भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर पर तनाव जारी है। रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ (अब कुल मिलाकर 50 प्रतिशत) लगाया है। ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच एक जर्मन अखबार ने दावा किया है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 बार फोन कॉल किया लेकिन पीएम मोदी ने उनका जवाब नहीं दिया।
क्या रहा है ट्रंप का हथकंडा?
भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद का विश्लेषण करने वाली फ्रैंकफर्टर ऑलगेमाइन जिटुंग (F.A.Z.) की रिपोर्ट में कहा गया है कि टैरिफ वॉर में ट्रंप की सामान्य रणनीति रही है कि वो शिकायतें, धमकियां और दबाव वाले हथकंडे अपनाते हैं। इन हथकंडों ने रई देशों पर तो काम किया लेकिन भारत के मामले यह कारगर साबित नहीं हुआ।
तारीख और समय का नहीं किया जिक्र
जर्मन अखबार ने रिपोर्ट में क्या दावा किया है कि हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 4 फोन कॉल के बावजूद पीएम मोदी ने जवाब नहीं दिया। अखबार ने अपनी रिपोर्ट में उन तारीखों या समय का कोई जिक्र नहीं किया हैा जब इस तरह के फोन कॉल किए गए थे।
ट्र्ंप ने पीएम मोदी को बताया शानदार इंसान
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच जंग रुकवाई है। ट्रंप ने कहा, “…मैंने एक बहुत ही शानदार इंसान, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। मैंने पूछा कि आपके और पाकिस्तान के बीच क्या चल रहा है। फिर मैंने पाकिस्तान से व्यापार के बारे में बात की। मैंने पूछा कि आपके और भारत के बीच क्या चल रहा है? नफरत जबरदस्त थी। यह बहुत लंबे समय से चल रहा है, जैसे, कभी-कभी सैकड़ों सालों से अलग-अलग नामों से…मैंने कहा, मैं आपके साथ कोई व्यापार समझौता नहीं करना चाहता…आप लोग परमाणु युद्ध में उलझ जाएंगे… मैंने कहा, कल मुझे फिर से फोन करना, लेकिन हम आपके साथ कोई समझौता नहीं करेंगे, हम आप पर इतने ज्यादा टैरिफ लगा देंगे कि आपका सिर घूम जाएगा…लगभग 5 घंटे के अंदर, यह हो गया…अब शायद यह फिर से शुरू हो जाए। मुझे नहीं पता। मुझे नहीं लगता, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो मैं इसे रोक दूंगा। हम ऐसी चीजें नहीं होने दे सकते…”
क्या ट्रंप ने की थी पीएम मोदी से बात?
ट्रंप ने वॉइट हाइस में पत्रकारों से इस कथित बातचीत का जिक्र किया और कहा कि उनका हस्तक्षेप साफ था। ट्रंप ने कहा, ‘मैं कमाल के इंसान, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात कर रहा हूं। मैंने पूछा कि आपके और पाकिस्तान के बीच क्या चल रहा है? नफरत बहुत ज्यादा थी। यह बहुत लंबे समय से चल रहा है।’ ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को चेतावनी दी कि अगर तनाव बढ़ता है तो वॉशिंगटन व्यापार समझौतों को रोक देगा।उन्होंने आगे बताया, ‘मैंने कहा, मैं आपके साथ कोई ट्रेड डील नहीं करना चाहता… आप लोग परमाणु युद्ध में उलझ जाएंगे। मैंने कहा, कल मुझे फिर से फोन करना लेकिन हम आपके साथ कोई समझौता नहीं करेंगे या हम आप पर इतने ऊंचे टैरिफ लगा देंगे कि आपका सिर घूम जाएगा।’
ट्रंप का दावा- 5 घंटे में हुई कार्रवाई
ट्रंप ने दावा किया कि उनकी चेतावनी का असर हुआ और नई दिल्ली ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने कहा, ‘करीब 5 घंटे के अंदर ही कार्रवाई कर दी गई।’ हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी तनाव का खतरा बना हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ‘अब शायद यह फिर से शुरू हो जाए। मुझे नहीं पता। मुझे ऐसा नहीं लगता, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो मैं इसे रोक दूंगा। हम ऐसी चीजें नहीं होने दे सकते।’
झूठ बोल रहे हैं ट्रंप?
ट्रंप ने 10 मई को सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वॉशिंगटन की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने इसके बाद से कई बार युद्ध को रोकने का क्रेडिट खुद को दिया है। भारत लगातार यह कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ शत्रुता समाप्त करने पर सहमति दोनों सेनाओं के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच सीधी बातचीत के बाद बनी है और इसमें किसी देश की मध्यस्थता नहीं है।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर में संसद में दिए एक बयान में सैन्य वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच की भी फोन कॉल की खबरों का खंडन किया था। जयशंकर ने कहा था, ’22 अप्रैल से 17 जून के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कोई फोन कॉल नहीं हुई।’








