कल श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सोमवार का दिन है। कल सावन महीने का पहला सोमवार व्रत है। चतुर्थी तिथि रात 12 बजे तक रहेगी। शाम 4 बजकर 14 मिनट तक आयुष्मान योग रहेगा। साथ ही पूरा दिन पूरी रात पार कर के 15 जुलाई की सुबह 6 बजकर 27 मिनट तक शतभिषा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा आज संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत है।
हिंदू धर्म में सावन मास का विशेष महत्व है, क्योंकि इस पूरे माह भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा- अर्चना की जाती है। शास्त्रों के अनुसार,सावन मास भगवान शिव का सबसे प्रिय है। धार्मिक मान्यता है कि इस मास में यदि श्रद्धापूर्वक शिवलिंग पर केवल एक लोटा जल भी अर्पित किया जाए, तो भगवान शिव प्रसन्न होकर अपने भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसके साथ ही सावन में पड़ने वाले हर एक सोमवार का अपना एक महत्व है। बता दें कि इस साल पूरे 4 सावन सोमवार पड़ रहे हैं।
सावन का पहला सोमवार कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार वर्ष 2025 में सावन मास का आरंभ 11 जुलाई से हो चुका है और इसका समापन 9 अगस्त को होगा। इस बार सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई 2025 को पड़ रहा है।
जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त
वैसे तो सावन के पूरे दिन शिव पूजन किया जा सकता है, लेकिन विशेष फल की प्राप्ति के लिए शुभ मुहूर्तों में जलाभिषेक करना मंगलकारी माना गया है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04.11 से 04.53 बजे तक रहेगा, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:59 से 12:56 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही प्रदोष काल भी जलाभिषेक के लिए यह शुभ माना जाता है। क्योंकि भगवान शिव प्रदोष काल में विशेष प्रसन्न रहते हैं।
शुभ योग व नक्षत्र:
इस दिन योग आयुष्मान् योग शाम 04:14 बजे तक रहेगा, जिसके बाद सौभाग्य योग्य मान्य होगा। सुबह 06:49 बजे तक धनिष्ठा नक्षत्र, जिसके बाद शतभिषा नक्षत्र लग जाएगा। धार्मिक दृष्टि से ये योग व नक्षत्र शुभ माने जाते हैं।
पूजा विधि: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद संभव हो तो अपने घर के पास किसी शिव मंदिर में जाएं। शिवलिंग को गंगाजल से स्नान कराएं। इसके बाद शहद, दही, घी, दूध और गन्ने का रस समेत पंचामृत से भोले बाबा का अभिषेक करें। इसके बाद प्रभु पर सफेद चंदन, सफेद फूल, भांग, धतूरा, फल और तिल चढ़ाएं। फिर भगवान गणेश, माता पार्वती, भगवान कार्तिकेय और नंदी महाराज को प्रसाद और फूल अर्पित करें। इसके बाद प्रभु की आरती उतारें। साथ ही ऊं नम: शिवाय या श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का जप करें। अंत में भगवान शिव को घर की बनी खीर का भोग भी लगा सकते हैं।
सावन सोमवार शिव आरती
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥
अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव…॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव…॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव…॥
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव…॥
त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव…॥
इन मंत्रों के साथ करें जलाभिषेक
ॐ नम: शिवाय
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
श्रीभगवते साम्बशिवाय नमः
ॐ शर्वाय नम:।
ॐ विरूपाक्षाय नम:।
ॐ विश्वरूपिणे नम:।
ॐ कपर्दिने नम:।
ॐ भैरवाय नम:।
ॐ शूलपाणये नम:।
ॐ ईशानाय नम:।
ॐ महेश्वराय नम:।
ॐ नमो नीलकण्ठाय।
ॐ पार्वतीपतये नमः।
ॐ पशुपतये नम:।
ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
14 जुलाई को भद्रा का साया
ज्योतिष के अनुसार, यह भद्रा मृत्यु लोक में है, इसलिए इसे बहुत अशुभ माना जाता है. सावन के पहले सोमवार के दिन भद्रा का साया 14 जुलाई को सुबह 11:26 मिनट से लेकर 11:42 मिनट तक रहेगी. इस दौरान पूजा-पाठ और जलाभिषेक करना शुभ नहीं माना जाता है. इसलिए आप 14 जुलाई को सुबह 11:26 मिनट से पहले ही भगवान शिव की पूजा कर लें.
पहला सोमवार शिव पूजा मुहूर्त
सावन के पहले सोमवार के दिन अगर आप शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की पूजा करना चाहते हैं तो पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 14 जुलाई सुबह 5:05 मिनट से लेकर सुबह 11:20 मिनट तक है. धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान पूजा का विशेष लाभ मिल सकता है. लेकिन 14 जुलाई को भद्रा के समय भूलकर भी भगवान शिव की पूजा न करें.
सावन सोमवार के दिन शिवलिंग पर विधिपूर्वक गन्ने का रस चढ़ाना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिगं का गन्ने का रस अभिषेक करने से धन लाभ के योग बनते हैं और दरिद्रता की समस्या से छुटकारा मिलता है।
अगर आप महादेव की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो सावन सोमवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शिव की पूजा-अर्चना करें। साथ ही शिवलिंग पर केसर जरूर चढ़ाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस उपाय को करने से जातक के मान-सम्मान में भी बढ़ोतरी होती है और महादेव प्रसन्न होते हैं और साधक की सभी मुरादें पूरी होती हैं।
अगर आप लंबे समय से जीवन में दुख और संकट का सामना कर रहे हैं, तो इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए सावन सोमवार का दिन शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा के दौरान शिवलिंग पर 21 बेलपत्र अर्पित करें। इस उपाय को करने से साधक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी मिलता है। साथ ही बिगड़े काम पूरे होते हैं।







