यूक्रेन पर पुतिन से समझौते के लिए क्या दांव पर लगाएंगे ट्रंप; किसे होगा नुकसान, किसका फायदा?

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुए तीन साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार दोनों देशों की जंग को खत्म करवाने का दावा करते रहे हैं। पुतिन के साथ कई चरणों की टेलीफोन पर बातचीत के बाद ट्रंप पुतिन के साथ पहली बैठक करने […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 14 अगस्त 2025, 06:27 AM 6 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
यूक्रेन पर पुतिन से समझौते के लिए क्या दांव पर लगाएंगे ट्रंप; किसे होगा नुकसान, किसका फायदा?
Photo: UB India News Archive

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुए तीन साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार दोनों देशों की जंग को खत्म करवाने का दावा करते रहे हैं। पुतिन के साथ कई चरणों की टेलीफोन पर बातचीत के बाद ट्रंप पुतिन के साथ पहली बैठक करने जा रहे हैं। इसे लेकर दुनियाभर में काफी उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह दिया कि रूस से किसी भी समझौते के लिए यूक्रेन को अपनी जमीन का समझौता करना पड़ सकता है। दूसरी तरफ बैठक से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन के कई क्षेत्रों में अपने सैन्य अभियानों को तेज कर दिया है और उसके बड़े भूभाग पर कब्जा कर लिया है।

रूस-यूक्रेन और अमेरिका के बीच हो रहे इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह जानना अहम है कि आखिर 15 अगस्त (शुक्रवार) को अलास्का में होने वाली डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन की बैठक के एजेंडे को लेकर अब तक क्या-क्या सामने आया है? ट्रंप यूक्रेन की जिस जमीन के समझौते को लेकर बात कर रहे हैं, वह कितनी और कहां मौजूद है? 

ट्रंप ने पुतिन से बातचीत में किस पेशकश का जिक्र किया?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था अगर यूक्रेन को अपनी खोई हुई जमीन वापस चाहिए तो उसे रूस को कुछ जमीन देनी भी होगी।

ट्रंप ने कहा कि अगर व्लादिमीर पुतिन इस एवज में उन्हें कोई सही प्रस्ताव देते हैं तो वे यूरोपीय नेताओं को इसकी जानकारी देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पहले वह किसी भी प्रस्ताव के बारे में जेलेंस्की को बताएंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि यूक्रेन के लिए कोई भी समझौत करना उनका काम नहीं है। इसलिए पुतिन के किसी भी प्रस्ताव के बाद वे या तो उस पर सभी पक्षों को अपनी शुभकामनाएं देंगे या उन्हें लड़ते रहने को कहेंगे और या फिर किसी समझौते पर पहुंचने के लिए कहेंगे।

रूस संघर्ष विराम पर सहमत हुआ तो यूक्रेन को कौन सी जमीन छोड़नी पड़ सकती है?
अमेरिकी मीडिया की मानें तो व्हाइट हाउस लंबे समय से यूरोपीय नेताओं को इस बात पर सहमत करने की कोशिश कर रहा है कि वे उत्तरी यूक्रेन में मौजूद डोनबास क्षेत्र पर रूस के कब्जे को स्वीकार कर लें। साथ ही रूस 2014 में यूक्रेन से कब्जाए क्रीमिया क्षेत्र पर भी अपनी स्वायत्ता को मान्यता देने की मांग कर रहा है। अमेरिका इसे लेकर भी साथी देशों से चर्चा में जुटा है।

रूस का लक्ष्य है कि वह डोनबास में आने वाले दो क्षेत्रों- डोनेत्स्क और लुहांस्क में अपनी पकड़ मजबूत कर ले। इसकी वजह यह है कि यूक्रेन के यह दोनों ही क्षेत्र औद्योगिक केंद्र कहे जाते रहे हैं। इतना ही नहीं इन क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधान भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं। कुछ समय पहले खुद अमेरिका इन क्षेत्रों में मौजूद खनिज संसाधनों को लेकर यूक्रेन से समझौता करने पर विचार कर रहा था।
पुतिन, जो कि खुद सोवियत संघ के काल में केजीबी के एजेंट रहे हैं, वे कई मौकों पर कह चुके हैं कि वह रूस के प्रभाव का क्षेत्र पुरानी सोवियत सीमाओं तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने सोवियत शासन के पतन को 20वीं सदी की सबसे बड़ी त्रासदी तक करार दिया था।

