म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार सुबह करीब 9 बजे गयाजी एयरपोर्ट पहुंचे। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और बिहार सरकार के मंत्री विजय सिन्हा ने उन्हें रिसीव किया। एयरपोर्ट से म्यांमार के राष्ट्रपति बोधगया के होटल वेलकम के लिए रवाना हुए। उनके साथ कई कैबिनेट मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है।
राष्ट्रपति यहां से महाबोधि मंदिर पहुंचेंगे। वहां पूजा-अर्चना के बाद, बर्मीज विहार का भी भ्रमण कर सकते हैं। यह विहार बोधगया के पुराने विहारों में से एक है। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर गयाजी की सड़कों, खासकर महाबोधि मंदिर जाने वाले रास्तों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
शनिवार को पूरे दिन ट्रैफिक को डाइवर्ट किया गया है। बोधगया प्रखंड क्षेत्र में किसी भी प्रकार के ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध है। राष्ट्रपति की सुरक्षा में जिले के तमाम अधिकारी तैनात हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
दोपहर में भोजन के बाद दोपहर करीब 3 तीन बजे राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग वापस गया एयरपोर्ट लौटेंगे और दिल्ली रवाना होंगे। उनकी ये यात्रा नई दिल्लीऔर म्यांमार के बीच बढ़ते संबंधों को उजागर करती है, जो भारत की एक्ट ईस्ट नीति और नेबरहुड फर्स्ट पहल के अनुरूप है। रविवार को वे नई दिल्ली में उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता और रणनीतिक बैठकों में हिस्सा लेंगे।
इन इलाकों में सभी तरह की गाड़ियों की आवाजाही पर रहेगी रोक
जिला प्रशासन के अनुसार, शनिवार को शाम चार बजे तक एयरपोर्ट से पहले पांच नंबर गेट, हवाई अड्डा, टेकुना फार्म, दोमुहान, नोड वन, महाबोधि मंदिर, पचहट्टी और बकरौर स्थित मतंगवापी के सुजाता मंदिर तक जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों के आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। हालांकि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
इसके अलावा नोड वन से वेलकम होटल और महाबोधि मेडिटेशन सेंटर तक भी आम वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। इस मार्ग पर सिर्फ इमरजेंसी सेवा से जुड़े वाहन ही चल सकेंगे। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि बिना जरूरी काम के प्रतिबंधित रूट पर जाने से बचें।
यातायात व्यवस्था को सामान्य रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय
गया और बोधगया के बीच यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किया गया है। वाहन चालक शेरघाटी-चेरकी-गुलरियाचक-सिकरिया मोड़ मार्ग का उपयोग कर आवागमन कर सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन की टीम विभिन्न चौक-चौराहों पर तैनात रहेगी ताकि लोगों को परेशानी न हो।
इधर, म्यांमार के राष्ट्रपति के आगमन को लेकर गया जी एयरपोर्ट पर सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई। डीएम शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में एसएसपी सुशील कुमार, एयरपोर्ट डायरेक्टर अवधेश कुमार, सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट वीएस ठाकुर समेत जिला प्रशासन, पुलिस, खुफिया एजेंसियों, इमिग्रेशन, कस्टम, एयरलाइन ऑपरेटर और एयरपोर्ट ऑपरेटर के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद एयरपोर्ट परिसर में सीआईएसएफ द्वारा मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान आपात स्थिति से निपटने की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का परीक्षण किया गया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
इबोला अलर्ट: गया एयरपोर्ट पर यात्रियों की होगी स्क्रीनिंग
गया एयरपोर्ट पर इस समय इंटरनेशनल उड़ाने बंद हैं। सीधी उड़ानों के नहीं रहने से चार्टर्ड या कनेक्टिंग उड़ानों से विदेशी टूरिस्ट बोधगया आते हैं। इस लिए इबोला के संभावित खतरे को भारत में प्रवेश करने से रोकने के लिए बुधवार को एयरपोर्ट पर एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। इसमें संक्रमण से बचाव और यात्रियों की स्क्रीनिंग को लेकर फैसले लिए गए।
बैठक में यह निश्चित किया गया कि गया एयरपोर्ट पर दिल्ली और कोलकाता से आने वाली डोमेस्टिक उड़ानों के यात्रियों की भी जांच होगी। यही नहीं उन यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली जाएगी, जो हाल में अफ्रीकी देशों की यात्रा करके भारत लौटे हैं और कनेक्टिंग फ्लाइट से गया पहुंच रहे हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए मगध मेडिकल अस्पताल में छह बेड का एक विशेष आइसोलेशन वार्ड पहले ही तैयार कर लिया है, ताकि संदिग्ध मरीज को तुरंत आइसोलेट किया जा सके।








