ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं. ईरान के शीर्ष राजनयिक ने साफ संकेत दिया है कि अगर इजरायल अपने हमले रोकता है तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई बंद कर देगा. इस बीच, एक सूत्र के हवाले से द जेरूसलम पोस्ट ने बताया कि ईरान ने ओमान और कतर से मध्यस्थता करने का आग्रह किया है ताकि वॉशिंगटन के साथ परमाणु वार्ताएं फिर से शुरू कराई जा सकें और इजरायली हमले रोके जा सकें.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि अगर उनके देश पर इजरायल के हमले बंद हो जाएं तो ‘हमारी जवाबी कार्रवाई भी रुक जाएगी।’ अराघची ने तेहरान में राजनयिकों के समक्ष यह टिप्पणी की है। शुक्रवार को इजरायली हमले शुरू होने के बाद अराघची पहली बार सार्वजनिक तौर पर नजर आए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आक्रामण बंद हो जाते हैं तो हमारी जवाबी कार्रवाई भी बंद हो जाएगी।
इजरायल ने नहीं दी प्रतिक्रिया
इजरायल की ओर अब्बास अराघची के बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अराघची ऐसे दिन नजर आए हैं जब उन्हें तेहरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर ओमान में अमेरिका के साथ बातचीत करनी थी, लेकिन इजरायली हमलों के बीच यह बातचीत नहीं हुई।
इजरायल ने किया घातक हमला
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, इजरायल और ईरान एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। ताजा किए गए हमलों में इजरायल की सेना ने ईरान के रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय उड़ा दिया है। इजरायल की ओर से ईरान कई अन्य बेहद अहम ठिकानों पर भी अटैक किया गया है जिनमें तेहरान और बुशहर में ऑयल डिपो और गैस रिफाइनरी शामिल हैं।
फिलहाल इजरायल और ईरान के बीच भीषण जंग जारी है. पिछली रात इजरायल के हाइफा पर हुए हमलों में ईरान ने कुछ ऐसी मिसाइलों का इस्तेमाल किया जिन्हें पहली बार युद्ध में शामिल किया गया था. इस हमले में इमाद, गदीर और खैबरशेकन मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें ईरान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं में बेहद प्रभावी माना जाता है.
ईरान-इजराइल महायुद्ध में गैस फील्ड तबाह, परमाणु ठिकानों पर हमला
ईरान और इजरायल की जंग तीसरे दिन में पहुंच चुकी है. दोनों ने बीती रात फिर से एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया. इजरायल ने ईरान की गैस फील्ड साइट पर हमला कर दिया है. ये दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड साइट है. इजरायल के सटीक मिसाइल हमलों से गैस फील्ड साइट धधक उठी है और प्रोडक्शन रोक दिया गया है. इजरायल ने कई और ठिकानों पर हमले किए. न्यूक्लियर ठिकानों को निशाना बनाया गया है. ईरान में 138 लोग अब तक मारे जा चुके है.
‘अभी तो सिर्फ शुरुआत है…’
उधर ईरान ने बीती रात 50 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल दागी हैं. इसमें से कुछ मिसाइलें टारगेट पर लगी भी हैं. इजरायल में सात लोगों की मौत हुई है. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ईरान को धमकी दी है कि ईरान रुक जाए अन्यथा ये तो शुरुआत है. आगे बहुत बड़ी तबाही ईरान में ला देंगे. ईरान को इजरायली हमले में भारी नुकसान उठाना पड़ा है. इजरायल ने एक साथ कई फ्रंट पर ईरान को निशाना बनाया. एक तरफ उसकी सेना के टॉप कमांडर मारे गए तो दूसरी तरफ उसके परमाणु कार्यक्रमों की भी धज्जियां उड़ गईं.
इजरायल के निशाने पर ईरान की ऑयल ताकत
शुक्रवार सुबह इजरायल ने ईरानी शहरों पर बम और बारूद की जो बौछार की वो रविवार आते-आते और भी भीषण हो गई. इजरायल के निशाने पर एक साथ ईरान के कई सैन्य अड्डे और परमाणु ठिकाने आ गए. ताजा हमले तेल और गैस डिपो पर हुए. कमोबेश सभी परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के बाद इजरायल ने ईरान की ऑयल ताकत को कमजोर करने की ठानी.