रूस खुद किन क्षेत्रों पर कब्जा छोड़ने के लिए हो सकता है तैयार?
ट्रंप की टीम की तरफ से क्रेमलिन से बातचीत के बाद जो योजना तैयार की गई है, उसके तहत अगर पुतिन समझौते पर मुहर लगा देते हैं तो रूस जैपोरिज्जिया और खेरसॉन में कब्जे वाले क्षेत्रों से सैनिकों को वापस बुला सकते हैं। हालांकि, यह कैसे होगा इस पर विस्तृत योजना का सामने आना बाकी है।

रूस मामलों से जुड़े थिंक टैंक RUSI में सैन्य विज्ञान मामलों के निदेशक मैथ्यू सैविल के मुताबिक, यूक्रेन जैपोरिज्जिया में स्थित अपना परमाणु ऊर्जा केंद्र भी वापस चाहेगा, क्योंकि यह प्लांट यूक्रेन की अधिकतर ऊर्जा जरूरत को पूरा करता है। इतना ही नहीं यूक्रेन चाहेगा कि रूस सुमी और खारकीव के पास किए गए कब्जों को भी छोड़ दे, ताकि उसकी उत्तरी सीमा पर स्थिति पूरी तरह से न बिगड़ जाए।
इतना ही नहीं पुतिन अमेरिका और यूरोपीय देशों से यूक्रेन को नाटो और यूरोपीय संघ का सदस्य न बनाने की भी शर्त रख सकते हैं, ताकि वह क्षेत्र में अपने हितों की सुरक्षा कर सकें। अगर पश्चिमी देश यूक्रेन को लेकर इन शर्तों को मान जाते हैं तो यह स्पष्ट तौर पर रूस की बड़ी जीत के तौर पर देखा जाएगा। दरअसल, समझौते के जरिए पुतिन न सिर्फ यूक्रेन का एक बड़ा हिस्सा मिल जाएगा, बल्कि उसके कब्जों को भी मान्यता मिलने की राह आसान हो जाएगी, जो कि उसके लिए आर्थिक तौर पर फायदे का सौदा होगा।

यूक्रेन और यूरोप का ट्रंप-पुतिन की बैठक और इन शर्तों पर क्या कहना है?
रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष विराम के लक्ष्य को लेकर होने वाली इस बैठक और रूस की तरफ से इससे जुड़ी शर्तों को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की खुलेआम विरोध में हैं। वहीं, यूरोपीय संघ ने भी बिना यूक्रेन की मौजूदगी के ऐसे किसी समझौते की संभावना से इनकार किया है।

यूक्रेन की शांति का रास्ता बिना यूक्रेन के नहीं निकल सकता। हम इस बात को लेकर प्रतिबद्ध हैं कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को बलपूर्वक न बदला जाए। मौजूदा समय में जहां संघर्ष छिड़ा है, उन्हें लेकर सबसे पहले बातचीत होनी चाहिए।
– फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड, ब्रिटेन, इटली, फिनलैंड और यूरोपीय आयोग का साझा बयान

उधर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की खुद कह चुके हैं कि हमारे बिना कोई भी फैसला एक मृत निर्णय होगा। वे बिल्कुल काम नहीं करेगा। इनसे कुछ भी नहीं होगा। जेलेंस्की ने यह भी कहा है कि पुतिन सिर्फ अमेरिका को फुसलाने के लिए इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।

हालांकि, पर्दे के पीछे अमेरिका की तरफ से यूक्रेन से जो बातचीत की जा रही है, उसके मुताबिक अगर पुतिन-ट्रंप के बीच संघर्ष विराम को लेकर कोई समझौता होता है तो कीव इसमें अपने लिए पश्चिमी देशों से सुरक्षा गारंटी की उम्मीद करेगा। साथ ही आगे रूस के साथ क्षेत्र में एक बफर जोन बनाने की भी मांग करेगा, जिससे यूरोप-अमेरिका समय पर उसकी सुरक्षा के लिए कदम उठा सकें।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
नेपाल में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 734 हुआ, 2500 से ज्यादा अभी भी लापता
समाचार

