इंडोनेशिया में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन , प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में लगाई आग………..

इंडोनेशिया में अगस्त 2025 के दौरान बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनकी मुख्य वजहें आर्थिक संकट, बढ़ती बेरोज़गारी, महंगाई, और संसद सदस्यों को दिए जाने वाले अतिरिक्त भत्तों के प्रति असंतोष हैं। मकासर शहर में शुक्रवार रात प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्रीय संसद भवन में आग लगा दी। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 30 अगस्त 2025, 09:06 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
इंडोनेशिया में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन , प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में लगाई आग………..
Photo: UB India News Archive

इंडोनेशिया में अगस्त 2025 के दौरान बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनकी मुख्य वजहें आर्थिक संकट, बढ़ती बेरोज़गारी, महंगाई, और संसद सदस्यों को दिए जाने वाले अतिरिक्त भत्तों के प्रति असंतोष हैं। मकासर शहर में शुक्रवार रात प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्रीय संसद भवन में आग लगा दी। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई और 5 लोग घायल हो गए। मकासर शहर परिषद के सचिव राहमत मप्पाटोबा ने प्रदर्शनकारियों पर भवन में आग लगाने का आरोप लगाया। आग लगने के बाद कुछ लोग इमारत से कूदने की कोशिश में घायल हुए। इंडोनेशिया में शुक्रवार से कई शहरों में बड़े प्रदर्शन हो रहे हैं। दरअसल, शुक्रवार को पुलिस के एक वाहन ने मोटरसाइकिल से जा रहे डिलीवरी ड्राइवर को कुचल दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।

इसके बाद लोगों ने सरकारी अधिकारियों और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं के खिलाफ प्रदर्शन तेज कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सरकारी इमारतों पर पत्थर और पटाखे फेंके, जबकि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ड्राइवर की मौत के मामले में सात अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है। खबरों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए और मृत ड्राइवर के परिवार से मुलाकात की।

हालिया घटनाक्रम
प्रदर्शन की शुरुआत: 25 अगस्त 2025 से इन प्रदर्शनों की तेज़ शुरुआत हुई, जब संसद सदस्यों को नए आवास भत्ते देने का प्रस्ताव सामने आया। यह भत्ता राजधानी जकार्ता की न्यूनतम मजदूरी का दस गुना था, जिससे जनता में गुस्सा फैल गया।

मुख्य जगहें: प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र जकार्ता, मेडन, सुराबाया, बोरो, सुलावेसी, और कई अन्य बड़े शहर रहे।

प्रदर्शनकारियों की मांगें: कानून में सुधार, सांसदों के भत्तों की वापसी, महंगाई और बेरोजगारी से राहत, पुलिस की जवाबदेही, मजदूर हितों की रक्षा, और सामाजिक-आर्थिक सुधार।

हिंसा और पुलिस कार्रवाई
पुलिस दमन: कई जगहों पर पुलिस ने दंगा निरोधक बल के साथ आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिससे तनाव और हिंसा बढ़ी।

जानमाल का नुकसान: जकार्ता में एक मोटरसाइकिल टैक्सी ड्राइवर की मृत्यु और प्रदर्शनकारियों द्वारा इमारतों को आग लगाने जैसी घटनाएं सामने आईं, जिससे कई लोगों की मौत और दर्जनों घायल हुए।

प्रमुख कारण
आर्थिक असमानता – सांसदों के लिए बनाए गए नए और अत्यधिक भत्ते।

मूल्य वृद्धि – भोजन, शिक्षा, और करों में बढ़ोतरी तथा स्थानीय प्रशासन के बजट कटौती।

सरकारी बयान और व्यवहार – संसद सदस्यों द्वारा जनता के प्रति असंवेदनशील बयान, जिससे गुस्सा और भड़क गया।

पुलिस हिंसा – पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष में पुलिस हिंसा बढ़ी, जिससे और असंतोष फैला।

इंडोनेशिया में प्रदर्शन का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी, और सरकार की नीतियों—विशेष रूप से सांसदों के बड़े भत्तों और पुलिस दमन—के प्रति जन-संतोष है। जनता पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक-संघर्ष राहत संबंधी मांग लेकर सड़कों पर उतरी है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