आसिम मुनीर: “फौजी वर्दी में ओसामा बिन लादेन”

पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने एक बार फिर एटम बम की धमकी दी। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल ने कहा कि पाकिस्तान के पास मिसाइलों की कमी नहीं है, अगर भारत ने सिंधु नदी पर डैम बनाए तो मिसाइल भेज कर ‘फारिग़ कर देंगे’। जब जनरल साहब को ये याद आया कि भारत की […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 13 अगस्त 2025, 06:19 AM 6 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
आसिम मुनीर: “फौजी वर्दी में ओसामा बिन लादेन”
Photo: UB India News Archive

पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने एक बार फिर एटम बम की धमकी दी। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल ने कहा कि पाकिस्तान के पास मिसाइलों की कमी नहीं है, अगर भारत ने सिंधु नदी पर डैम बनाए तो  मिसाइल भेज कर ‘फारिग़ कर देंगे’। जब जनरल साहब को ये याद आया कि भारत की फौज ने थोड़े दिन पहले उनकी कितनी पिटाई की थी तो जनरल मुनीर ने कहा कि अगर भारत के साथ जंग में पाकिस्तान कमजोर पड़ता है, तो पाकिस्तान अकेला नहीं मरेगा, ‘आधी दुनिया को साथ में लेकर मरेगा’।

भारत ने पाकिस्तान को फिर याद दिलाया कि अब एटम बम के ब्लैकमेल से कुछ नहीं होगा। अब कोई गड़बड़ी हुई पाकिस्तान को फिर घर में घुस कर मारा जाएगा। पाकिस्तान का कोई कोना नहीं है, जो हमारी सेना की पहुंच से बाहर हो।

 

विदेश मंत्रालय ने दुनिया के तमाम मुल्कों से कहा कि पाकिस्तान में परमाणु बम आतंकवादियों के हाथ में है, दुनिया इस बात पर गंभीरता से विचार करे कि पाकिस्तान के परमाणु बम कितने सुरक्षित हैं? जिस पाकिस्तान में सरकार और फौज पूरी तरह आतंकवादियों के साथ हो, उस देश के एटमी हथियार क्या पूरी दुनिया के लिए खतरा नहीं हैं? जनरल मुनीर की एटम बम की धमकी का मतलब क्या है? सिंधु जल संधि स्थगित होने से जनरल क्यों बेचैन है?

दिलचस्प बात ये है कि इसी तकरीर में जनरल मुनीर ने अपने मुल्क को पत्थरों से लदा एक खटारा ट्रक और भारत को एक चमचमाती मर्सिडीज कार बताया और डींग हांकी कि अगर इन दोनों के बीच टक्कर होती है तो किसे ज्यादा नुकसान पहुंचेगा।

आसिम मुनीर अपने बयान को लेकर चौतरफा घिर गये हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने कहा है कि मुनीर के बयान को पढ़ कर लगता है मानो “वो सूट पहने हुए ओसामा बिन लादेन हों।” उन्होंने कहा कि जब मुनीर अमेरिका में खड़े होकर दुनिया को इस तरह की धमकी दे रहे थे तो उन्हें उसी वक्त अमेरिका से बाहर निकाल देना चाहिए था।

अब पाकिस्तान के लोग भी पूछ रहे हैं कि “फेल्ड  फील्ड मार्शल” ऐसी बहकी बहकी बातें क्यों कर रहे हैं? अमेरिका इस बयान पर खामोश क्यों है? हमारे विदेश मंत्रालय ने जनरल मुनीर को उनकी औक़ात के हिसाब से जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जनरल मुनीर के बयान के बाद दुनिया को इस बात की चिंता करनी चाहिए कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार कितने सुरक्षित हैं, पाकिस्तान के एटमी हथियारों का command and control बिल्कुल सुरक्षित नहीं है, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को चाहिए कि वो तुरंत पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा पर ध्यान दे क्योंकि ये परमाणु हथियार किसी भी वक्त आतंकवादियों के हाथ में जाने का खतरा है, पाकिस्तान की फौज दहशतगर्दों से मिली हुई है।

