प्रधानमंत्री मोदी ने चेनाब ब्रिज का किये उद्घाटन , पीएम का तिरंगा लेकर चहलकदमी: प्रतीकात्मक और राजनैतिक संदेश

आज जम्मू-कश्मीर के लिए ऐतिहासिक दिन है. आज यानी 6 जून 2025 को कश्मीर का 127 साल पुराना ख्वाब पूरा होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चेनाब ब्रिज का आगाज करेंगे. चेनाब ब्रिज पर पहली बार ट्रेन दौड़ेगी. इसके साथ ही कश्मीर को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने का 127 साल पुराना सपना हकीकत […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 6 जून 2025, 05:31 AM 9 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
प्रधानमंत्री मोदी ने चेनाब ब्रिज का किये उद्घाटन  , पीएम का तिरंगा लेकर चहलकदमी: प्रतीकात्मक और राजनैतिक संदेश
Photo: UB India News Archive

आज जम्मू-कश्मीर के लिए ऐतिहासिक दिन है. आज यानी 6 जून 2025 को कश्मीर का 127 साल पुराना ख्वाब पूरा होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चेनाब ब्रिज का आगाज करेंगे. चेनाब ब्रिज पर पहली बार ट्रेन दौड़ेगी. इसके साथ ही कश्मीर को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने का 127 साल पुराना सपना हकीकत में बदल जाएगा. यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्क ब्रिज है. यह जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चेनाब नदी पर 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है. यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना का हिस्सा है. इसके तहत ही कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन शुरू हो रही है.

जम्मू-कश्मीर में उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का उद्घाटन और कटरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तिरंगा लेकर चहलकदमी करना न केवल एक ऐतिहासिक घटना है, बल्कि यह भारत की रणनीतिक, राजनैतिक और आर्थिक ताकत का प्रतीक भी है. यह घटना कई स्तरों पर पाकिस्तान सहित विश्व समुदाय को एक स्पष्ट संदेश देती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में चिनाब ब्रिज और अंजी पुल का उद्घाटन किया है. साथ ही, उन्होंने कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. चिनाब पुल, दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्क ब्रिज है जो कश्मीर घाटी को पूरे भारत से हर मौसम में रेल संपर्क प्रदान करेगा. इसके साथ ही कटरा-श्रीनगर यात्रा का समय कम करेगा. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ये प्रधानमंत्री का पहला कश्मीर दौरा है. यहां वह 46 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देने पहुंचे थे. प्रधानमंत्री जब नवनिर्मित रेल पुल पर तिरंगा लेकर चहलकदमी कर रहे थे, जाहिर है कि पड़ोसी पाकिस्तान के सीने पर नश्तर चल रहा होगा. आइये देखते हैं कि कैसे पीएम मोदी का आज का कार्यक्रम पाकिस्तान ही नहीं बल्कि चीन और अमेरिका के लिए भी आंख की किरकिरी बन गया होगा.

रेल लिंक का उद्घाटन: तकनीकी और रणनीतिक उपलब्धि

उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना भारत की सबसे जटिल और महत्वाकांक्षी इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक है. इसका अंतिम चरण, कटरा-संगलदान सेक्शन, और चिनाब ब्रिज का उद्घाटन होने के बाद जम्मू-कश्मीर देश के बाकी हिस्सों से अब हर मौसम में जुड़ गया है. सड़क मार्ग सर्दियों में बंद हो जाता रहा है.

यह रेल लाइन कई मायनों में भारत के लिए महत्वपूर्ण है. चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है, जो चिनाब नदी पर 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है. यह भूकंप के जोन 5 में स्थित है, जो इसे तकनीकी रूप से असाधारण बनाता है. यह एफिल टावर से 35 मीटर ऊंचा है और इसे 120 साल तक टिकने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी निर्माण प्रक्रिया में भारतीय इंजीनियरों ने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया है, जो भारत की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है. जो अभी पाकिस्तान के लिए दूर की कौड़ी है.

कटरा से श्रीनगर तक दो नई वंदे भारत ट्रेनों का शुभारंभ क्षेत्र में तेज और आरामदेह कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा. यह पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यात्रा को आसान बनाएगा, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

पाकिस्तान और दुनिया के लिए संदेश: यह रेल लिंक और चिनाब ब्रिज भारत की तकनीकी और रणनीतिक ताकत का प्रदर्शन है. यह दिखाता है कि भारत जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और इसे मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे पाकिस्तान की अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों को जवाब मिलता है. इसके साथ ही यह पाकिस्तान को यह भी बताता है कि भारत उससे कितना आगे निकल चुका है. पाकिस्तान आज भी ऐसे कार्यों के लिए चीन की कृपा का मोहताज है. यह परियोजना भारत की इंजीनियरिंग और इनोवेशन की क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करती है, जिससे भारत की छवि एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में और मजबूत होती है.

पीएम का तिरंगा लेकर चहलकदमी: प्रतीकात्मक और राजनैतिक संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चिनाब ब्रिज पर तिरंगा लेकर चलना एक शक्तिशाली प्रतीकात्मक कदम है. यह केवल एक औपचारिक कार्य नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता और एकता का स्पष्ट संदेश है. यह कदम विशेष रूप से हाल के संदर्भों में महत्वपूर्ण है. पाकिस्तान आज भी कश्मीर को अपना हिस्सा मानता है. पाकिस्तान बार बार कहता रहा है कि भारत यहां के लोगों की इच्छाओं का दमन करके जबरन कब्जा किए हुए है. अब दुनिया देख रही है कि यहां की चुनी हुई सरकार का मुख्यमंत्री यह खुद कह रहा है कि जो काम अंग्रेज नहीं कर पाए वो मोदी सरकार ने कर दिखाया है. कश्मीर की जनता की खुशी भी आज देखने लायक थी.

इसके साथ ही पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. इसके बाद  पीएम का कश्मीर में तिरंगा लेकर चलना यह दर्शाता है कि भारत आतंकवाद के सामने झुकने वाला नहीं है.

2019 में अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद, जम्मू-कश्मीर को भारत के अन्य राज्यों के समान बना दिया गया. पीएम का यह कदम उस नीति को और मजबूती देता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा.

पाकिस्तान और विश्व के लिए संदेश: यह एक प्रत्यक्ष संदेश है कि भारत जम्मू-कश्मीर में अपनी संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं करेगा. तिरंगा लेकर चलना पाकिस्तान के प्रायोजित आतंकवाद और अलगाववादी प्रचार के खिलाफ भारत की दृढ़ता का प्रतीक है.साथ ही, यह वैश्विक समुदाय को यह संदेश देता है कि भारत अपने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध है.

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव, क्षेत्रीय एकीकरण

रेल लिंक का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के आर्थिक तरक्की में एक मील का पत्थर है. यह क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से जोड़कर इसे मुख्यधारा में लाने का प्रयास है. वैष्णो देवी मंदिर के कारण कटरा जम्मू कश्मीर का प्रमुख केंद्र है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं. श्रीनगर और कश्मीर घाटी पर्यटन के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं. रेल कनेक्टिविटी से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय उत्पादों, जैसे सेब, केसर और हस्तशिल्प को देश के अन्य हिस्सों में आसानी से पहुंचाया जा सकेगा. इससे स्थानीय व्यापारियों और किसानों को लाभ होगा. रेल लिंक से कश्मीर के लोग देश के अन्य हिस्सों से अधिक जुड़ाव महसूस करेंगे, जिससे अलगाव की भावना कम होगी. यह युवाओं को शिक्षा और रोजगार के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा.

पाकिस्तान और विश्व के लिए संदेश: यह रेल लिंक और इससे होने वाला विकास पाकिस्तान के उस प्रचार को खारिज करता है, जिसमें वह जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग और अविकसित क्षेत्र के रूप में चित्रित करता है. यह दिखाता है कि भारत जम्मू-कश्मीर में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाने के लिए विकास के रास्ते पर काम कर रहा है, न कि केवल सैन्य उपायों पर निर्भर है.

चेनाब ब्रिज पर ट्रेन का दौड़ना अपने आप में बड़ी बात है. यह बेहतरीन इंजीनियरिंग का कमाल है. यह पहली बार है, जब कश्मीर को ट्रेन के जरिए देश के बाकी हिस्सों से जोड़ा जा रहा है. हालांकि, कश्मीर तक ट्रेन चले, इसका ख्वाब 127 साल पहले ही एक शख्स ने देखा था. उसने इसके लिए अंग्रेजी हुकूमत के सामने गुहार भी लगाई थी. उस शख्स का नाम है महाराराज प्रताप सिंह.

