूबे में पाकिस्तान ने अफगान सेना की उस वालिद ब्रिगेड के मुख्यालय पर बम गिराये, जिसने खैबर पख़्तूनख़्वाह में पाकिस्तान की फौजी चौकियों पर हमला किया था। लंगमान सूबे में पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के एक डैम और तालिबान के एक फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस पर भी बमबारी की।

पाकिस्तानी वायु सेना ने काबुल, कांधार और लंगमान पर हवाई हमले किये, तो उसके तुरंत बाद अफगान तालिबान ने पलटवार किया।

इस बार अफगान तालिबान ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद, पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी एबटाबाद और नौशेरा पर ड्रोन से हमला किया।

पाकिस्तान ने माना है कि अफगान तालिबान के हमले में उसको काफी नुकसान हुआ है। इस्लामाबाद के फैजाबाद में ड्रोन अटैक की बात पाकिस्तानी फौज ने भी कबूल की है।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि अफगान तालिबान के हमले में पाकिस्तान के 12 सैनिक मारे गए, कई जख्मी हैं और एक फौजी लापता है।

सिंध में पाकिस्तान के खिलाफ बगावत हो रही है। बलूच लिवरेशन आर्मी ने भी पाकिस्तानी सेना की नाक में दम कर रखा है और अब अफगानिस्तान के खिलाफ भी जंग शुरू हो गई।

ये पाकिस्तान के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। कुछ लोग तो कह रहे हैं कि पाकिस्तान में जो हालात है, उसके बाद पाकिस्तान कितने हिस्सों में टूटेगा, इसकी कल्पना फिलहाल करना मुश्किल है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