नेपाल में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 734 हुआ, 2500 से ज्यादा अभी भी लापता

नेपाल में बाढ़ के कारण आई आपदा में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी अलग-अलग जगहों पर राहत और बचाव टीमें अभियान चला रही हैं। हजारों लोग लापता हैं। इस बीच यहां दूसरी बार भयंकर बाढ़ की चेतावनी दी गई है। तिब्बत के पहाड़ों में बर्फ का टुकड़ा टूटने से तबाही आई थी। पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा और बड़ी चट्टानें बहकर आई थीं, जिससे जमकर तबाही हुई। अब दोबारा तिब्बत में ऐसे हालात बने हैं, जिसके कारण फिर से भारी मात्रा में पानी और मलबा निचले इलाकों में आ सकता है और इसके रास्ते में आने वाली हर चीज तबाह हो जाती है।

UB India News Desk30 अग॰
नेपाल बाढ़ : अब तक 626 लोगों की मौत; 2400 से ज्यादा लापता
अन्तर्राष्ट्रीय

नेपाल बाढ़ : अब तक 626 लोगों की मौत; 2400 से ज्यादा लापता

नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण 626 लोगों की मौत हुई है। 2400 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इनमें करीब 30 देशों के नागरिक शामिल हैं। भारत के कई पर्यटकों ने सुरक्षित स्वदेश वापसी के बाद राहत की सांस ली। हालांकि, उन्होंने जलप्रलय और बाढ़ की विभीषिका पर रोंगटे खड़े करने वाले […]

UB India News29 अग॰
नेपाल में आई भयानक बाढ़ में हजारों की तादाद में लोग लापता ,180 लोगों की मौत, 300 भारतीय की तलाश जारी…………
अन्तर्राष्ट्रीय

नेपाल में आई भयानक बाढ़ में हजारों की तादाद में लोग लापता ,180 लोगों की मौत, 300 भारतीय की तलाश जारी…………

नेपाल ने एक बार फिर से बुधवार को ऐतिहासिक विनाश देखा है. यहां बड़ी संख्या में लोग चीन के तिब्बत क्षेत्र से भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ में बह गए. बाढ़ में कम से कम 180 लोगों की मौत की खबर है. इस प्राकृतिक आपदा में कई देशों के लोग लापता है. करीब 1500 […]

UB India News27 अग॰
प्रकृति की शक्ति के सामने मनुष्य की तैयारियां अब भी अपर्याप्त हैं……………………….
अन्तर्राष्ट्रीय

प्रकृति की शक्ति के सामने मनुष्य की तैयारियां अब भी अपर्याप्त हैं……………………….

नेपाल के पहाड़ी जिले रसुवा में तिब्बत सीमा के निकट भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने हिमालयी क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और आपदा-प्रबंधन की सीमाओं को एक बार फिर सामने ला दिया है। अचानक आई इस बाढ़ से भारी मानवीय क्षति के साथ मकानों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को हुए नुकसान ने […]

UB India News27 अग॰
ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीज़ा अपॉइंटमेंट को क्यों रोका………….
खास खबर

ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीज़ा अपॉइंटमेंट को क्यों रोका………….

अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीज़ा अपॉइंटमेंट को रोक दिया है या उनका समय बदल दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, सभी विदेशी राजनयिक केंद्रों पर एक ग्लोबल ट्रेनिंग प्रोग्राम को लागू करने के लिए वीज़ा सेवाओं के अपॉइंटमेंट को रोका गया है। अमेरिकी […]

UB India News26 अग॰
इस्लामाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में भीषण आग, 15 नवजातों की जलकर मौत
खास खबर

इस्लामाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में भीषण आग, 15 नवजातों की जलकर मौत

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक अस्पताल में आग लगने से 15 नवजात बच्चों की मौत हो गई। यह हादसा पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के गायनेकोलॉजी वार्ड में हुआ। पाकिस्तान के जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त वार्ड की नर्सरी में 16 नवजात शिशु थे जिनमें […]

UB India News26 अग॰