किसने देखा था सपना
जी हां, इसका सपना सबसे पहले 1898 में डोगरा महाराजा प्रताप सिंह ने देखा था. उस समय उन्होंने कश्मीर को भारतयी रेल नेटवर्क से जोड़ने की कल्पना की थी. मकसद था इस क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास. साथ ही देश की मुख्य धारा से जोड़ना. 127 साल पहले महाराजा प्रताप सिंह ने ब्रिटिश सरकार से अनुरोध किया था कि जम्मू-कश्मीर को भी भारत की रेल नेटवर्क से जोड़ा जाए. उनका सपना था कि शेष भारत की तरह कश्मीर भी रेल से जुड़ा हो. इसके पीछे का उनका मकसद पहाड़ी इलाकों में यातायात सुगम बनाना, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देना और देश के बाकी हिस्सों से कश्मीर को मजबूती से जोड़ना था. महाराजा प्रताप सिंह डोगरा राजवंश के सदस्य थे.

अंग्रेजों ने शुरू किया था काम मगर
कहते हैं कि महाराजात प्रताप सिंह की गुहार पर अंग्रेजों ने काम शुरू भी कर दिया था. इस सपने की नींव ब्रिटिश इंजीनियरों ने रखी थी, जिन्होंने 19वीं सदी के अंत में भारत के दुर्गम पहाड़ी इलाकों तक रेलवे लाइन पहुंचाने की योजना बनाई थी. 1898 में एक रेलवे सर्वेक्षण टीम ने जम्मू से लेकर बारामूला तक एक रेलवे रूट प्रस्तावित किया था, मगर भौगोलिक चुनौतियों, राजनीतिक परिस्थितियों और संसाधनों की कमी के चलते यह सपना अधूरा रह गया. आजादी के बाद भी इस प्रोजेक्ट पर कई बार चर्चा हुई, मगर अब जाकर यह प्रोजेक्ट हकीकत बन पाया है.

चेनाब ब्रिज की खासियत
चेनाब ब्रिज की लागत 14,86 करोड़ रुपये है. यह 1,315 मीटर लंबा है और इसमें 28,660 टन स्टील का उपयोग हुआ है. यह पुल 8 तीव्रता के भूकंप और 266 किमी/घंटा की हवा को झेल सकता है. इस ब्रिज के साथ कटरा से श्रीनगर का सफर मात्र 3 घंटे में पूरा होगा, जो सड़क मार्ग से 6-7 घंटे लेता था. यह कश्मीर के पर्यटन, सेब और हस्तशिल्प जैसे व्यवसायों को बढ़ावा देगा.

10 घंटे का सफर करीब 3 घंटे में पूरा होगा

आजादी के 77 साल बाद भी कश्मीर बर्फबारी के सीजन में देश के दूसरे हिस्सों से कट जाता है। नेशनल हाईवे-44 बंद होने से घाटी जाने का बंद हो जाता है। इसके अलावा भी सड़क के रास्ते जम्मू से कश्मीर जाने में 8 से 10 घंटे का समय लग जाता था। ट्रेन शुरू होने से यह सफर करीब तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।

 

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अनुच्छेद 370 हटने के 7 साल: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ने विकास का नया दौर देखा…………..
जम्मू कश्मीर

अनुच्छेद 370 हटने के 7 साल: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ने विकास का नया दौर देखा…………..

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35(ए) हटाए जाने के सात साल आज यानी पांच अगस्त को पूरे हो गए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि तब से दोनों क्षेत्रों में लोगों के […]

UB India News5 अग॰
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में धर्म पूछकर फिर बरसाई गोलियां, 36 साल बाद भी जारी है टारगेट किलिंग का खौफ, आतंक की बदलती रणनीति
जम्मू कश्मीर

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में धर्म पूछकर फिर बरसाई गोलियां, 36 साल बाद भी जारी है टारगेट किलिंग का खौफ, आतंक की बदलती रणनीति

बात 90 के दशक की है। घाटी में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाकर शुरू हुई टारगेट किलिंग ऐसा नासूर बना जो आज बाहरी राज्यों से रोजी-रोटी की तलाश में आने वाले मजदूरों की जिंदगी तबाह कर रहा है। टारगेट किलिंग की घटनाएं 1990 के दशक में आतंकवाद के उभार के साथ शुरू हुईं, जब आतंकियों […]

UB India News1 अग॰
अनंतनाग के लाल चौक पर आतंकी हमले की आशंका………………..
खास खबर

अनंतनाग के लाल चौक पर आतंकी हमले की आशंका………………..

