प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद हालात काबू में आ गए हैं। पहले ये खबर सामने आई थी कि सभी 13 अखाड़ों ने अमृत स्नान रद्द कर दिया है। हालांकि अब अखाड़ों ने अमृत स्नान शुरू कर दिया है। अखाड़ा परिषद ने सीएम योगी से भी बात की है।
महाकुंभ में भगदड़ के बाद श्रद्धालुओं की एंट्री रोकी गई थी
दरअसल भगदड़ के बाद महाकुंभ में क्राउड डायवर्जन प्लान लागू किया गया था और महाकुंभ में श्रद्धालुओं की एंट्री रोक दी गई थी। शहर के बाहर ही श्रद्धालुओं के जत्थों को रोका गया था। 10 से ज्यादा डीएम भीड़ को मैनेज करने में जुटे थे। प्रयागराज के बॉर्डर के इलाकों में अधिकारियों को सक्रिय किया गया था।
आज महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान
आज प्रयागराज महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान है। आज मौनी अमावस्या के मौके पर महाकुंभ में 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान है। लेकिन उससे पहले प्रयागराज में संगम तट पर भगदड़ मची, जिसमें कई श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है। घायलों को महाकुंभ नगर के केंद्रीय अस्पताल और प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल ले जाया गया है।
प्रशासन के मुताबिक, मेला क्षेत्र में कुछ महिलाओं के दम घुटने की वजह से धक्का मुक्की हुई, जिसके बाद एक के ऊपर एक महिलाएं और पुरुष गिरे। बेरीकेडिंग टूटी और करीब 2 दर्जन घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। भगदड़ की सूचना मिलते ही 50 से ज्यादा एंबुलेंस संगम तट पर पहुंचीं और घायलों को अलग अलग अस्पतालों में लेकर गई। घायलों का इलाज मेला परिसर में बने केंद्रीय अस्पताल में चल रहा है। कुछ घायलों को प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल में भेजा गया है। प्रशासन के मुताबिक, अब स्थिति काबू में है और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वो अफवाहों पर ध्यान ना दें।
रामभद्राचार्य ने भक्तों से की थी ये अपील
इससे पहले धर्मगुरू रामभद्राचार्य ने भक्तों से अपील की थी कि वह आज संगम आने का आग्रह छोड़ दें। वहीं पीएम मोदी ने सीएम योगी से बात की है और घायलों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के संगम नोज पर मंगलवार देर रात मची भगदड़ की घटना पर कहा कि संगम नोज, अखाड़ा मार्ग और नाग वासुकी मार्ग पर फिलहाल भारी दबाव है. लेकिन स्थिति नियंत्रण में है. इस समय प्रयागराज में आठ से दस करोड़ श्रद्धालु मौजूद हैं.
उन्होंने महाकुंभ में मची भगदड़ पर उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद कहा कि रात एक से दो बजे के बीच अखाड़ा मार्ग के संगम नोज पर यह घटना हुई. बैरिकेड्स को फांदकर आने में कुछ श्रद्धालु घायल हुए हैं. उन्हें अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.
उन्होंने कहा कि कल साढ़े पांच करोड़ श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में स्नान किया था. संगम नोज पर लगातार दबाव बना हुआ है. लेकिन प्रशासन मौके पर मौजूद है. मौजूदा स्थिति को लेकर सुबह से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चार बार बात हुई है. उन्होंने मौजूदा स्थिति को लेकर हालचाल लिया है. गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी भी हालात का जायजा ले चुके हैं.
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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरी अपील है कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें, संयम से काम लें. ये आयोजन सभी लोगों का है. प्रशासन उनकी सेवा के लिए तत्परता से लगा हुआ है. कोई भी अफवाह फैलाने का प्रयास करेगा तो उससे नुकसान हो सकता है. कोई अफवाह नहीं फैलाएं.
उन्होंने कहा कि प्रयागराज में भारी भीड़ का दबाव है. संगम नोज पर स्नान जरूरी नहीं है. श्रद्धालुओं के स्नान के बाद अखाड़ों का स्नान होगा. भीड़ कम होने पर संतों का स्नान होगा. नजदीक के घाट पर स्नान करेंगे. जिस घाट पर हैं, वही पर स्नान करें. संगम नोज की तरफ आने से बचें. प्रशासन का फोकस स्थानीय स्तर पर सकुशल स्नान कराने पर है.







