अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग तेज हो गई है. अमेरिकी सेना के ईरान पर किए गए हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर भी बदले नजर आ रहे हैं. ट्रंप ने पहले तो इस घटना को मामूली बताया था, लेकिन अब ट्रंप का मूड आक्रामक नजर आ रहा है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था. इस हमले को लेकर ट्रंप का शुरुआती रुख काफी नरम था. वो इस हमले पर ज्यादा कड़ा रुख अपनाकर तनाव नहीं बढ़ाना चाहते थे. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में ट्रंप ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने के पक्ष में नहीं थे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि पायलट ठीक हैं. ट्रंप ने इस हमले को लेकर कहा था कि ‘ये कोई बड़ी बात नहीं थी.’
अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में की गई।
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया था कि गश्त कर रहे अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर को ईरान ने मार गिराया। हालांकि, उन्होंने कहा कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं। ट्रम्प ने लिखा, “अमेरिका को इस हमले का जवाब देना ही होगा।”
उधर, ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने और अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को ड्रोन से निशाना बनाया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरानी सेना हर हमले का जवाब देगी। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारा क्षेत्र छोड़ दें।”
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए: होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर गिरने के बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी हमले किए। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि हेलिकॉप्टर ईरान ने गिराया था, जबकि तेहरान ने हर हमले का जवाब देने की चेतावनी दी।
2. ट्रम्प बोले- 2 हफ्ते में ईरान पर ‘पूरी जीत’ का ऐलान करेंगे: रिपब्लिकन रैली में ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बढ़त बनाए हुए है और अगले दो हफ्तों में “टोटल विक्ट्री” घोषित करेगा। उन्होंने कहा कि इससे तेल की कीमतें भी नीचे आएंगी।
3. इजराइल की चेतावनी- जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे हमला: इजराइली सेना प्रमुख एयाल जामिर ने कहा कि हालिया ऑपरेशन सिर्फ शुरुआत थी। जरूरत पड़ने पर इजराइल ईरान पर और बड़े हमले करने के लिए तैयार है।
4. ट्रम्प-नेतन्याहू के रिश्तों में बढ़ी दूरी: ईरान-इजराइल तनाव के बीच ट्रम्प ने नेतन्याहू को चेताया कि संघर्ष बढ़ाने पर इजराइल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
5. होर्मुज के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर क्रैश: AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर होर्मुज स्ट्रेट के पास समुद्र में गिर गया। दोनों पायलट सुरक्षित बचा लिए गए। अमेरिकी सेना ने पहली बार समुद्र में ड्रोन बोट का इस्तेमाल कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हादसे की जांच जारी है।
लाइव अपडेट्स
हिजबुल्लाह का दावा- लेबनान में इजराइली सेना पर 14 हमले किए
हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना के ठिकानों, बख्तरबंद वाहनों और कमांड सेंटरों पर 14 हमले किए। सोमवार रात से मंगलवार तक ड्रोन, मिसाइल और रॉकेट हमलों के जरिए बिय्यादा, राशफ, अल-कवजाह और कंतारा इलाकों में इजराइली सैनिकों और सैन्य वाहनों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, रास अल-नकूरा नौसैनिक ठिकाने पर विस्फोटक ड्रोन भी दागे गए।
42 मिनट पहले
जॉर्डन बोला- 5 ईरानी मिसाइलों को मार गिराया ,जॉर्डन की सेना ने बुधवार को कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से दागी गई 5 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। सेना के मुताबिक, मिसाइलें देश के पूर्वी हिस्से में स्थित अल-अजराक क्षेत्र की ओर बढ़ रही थीं। इंटरसेप्शन के बाद मिसाइलों का मलबा अलग-अलग जगहों पर गिरा, लेकिन किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। जॉर्डन ने बताया कि सैन्य इंजीनियरिंग टीमें मलबे को सुरक्षित करने और संभावित विस्फोटकों को हटाने के लिए मौके पर भेजी गई हैं।
ईरान का दावा- जॉर्डन के एयरबेस में F-35 हैंगर तबाह किए
ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के एक एयरबेस पर लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला किया। IRGC के मुताबिक, इस हमले में F-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर और कमांड सेंटर समेत चार अहम ठिकाने नष्ट कर दिए गए। IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका के खिलाफ उसके व्यापक जवाबी अभियान का हिस्सा थी। ईरान का दावा है कि उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी वायु और नौसैनिक ठिकानों पर कुल 21 लक्ष्यों को निशाना बनाया है।
ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक यह हमला दक्षिणी ईरान के जाम क्षेत्र में किया गया। ड्रोन गिराने से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। फिलहाल अमेरिकी सेना की ओर से MQ-9 ड्रोन गिराए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बहरीन में एयर रेड सायरन बजे, लोगों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए हैं। बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और तुरंत नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। यह अलर्ट ऐसे समय जारी किया गया है जब ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकाने को ड्रोन से निशाना बनाया है। वहीं अमेरिका ने इससे पहले ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
अमेरिका के ईरान पर हमलों के बाद तेल 1% महंगा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर एक बार फिर वैश्विक तेल बाजार पर दिखा है। अमेरिकी हमलों के बाद मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 1% की तेजी आई। ब्रेंट क्रूड 83 सेंट यानी 0.9% बढ़कर 92.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड 68 सेंट यानी 0.8% चढ़कर 88.97 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले तेल की कीमतें सात हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गई थीं। हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े जोखिमों के कारण बाजार में फिर तेजी लौट आई है।
अमेरिका बोला- ईरान पर जवाबी हमले पूरे हुए
अमेरिका ने कहा है कि ईरान के खिलाफ उसकी सैन्य कार्रवाई पूरी हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह हमला अमेरिकी सेना के अपाचे हेलिकॉप्टर को गिराए जाने और क्षेत्र में अमेरिकी बलों तथा व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में किया गया। सेंटकॉम के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और निगरानी रडार ठिकानों को सटीक हथियारों से निशाना बनाया।
ईरान का दावा- बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर ड्रोन हमला किया
ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट पर ड्रोन हमला किया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई। IRGC ने कहा कि अमेरिका ने जास्क, सीरिक और केश्म द्वीप के कई ठिकानों पर हमले किए थे। इन हमलों में सीरिक के बेमानी इलाके में एक कम्युनिकेशन टावर को नुकसान पहुंचा, जबकि दो पानी की टंकियां तबाह हो गईं। ईरान ने कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई जारी रही तो जवाब और सख्त होगा। IRGC के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच टकराव अभी खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल अमेरिकी सेना की ओर से बहरीन में फिफ्थ फ्लीट पर कथित ड्रोन हमले की पुष्टि नहीं की गई है। बहरीन में तैनात अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पश्चिम एशिया में अमेरिका की सबसे अहम नौसैनिक तैनाती मानी जाती है। यह फारस की खाड़ी, अरब सागर और होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक समुद्री इलाकों की निगरानी करती है।
ईरान के बंदर अब्बास और केश्म द्वीप पर धमाके
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मंगलवार को दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और उसके पास स्थित केश्म द्वीप पर कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि धमाके किस वजह से हुए। बंदर अब्बास और केश्म द्वीप होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित हैं, जिसे दुनिया के सबसे अहम तेल और समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है।
US उपराष्ट्रपति बोले- ईरान युद्द नहीं चाहता
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाला समझौता अमेरिकी जनता के लिए बड़ी जीत होगी, चाहे इजराइल को यह पसंद आए या नहीं। वेंस ने यह भी कहा कि उनके हिसाब से ईरान अब युद्ध जारी नहीं रखना चाहता और बातचीत के जरिए समाधान चाहता है। इसलिए वह अमेरिका के सामने नए प्रस्ताव रख रहा है।
इजराइल की चेतावनी- ईरान पर फिर हमला करेंगे
इजराइली सेना प्रमुख एयाल जामिर ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो इजराइल ईरान पर फिर हमला करेगा। उन्होंने कहा कि हाल में ईरान पर किया गया हमला इससे भी बड़े अभियान की तैयारी का हिस्सा था। जामिर ने कहा कि हालिया संघर्ष के दौरान इजराइल की रक्षा और हमला करने वाली सभी सैन्य प्रणालियां पूरी तरह तैयार थीं। उन्होंने दावा किया कि इजराइल ने ईरान की तरफ से आए हमलों को रोका और तुरंत जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अगर हालात बदलने की कोशिश करेगा तो वह सफल नहीं होगा। साथ ही इजराइल हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा और उत्तरी इलाकों की सुरक्षा करता रहेगा।








