घरेलू एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कैम्पबेल विल्सन ने सोमवार को प्लैन क्रैश मामले में कहा कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो द्वारा जारी शुरुआती रिपोर्ट में जो बातें कही गई हैं, उसके मुताबिक, प्रारंभिक रिपोर्ट में विमान या इंजन में कोई यांत्रिक या रखरखाव संबंधी समस्या नहीं पाई गई, और सभी अनिवार्य रखरखाव कार्य पूरे कर लिए गए थे। ANI की खबर के मुताबिक, उन्होंने आगे कहा कि ईंधन की गुणवत्ता में कोई समस्या नहीं थी और टेक-ऑफ रोल में कोई असामान्यता नहीं थी। पायलटों ने अनिवार्य उड़ान-पूर्व ब्रेथलाइज़र परीक्षण पास कर लिया था और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कोई अवलोकन नहीं किया गया था।
सभी विमान सेवा के लिए उपयुक्त
खबर के मुताबिक, कैम्पबेल विल्सन ने कहा कि मैं यह भी याद दिलाना चाहूंगा कि अत्यधिक सावधानी के साथ और डीजीसीए की निगरानी में, हमारे बेड़े में शामिल प्रत्येक बोइंग 787 विमान की दुर्घटना के कुछ दिनों के भीतर जांच की गई थी और सभी सेवा के लिए उपयुक्त पाए गए थे। हम सभी आवश्यक जांच जारी रख रहे हैं, और अधिकारियों द्वारा सुझाई गई किसी भी नई जांच को हम जारी रखेंगे।
जांच रिपोर्ट में क्या-क्या है?
एएआईबी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि एअर इंडिया के पायलटों ने दोनों इंजनों को आखिरी समय तक स्टार्ट करने की कोशिश की थी. एक इंजन (इंजन-1) में रिकवरी शुरू भी हो गई थी. लेकिन इंजन 2 पूरी तरह फेल था.
एअर इंडिया विमान के दोनों इंजनों में फ्यूल की सप्लाई करने वाले स्विच उड़ान के तुरंत बाद बंद हो गए थे, जिससे इंजन ने काम करना बंद कर दिया. इसके तुरंत बाद कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दोनों पायलट के बीच बातचीत रिकॉर्ड हुई है.
भारतीय समयानुसार दोपहर 1:38 बजे एअर इंडिया विमान ने उड़ान भरी और महज 26 सेकंड बाद 08:09:05 बजे पायलट ने ‘MAYDAY… MAYDAY… MAYDAY….. का इमरजेंसी मैसेज दिया. इसके तुरंत बाद विमान एयरपोर्ट की सीमा से बाहर एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गया. विमान के इंजन N1 और N2 में गति धीरे-धीरे कम होती गई क्योंकि फ्यूल की सप्लाई अचानक बंद हो गई थी. हालांकि, फ्यूल टैंकों और बाउजर से लिए गए सैंपल जांच में संतोषजनक पाए गए.
बता दें कि विमान हादसे के दौरान प्लेन में कुल 242 व्यक्ति सवार थे, जिसमें 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर्स थे. इस हादसे में एक शख्स की जान बच पाई थी. प्लेन का मलबा एक हॉस्टल और आसपास की इमारतों पर गिरा था, जिसमें 19 लोगों की मौत हुई थी. इस हादसे में कुल 260 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी.








