बैंक धोखाधड़ी मामले में आरकॉम और अनिल अंबानी से जुड़े परिसरों की सीबीआई तलाशी ले रही है। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने कथित बैंक धोखाधड़ी के सिलसिले में शनिवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसके परिसरों की तलाशी ली। इस धोखाधड़ी से भारतीय स्टेट बैंक को 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि एजेंसी आरकॉम और उसके प्रमोटर निदेशक अनिल अंबानी से जुड़े परिसरों की तलाशी ले रही है।
सीबीआई से पहले ईडी ने भी अनिल अंबानी से पूछताछ की थी. बैंक फ्राड मामले में ईडी ने कुछ दिन पहले ही अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए बुलाया था. उस दौरान अनिल अंबानी से ईडी ने नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में 17,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले को लेकर कई घंटे तक पूछताछ की थी. इस पूछताछ में ईडी की ओर से अनिल अंबानी से कई सवाल पूछे गए, जिसमें “क्या लोन शेल कंपनियों को भेजे गए थे?, “क्या पैसा राजनीतिक दलों को दिया गया?” और “क्या आपने किसी अधिकारी को रिश्वत दी?” जैसे सवाल शामिल थे. अनिल अंबानी को एक हफ़्ते बाद फिर से पेश होने के लिए कहा गया था.
आपको बता दें पिछले महीने ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी से जुड़े अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की थी. ये छापेमारी दिल्ली और मुंबई में की गई थी.ईडी ने ये छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच को लेकर की थी. ईडी की प्रारंभिक जांच में “बैंकों, शेयरधारकों, निवेशकों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों को धोखा देकर जनता के पैसे की हेराफेरी करने की एक सुनियोजित और सोची-समझी योजना” का खुलासा हुआ था. ईडी ने दिल्ली और मुंबई में कुल 35 ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान 50 कंपनियों की जांच की गई है. छापेमारी के दौरान 25 लोगों से पूछताछ किए जाने की बात सामने आ रही थी.
बताया जा रहा है कि 2017 और 2019 के बीच, यस बैंक ने रिलायंस अनिल अंबानी समूह की RAAGA कंपनियों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का ऋण दिया था. ईडी का दावा था कि उसने एक अवैध लेन-देन व्यवस्था का पता लगाया है जिसमें यस बैंक के प्रमोटरों ने कथित तौर पर लोन एक्सेप्ट करने से ठीक पहले अपनी निजी कंपनियों से पेमेंट लिया था.








