दिल्ली शराब घोटाला केस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली शराब घोटाला केस से सीबीआई मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी. अरविंद केजरीवाल आज ही तिहाड़ जेल से बाहर आ जाएंगे. वह बीते 177 दिनों से जेल में बंद रहे हैं. अरविंद केजरीवाल को जमानत मिलने में सिंघवी की दलीलें काम कर गईं. केजरीवाल ने जमानत के साथ-साथ अपनी गिरफ्तारी को भी चुनौती दी थी. अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाला से जुड़े ईडी मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच यह फैसला दिया.. दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों फैसला सुरक्षित रख लिया था. तब सीबीआई और अरविंद केजरीवाल की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें दी थीं.
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला पढ़ते वक्त क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि तर्कों के आधार पर हमने 3 प्रश्न तैयार किए हैं. क्या गिरफ्तारी में अवैधता थी, क्या अपीलकर्ता को नियमित जमानत दी जानी चाहिए, क्या आरोपपत्र दाखिल करना टीसी पर आरोप लगाने के लिए परिस्थिति में पर्याप्त बदलाव है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले से ही हिरासत में मौजूद व्यक्ति को गिरफ्तार करने में कोई बाधा नहीं है. हमने नोट किया है कि सीबीआई ने अपनी प्रशंसा में कारण दर्ज किए हैं कि उन्होंने इसे क्यों आवश्यक समझा. धारा 41ए(iii) का कोई उल्लंघन नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रख लिया था सुरक्षित
अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पांच सितंबर को अरविंद केजरीवाल की याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. अरविंद केजरीवाल को उम्मीद है कि सिंघवी की दलीलों से उनका पक्ष मजबूत हुआ है और उन्हें आज राहत मिल सकती है. सीबीआई ने इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख को 26 जून को गिरफ्तार किया था. अरविंद केजरीवाल करीब 156 दिनों से जेल में बंद हैं.
केजरीवाल की जमानत पर क्या बोले सिसोदिया?
अरविंद केजरीवाल को जमानत मिलते ही आम आदमी पार्टी के नेताओं का रिएक्शन सामने आया है. मनीष सिसोदिया ने कहा कि झूठ और साज़िशों के खिलाफ लड़ाई में आज फिर से सत्य की जीत हुई है. एक बार फिर नमन करता हूं बाबा साहेब अंबेडकर जी की सोच और दूरदर्शिता को, जिन्होंने 75 साल पहले ही आम आदमी को किसी भावी तानाशाह के मुक़ाबले मज़बूत कर दिया था.
अरविंद केजरीवाल पर पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था
सुप्रीम कोर्ट कहा था कि सीबीआई की ओर से अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद अब उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और संबंधित साक्ष्यों को देखकर यह नहीं कहा जा सकता है कि गिरफ्तारी अकारण या अवैध थी. उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत संबंधी याचिका पर निचली अदालत से संपर्क करने की भी अनुमति दी थी. अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के पांच अगस्त के उस आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, जिसमें उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार के इस मामले में उनकी गिरफ्तारी को बरकरार रखा था.
क्या है अरविंद केजरीवाल का मामला
अरविंद केजरीवाल दिल्ली शराब घोटाला केस में तिहाड़ जेल में बंद हैं. यह मामला दिल्ली सरकार की आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है. इस नीति को बाद में निरस्त कर दिया गया था. ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय आबकारी नीति स्कैम के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का एक अलग मामला दर्ज किया था. सीबीआई और ईडी के अनुसार, दिल्ली शराब नीति में संशोधन करके अनियमितताएं की गईं और लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. सुप्रीम कोर्ट ने ने 12 जुलाई को ईडी मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी.
ईडी केस में केजरीवाल को मिल चुकी है जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीएम केजरीवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. हालांकि, सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से वह जेल से बाहर नहीं आ पाए. इस बीच, दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को सीएम केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 25 सितंबर तक बढ़ा दी. उन्हें पहले दी गई न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया.








