सुरक्षा लौटाने के फैसले के बाद 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पर असामान्य स्थिति देखने को मिली. आवास के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी वर्दी में मौजूद रहे, लेकिन वे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश का इंतजार करते नजर आए. आम दिनों की तुलना में आवास परिसर में हलचल कम रही. इस बीच राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं का आना-जाना जारी रहा.
जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने सुरक्षा घेरे में तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया. कहा जा रहा है कि दोनों नेता फिलहाल बिना सरकारी सुरक्षा के रहने की बात कह रहे हैं. राबड़ी देवी के फैसले के कुछ ही समय बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा लौटाने का निर्णय लिया. बताया जा रहा है कि दिल्ली से पटना लौटने के बाद वे इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रख सकते हैं.
गृह विभाग के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव का फैसला 4 जून को हुई राज्य सुरक्षा समिति की बैठक की सिफारिशों के आधार पर लिया गया. सरकार का कहना है कि सुरक्षा श्रेणियों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है और उसी के अनुरूप निर्णय लिए जाते हैं. सरकार ने इस मामले को पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है.
सरकारी आदेश के तहत पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक तेजप्रताप यादव की ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई है. अब उन्हें पूर्व विधायक होने के नाते एक अंगरक्षक उपलब्ध कराया जाएगा. हालांकि सांसद मीसा भारती और तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव की सुरक्षा व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया.
राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने सरकार के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अब लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा जनता करेगी. उनका आरोप है कि विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लालू-राबड़ी को कोई नुकसान पहुंचा तो जनता सरकार को माफ नहीं करेगी.
रोहिणी ने X पर लिखा-
दरअसल, 2 दिन पहले बिहार सरकार ने लालू परिवार की सुरक्षा घटा दी। लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली थी। सरकार के इस फैसले से राबड़ी देवी नाराज थीं।
- शक्ति सिंह बोले- सरकार विपक्ष को कुचलना चाहती है: RJD नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा, लालू प्रसाद और राबड़ी देवी, दोनों ही पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। पहले उन्हें घर को लेकर धोखा दिया गया, फिर घर खाली करने की धमकी दी गई। पूरे परिवार की सुरक्षा में कटौती कर दी गई। यह एक साज़िश है। वे विपक्ष को कुचलना चाहते हैं। लोकतंत्र में ऐसी राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।यह बिहार के लोगों को मंजूर नहीं है।
- मंत्री बोले- सुरक्षा लौटाना उनकी धमकी है: मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, राज्य सरकार समय-समय पर सुरक्षा की समीक्षा करती है। इसके बाद फैसला लिया जाता है कि किसे कौन सी सुरक्षा मिलनी चाहिए। सुरक्षा इस तरह से लौटाना ये उनकी मर्जी है। लोकतंत्र में किसी को रोका नहीं जा सकता है। इस तरह से सुरक्षा लौटाना उनकी धमकी है। वो परिवार को सुरक्षा के घेरे में क्यों रखना चाहते हैं। जनता ने 25 सीटों पर लाकर खड़ा कर दिया है। सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करती है।
Z+ सिक्योरिटी हटने के बाद ऐसी थी लालू-राबड़ी की सुरक्षा
राबड़ी देवी को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) से 2-8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 3 महिला अंगरक्षक (सादे कपड़ों में), 3 अंगरक्षक (वर्दीधारी), HQRT से पायलट, बुलेट प्रूफ कार और स्कार्ट और पायलट दिए गए थे।
वहीं, लालू यादव को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) से 2-8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 2 अंगरक्षक, HQRT से पायलट-बुलेट प्रूफ कार मिली थी।
इसके अलावा राज्यसभा सांसद मीसा भारती को सुरक्षा नियमों के तहत 3 बॉडीगार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, राजश्री यादव को पटना जिला बल की ओर से एक महिला अंगरक्षक की सुविधा दी गई है।








