संगम पर श्रद्धालुओं का सैलाब तड़के ही उमड़ने लगा था। प्रयागराज में देश ही नहीं, एशिया से लेकर यूरोप तक के संस्कृति प्रेमियों ने एक तट पर पुण्य की डुबकी लगाई। आस्था की लहरें हिलोरें मारने लगीं। तीर्थराज में उजाले की एक किरण तक नहीं निकली थी कि हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच महाकुंभ नगर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा था।
प्रयागराज एक दिन के लिए विश्व का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बन गया। एक दिन के लिए प्रयागराज की आबादी 4 करोड़ पार कर गई। मकर संक्रांति पर यहां 3.50 करोड़ लोगों ने स्नान किया। जिले की आबादी करीब 70 लाख जोड़ ली जाए तो प्रयागराज में एक दिन की संख्या 4.20 करोड़ हो जाती है।
आस्था, समता और एकता के महासमागम ‘महाकुंभ-2025, प्रयागराज’ में पावन ‘मकर संक्रांति’ के शुभ अवसर पर पवित्र संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगाने वाले सभी पूज्य संतगणों, कल्पवासियों व श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन! प्रथम अमृत स्नान पर्व पर आज 3.50 करोड़ से अधिक पूज्य संतों/श्रद्धालुओं ने अविरल-निर्मल त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रथम अमृत स्नान पर्व के सकुशल संपन्न होने पर सनातन धर्म के आधार सभी पूज्य अखाड़ों, महाकुंभ मेला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वच्छताकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं धार्मिक संस्थाओं, नाविकों तथा महाकुंभ से जुड़े केंद्र व प्रदेश सरकार के सभी विभागों को हृदय से साधुवाद तथा प्रदेश वासियों को बधाई।
डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक के जरिए देर रात से ही भीड़ नियंत्रण की मॉनीटरिंग हो रही है।। रात में थर्मल इमेजिंग के हिसाब से क्राउड कंट्रोल किया गया तो दिन में टीथर्ड ड्रोन व सीसीटीवी से ट्रैफिक को मॉनिटर कर रहे हैं। घाटों की लंबाई अधिक होने के कारण संगम नोज पर इस बार अधिक दबाव नहीं है। पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशीलता के साथ व्यवहार कर रहे हैं। श्रद्धालु अब प्रयागराज के साथ चित्रकूट, विंध्यवासिनी धाम, वाराणसी व अयोध्या की तरफ भी जाएंगे। इन शहरों के रास्तों पर भी श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, हमने इसकी भी व्यवस्था की है।
प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने कहा कि मकर संक्रांति पर 3.50 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। मुख्यमंत्री पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। पीएम मोदी की अपेक्षा थी कि इसे डिजिटल महाकुंभ के रूप में स्थापित किया जाए। इसे देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को कैमरे से स्कैन किया गया है। गूगल लोकेशन, यूपीआई समेत सारी सुविधा उपलब्ध कराते हुए इसे डिजिटल स्वरूप देने का प्रयास किया गया है। भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट, खोया-पाया लोकेशन आदि में एआई समेत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।
पहले अमृत स्नान पर 3.50 करोड़ से अधिक लोगों ने लगाई डुबकी
आज प्रयागराज में प्रथम महाकुंभ अमृत स्नान के अवसर पर 3.50 करोड़ से अधिक पूज्य साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संगम में पवित्र स्नान किया। श्रद्धेय संतों की पावन उपस्थिति में महाकुंभ क्षेत्र का संपूर्ण वातावरण और अधिक दिव्य एवं अलौकिक हो गया।
13 जनवरी को पौष पूर्णिमा से शुरू हुए 45 दिन के महाकुंभ के तीसरे दिन यानी आज भी संगम पर श्रद्धालुओं की भीड़ है। पहले 2 दिनों में 5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
स्नान के बाद लोगों ने प्रयागराज से लौटना शुरू कर दिया है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की ओर जाने वाली सड़कों पर भारी भीड़ देखी गई। प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर पैर रखने की जगह नहीं बची। लोगों को हॉल में रोका गया।
ट्रेनों के हिसाब से ही प्लेटफार्म पर भेजा जा रहा। रेलवे के PRO अमित सिंह ने बताया कि आज सुबह से अब तक 55 महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें रवाना की हैं।
सोमवार रात से अभी तक 4 लोगों की दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से मौत हो गई। इनमें 3 स्वरूप रानी नेहरू (SRN) और 1 मेला केंद्रीय हॉस्पिटल में भर्ती था।
रैन बसेरे, होटल फुल, लोगों ने सड़कों पर डेरा डाला जब लोगों को लगा कि उनका प्रयागराज से आज निकलना मुमकिन नहीं है, तो उन्होंने रैन बसेरों का रुख किया। लेकिन, सभी रैन बसेरे फुल हो चुके हैं। हजारों की संख्या में लोग होटल, रैन बसेरा के सामने देखे गए। लोगों ने सड़कों पर ही अपना डेरा जमा लिया है।
सोमवार को पहले स्नान पौष पूर्णिमा पर 1.65 करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई थी। मंगलवार को 3.5 करोड़ लोगों ने संगम में स्नान किया। इस तरह 2 दिनों में कुल 5.15 करोड़ लोग संगम में स्नान कर चुके हैं।
संत हर-हर महादेव का जयकारा लगाते घाट पहुंचे सुबह 6 बजे अमृत स्नान का अद्भुत दृश्य था। हाथों में तलवार-त्रिशूल और डमरू लिए संन्यासी हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए घाटों पर पहुंचे। महाकुंभ में पहली बार शाही स्नान की जगह अमृत स्नान शब्द का इस्तेमाल किया गया। अखाड़ों ने नाम बदलने का प्रस्ताव दिया था।
पोलैंड की महिला ने कहा- ऐसा विश्व में कहीं नहीं होता
पोलैंड से आई श्रद्धालु ने कहा- मैं महाकुंभ पहली बार आई हूं। मैं यहां तीन दिन रुकूंगी। मैं महाकुंभ में इसलिए शामिल हो रही हूं, क्योंकि यहां सबसे ज्यादा लोगों की भीड़ होती है। ऐसा विश्व में कहीं नहीं होता है। उसी को देखने मैं आई हूं। यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे भारत के लोग पंसद है। यह बहुत ही स्पेशल इवेंट है। मैंने सुबह बहुत एंज्वॉय किया। उम्मीद है कि बाकी लोग भी इस इवेंट को एंज्वॉय करेंगे।
इटली से आई एक महिला देवोटी ने बताया- मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। बहुत ज्यादा भीड़ है, लेकिन व्यवस्था अच्छी है। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। मैं दोबारा यहां फिर से आना चाहूंगी। यहां के लोग बहुत अच्छे हैं।
यूपी के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने कहा कि महाकुंभ के दृष्टिगत प्रयागराज के आस-पास के धार्मिक स्थलों (वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, मिर्जापुर एवं चित्रकूट और मथुरा आदि) पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गईं हैं। जो भी यहां (महाकुंभ) आए, एक अच्छा अनुभव लेकर वापस जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ किया गया है। श्रद्धालुओं के सुखद अनुभव के लिए टेंट सिटी, अतिरिक्त शौचालय, रहने-खाने की सुविधा आदि हर चीज का ध्यान रखा गया है।