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार को सदिग्ध आतंकवादियों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया। घटना को लेकर अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग कस्बे में लाल चौक के पास संदिग्ध आतंकवादियों ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इलाज के दौरान जवान की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि […]

UB India News22 जुल॰
जम्मू-कश्मीर: शोपियां में सुरक्षाबलों ने लश्कर कमांडर जाकिर गनई को एनकाउंटर में किया ढेर…………..
अपराध

जम्मू-कश्मीर: शोपियां में सुरक्षाबलों ने लश्कर कमांडर जाकिर गनई को एनकाउंटर में किया ढेर…………..

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इस बीच शोपियां जिले में सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है. पांच दिनों तक लगातार चले तलाशी और घेराबंदी अभियान के बाद सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है. जानकारी के मुताबिक शोपियां […]

UB India News8 जुल॰
सुबह-सुबह NIA का बड़ा एक्शन, कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी के ठिकानों पर छापामारी
खास खबर

सुबह-सुबह NIA का बड़ा एक्शन, कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी के ठिकानों पर छापामारी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सोमवार को प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी कश्मीर के खिलाफ कश्मीर में बड़ा अभियान चलाते हुए मध्य और दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में छापामारी की। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को फिर से सक्रिय करने के कथित प्रयासों की जांच के सिलसिले में की गई। एनआईए की टीमें, जम्मू-कश्मीर पुलिस […]

UB India News25 मई
सेना की फाइनल स्ट्राइक में जैश का पूरा खेल खत्म………………
खास खबर

सेना की फाइनल स्ट्राइक में जैश का पूरा खेल खत्म………………

जम्मू-कश्मीर के जम्मू मंडल में पिछले तीन वर्षों से सक्रिय आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक खतरनाक मॉड्यूल को भारतीय सेना ने खुफिया विभाग की पुख्ता जानकारी के आधार पर पूरी तरह खत्म कर दिया. जम्मू के किश्तवाड़ जिले के त्राशी इलाके में भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के जिन तीन आतंकियों को मार गिराया, उनकी पहचान […]

UB India News23 फ़र॰
श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर गणतंत्र दिवस के मौके पर जश्न का माहौल
जम्मू कश्मीर

श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर गणतंत्र दिवस के मौके पर जश्न का माहौल

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में स्थित ऐतिहासिक लाल चौक पर गणतंत्र दिवस के मौके पर जश्न का माहौल है। यहां के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें लोग काफी उत्साहित दिखाई पड़ रहे हैं। यहां बड़ी मात्रा में लोग जमा हुए हैं। ये लोग हाथों में तिरंगा लिए हुए हैं और ध्वज को लहराकर […]

UB India News26 जन॰
जम्मू-कश्मीर: NC सांसद रूहुल्लाह से लेकर महबूबा मुफ्ती तक… आखिर क्यों किए गए नजरबंद
जम्मू कश्मीर

जम्मू-कश्मीर: NC सांसद रूहुल्लाह से लेकर महबूबा मुफ्ती तक… आखिर क्यों किए गए नजरबंद

अधिकारियों ने PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहल्लाह मेहदी सहित कई नेताओं को उनके घर में नजरबंद कर दिया है. जम्मू और कश्मीर में मौजूदा आरक्षण नीति के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से ये फैसला लिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि महबूबा […]

UB India News28 दिस॰
दिल्ली ब्लास्ट केस में NIA का एक्शन जारी………
खास खबर

दिल्ली ब्लास्ट केस में NIA का एक्शन जारी………

दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट मामले की जांच NIA कर रही है। इसी कड़ी में NIA ने जम्मू कश्मीर में मौलवी इरफान, डॉक्टर अदील और मुजम्मिल के घर पर छापेमारी की। NIA ऐसे ठोस सबूत तलाश रही है, जिसके तार “जैश के व्हाइट कॉलर मॉड्यूल” और दिल्ली लाल किला […]

UB India News1 दिस॰