हैरानी की बात तो ये है कि इस बार आसिम मुनीर ने ये बयान पाकिस्तान में नहीं बल्कि अमेरिका की धरती से दिया है। आसिम मुनीर, दो महीने के भीतर दूसरी बार अमेरिका के दौरे पर पहुंचे हैं। वहां अमेरिकी सेना के आला अधिकारियों और जनरलों से मुलाकात की। मुनीर ने अमेरिका के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन जनरल डैन केन से मुलाक़ात की। मुनीर, अमेरिकी फौज की सेंट्रल कमान के जनरल माइकल कुरीला के रिटायरमेंट के समारोह में शामिल हुए। रिटायरमेंट फंक्शन में शामिल होने के बाद आसिम मुनीर ने Tampa शहर के ग्रैंड हयाट होटल में पाकिस्तानी मूल के लोगों से मुलाक़ात की। इस मीटिंग में जो लोग शामिल हुए उनके मोबाइल फ़ोन, कैमरा और दूसरे गैजेट्स बाहर रखवा दिए गए थे, किसी को कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी लेकिन इस प्रोग्राम में शामिल होने वालों ने बाद में बताया कि आसिम मुनीर ने भारत को एटम बम की धमकी दी थी।

मज़े की बात ये है कि पाकिस्तान में विपक्ष के नेताओं ने मुनीर के बयान का विरोध किया। जेल में कैद इमरान खान के पूर्व सलाहकार शहबाज़ गिल ने कहा कि उनके आर्मी चीफ ने बेहद ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान दिया है, अब दुनिया इसका नोटिस लेगी और पाकिस्तान के एटमी हथियारों को अपने कंट्रोल में लेने की कोशिश करेगी। आसिम मुनीर जिस तरह की बहकी-बहकी बातें कर रहे हैं, वो उनका कसूर नहीं है। कसूर तो उनका है जिन्होंने “Failed Field Marshal”  को White House में lunch कराया था।

आसिम मुनीर जिस तरह से आधी दुनिया को उड़ाने की धमकी दे रहे हैं, वो उनका कसूर नहीं है। कसूर तो उनका है जिन्होंने दूसरी बार आतंकवाद के आका को अमेरिका बुलाया और अमेरिकी सेना के अधिकारियों के साथ बिठाया। कसूर पिटे हुए मुनीर का नहीं है। कसूर तो पाकिस्तान की थकी हुई सरकार का है जिसने जंग हारने वाले जनरल को Field Marshal बनाया। अगर आसिम मुनीर का दिमाग खराब हुआ तो कसूर उसका नहीं है, कसूर उस system का है जिसने उसे आतंकवाद की factory का मालिक बनाया। गुनहगार तो वो मुल्क भी हैं जिन्होंने पाकिस्तान को IMF से लोन दिलवाया। मुनीर की दहशतगर्दी के लिए फंड का इंतजाम करवाया।

आसिम मुनीर से निपटना तो भारत जानता है। अभी दो दिन पहले ही हमारे Air force Chief ने बताया कि पाकिस्तान को कहां-कहां मारा, कितना मारा, 6 air craft तबाह किए। Air defense system बर्बाद किया, Air force station उड़ा दिए। भारत को पाकिस्तान के nuclear blackmail का भी कोई डर नहीं है क्योंकि Air force Chief और Army Chief दोनों कह चुके हैं  कि भारत की missiles की पहुंच पाकिस्तान के हर कोने पर है। समस्या तो उन मुल्कों से है जिन्होंने पाकिस्तान को हथियार दिए, real-time intelligence दी और पाकिस्तान को अपने हथियारों का testing ground बनाया।

इसीलिए मुनीर की हिम्मत इतनी बढ़ी। लेकिन भारत की नीति साफ है। भारत की फौज तैयार है। इस बार मुनीर और उसकी फौज ने कोई हरकत की, तो पाकिस्तान को बर्बाद होने से कोई नहीं बचा पाएगा।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