अपनी ही चाल में फंसे डोनाल्ड ट्रंप! रूस से यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड इंपोर्ट करने पर बोले- मुझे कुछ नहीं मालूम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि अमेरिका खुद रूस से केमिकल और फर्टिलाइजर इंपोर्ट करता है। ये खंडन भारत के उस दावे के बाद आया है, जिसमें भारत ने कहा था कि अमेरिका अपने न्यूक्लियर इंडस्ट्री, फर्टिलाइजर्स और केमिकल्स के लिए रूस से यूरेनियम […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 6 अगस्त 2025, 05:15 AM 5 मिनट read
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अपनी ही चाल में फंसे डोनाल्ड ट्रंप! रूस से यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड इंपोर्ट करने पर बोले- मुझे कुछ नहीं मालूम
Photo: UB India News Archive

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि अमेरिका खुद रूस से केमिकल और फर्टिलाइजर इंपोर्ट करता है। ये खंडन भारत के उस दावे के बाद आया है, जिसमें भारत ने कहा था कि अमेरिका अपने न्यूक्लियर इंडस्ट्री, फर्टिलाइजर्स और केमिकल्स के लिए रूस से यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड का इंपोर्ट जारी रखे हुए है। व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एएनआई ने अमेरिका द्वारा रूसी केमिकल और फर्टिलाइजर्स के इंपोर्ट के बारे में सवाल पूछा तो ट्रंप ने कहा, “मुझे इसके बारे में कुछ नहीं मालूम। हमें इसकी जांच करनी होगी।”

ट्रंप ने सोमवार को दी थी नई धमकी

एएनआई ने राष्ट्रपति की प्रेस टीम से संपर्क किया है और उनके जवाब का इंतजार कर रहा है। ये टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ये घोषणा करने के एक दिन बाद आई है कि अमेरिका रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर शुल्क में “काफी बढ़ोतरी” करेगा। ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा था, “भारत न केवल भारी मात्रा में रूसी तेल खरीद रहा है, बल्कि खरीदे गए तेल का एक बड़ा हिस्सा खुले बाजार में भारी मुनाफे पर बेच रहा है। उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं है कि रूसी युद्ध मशीन द्वारा यूक्रेन में कितने लोग मारे जा रहे हैं। इसी वजह से मैं भारत द्वारा अमेरिका को दिए जाने वाले टैरिफ में काफी बढ़ोतरी करूंगा।”

रूस से भारत का आयात बाजार की जरूरतों और ऊर्जा सुरक्षा पर आधारित

अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान का भारत ने कड़ा विरोध किया और विदेश मंत्रालय ने भारत को निशाना बनाए जाने को “अनुचित और बेतुका” बताया। एक विस्तृत प्रतिक्रिया में, भारत ने कहा कि रूस से उसका आयात बाजार की जरूरतों और ऊर्जा सुरक्षा पर आधारित है, खासकर यूक्रेन संघर्ष के बाद पश्चिमी देशों द्वारा पारंपरिक सप्लाई यूरोप की ओर मोड़ दिए जाने के बाद।

उपभोक्ताओं के लिए किफायती ऊर्जा लागत सुनिश्चित करना भारत का उद्देश्य

बयान में कहा गया है, “दरअसल, भारत ने रूस से आयात इसलिए शुरू किया क्योंकि संघर्ष छिड़ने के बाद पारंपरिक सप्लाई यूरोप की ओर मोड़ दी गई थी। उस समय अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों की स्थिरता को मजबूत करने के लिए भारत द्वारा ऐसे आयातों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया था। भारत के आयात का उद्देश्य भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अनुमानित और किफायती ऊर्जा लागत सुनिश्चित करना है। वैश्विक बाजार की स्थिति के कारण ये एक अनिवार्य आवश्यकता है। हालांकि, ये उजागर होता है कि भारत की आलोचना करने वाले देश खुद रूस के साथ व्यापार में शामिल हैं। हमारे मामले के उलट, ऐसा व्यापार कोई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बाध्यता भी नहीं है।”

भारत उठाएगा राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम

भारत ने ये भी बताया कि 2024 में रूस के साथ यूरोपीय संघ का द्विपक्षीय व्यापार 67.5 बिलियन यूरो तक पहुंच गया, जिसमें 16.5 मिलियन टन एलएनजी भी शामिल है, जो रूस के साथ उसके अपने व्यापार की मात्रा से भी ज्यादा है। भारत ने कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के सवाल पर ट्रंप ने क्या कहा ?
ANI के मुताबिक चीन सहित रूसी ऊर्जा खरीदने वाले सभी देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मैंने कभी प्रतिशत नहीं कहा, लेकिन हम इसका एक बड़ा हिस्सा लगाएंगे. हम देखेंगे कि अगले कुछ समय में क्या होता है. कल हमारी रूस के साथ बैठक है.’

इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह बाइडेन का युद्ध है और हम इससे बाहर निकलने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. मैंने पिछले पांच महीनों में पांच युद्ध रोके हैं और सच कहूं तो मैं चाहता हूं कि यह छठा युद्ध हो. बाकी युद्ध मैंने कुछ ही दिनों में रोक दिए, लगभग सभी जिनमें भारत और पाकिस्तान भी शामिल हैं और मैं पूरी लिस्ट गिनवा सकता हूं, लेकिन आप भी उतना ही जानते हैं जितना मैं.”

भारत का जवाब
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी कंपनियां रूस से परमाणु उद्योग के लिए यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड, इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के लिए पैलेडियम, उर्वरक और रसायन खरीदना जारी रखे हुए हैं, जबकि वे भारत पर अपने व्यापारिक संबंधों को कम करने का दबाव बना रही हैं. यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदना बंद करने का दबाव बढ़ा दिया है और चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के भीतर अतिरिक्त शुल्क लगाए जा सकते हैं.

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