विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण से पहले ट्रंप की धरती से ही साउथ-साउथ सहयोग को बढ़ाने की कवायद को दे रहे है धार ……….

विदेश मंत्री एस. जयशंकर को अज 27 सितंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) में भाषण देना तय हुआ है। 2025 में पीएम मोदी के न आने के चलते, जयशंकर ही भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और उन्हें 27 सितंबर को UNGA में भाषण देने का कार्यक्रम है। महासभा में भाषण देने का सत्र […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 27 सितंबर 2025, 05:54 AM 8 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण से पहले ट्रंप की धरती से ही साउथ-साउथ सहयोग को बढ़ाने की कवायद को दे रहे है धार ……….
Photo: UB India News Archive

विदेश मंत्री एस. जयशंकर को अज 27 सितंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) में भाषण देना तय हुआ है। 2025 में पीएम मोदी के न आने के चलते, जयशंकर ही भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और उन्हें 27 सितंबर को UNGA में भाषण देने का कार्यक्रम है।  महासभा में भाषण देने का सत्र आमतौर पर न्यू यॉर्क समय (EDT / UTC−4) में सुबह 9:00 बजे से दोपहर‑2:45 बजे तक और दोपहर 3:00 बजे से शाम 9:00 बजे तक चलता है।

वैश्विक मुद्दों पर भारत का नजरिया रखेंगे
उम्मीद है कि विदेश मंत्री यूएनजीए संबोधन में वैश्विक मुद्दों पर भारत का नजरिया प्रस्तुत करेंगे। इसमें एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की आवश्यकता और खासकर पहलगाम हमले के मद्देनजर आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस पर जोर दिया जाएगा। जयशंकर ने पिछले साल भी सभा को संबोधित किया था। इस वर्ष का संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र कई विषयगत कार्यक्रमों के साथ मेल खाता है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ का स्मरणोत्सव, महासचिव एंटोनियो गुटेरेस द्वारा आयोजित जलवायु महत्वाकांक्षा शिखर सम्मेलन और महिला अधिकारों पर बीजिंग घोषणापत्र के 30 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक उच्च-स्तरीय बैठक शामिल है।

दुनिया का चौधरी कोई नहीं…

अमेरिका की धरती पर इस बार एक अलग नजारा देखने को मिला है. जहां कभी वॉशिंगटन की दादागिरी और वैश्विक नेतृत्व की बातें होती थीं, वहीं अब भारत ने लगातार बैठकों और कूटनीतिक रणनीति के ज़रिए यह संदेश दिया है कि दुनिया का चौधरी कोई नहीं है और वैश्विक निर्णय सामूहिक सहमति से ही आगे बढ़ सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन के मौके पर न्यूयॉर्क में भारत के विदेश मंत्री ने एक के बाद एक कई मल्‍टीलेटरल फोरम की मीटिंग में भाग लेकर अमेरिकी वर्चस्ववाद को सीधी चुनौती दी है. इन बैठकों का केंद्रबिंदु रहा – संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार, ग्‍लोबल साउथ (Global South) की आवाज को मजबूती और बहुपक्षीय ढांचे को पुनर्जीवित कर उसमें जान फूंकना. भारत की यह डिप्‍लोमेसी तब सामने आई है, जब डोनाल्‍ड ट्रंप ने टैरिफ वॉर छेड़ रखा है. अब ट्रंप की धरती से ही साउथ-साउथ सहयोग को बढ़ाने की कवायद को धार दी जा रही है.

ट्रेड और UNSC में सुधार

न्यूयॉर्क में हुई IBSA (India-Brazil-South Africa) की मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत ने स्पष्ट किया कि UNSC में बड़े सुधार की ज़रूरत है, ताकि वैश्विक संस्थाएं 21वीं सदी की हकीकतों को दर्शा सकें. इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हुए. बैठक में IBSA ट्रस्ट फंड, मैरिटाइम एक्सरसाइज़, एकेडमिक फोरम और इन्ट्रा-IBSA ट्रेड जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई. तीनों देशों ने तय किया कि अब ऐसी मुलाकातें और तेज गति से होंगी. यह संकेत था कि अमेरिका या पश्चिमी देशों की शर्तों पर नहीं, बल्कि ग्‍लोबल साउथ की साझेदारी से ही भविष्य की दिशा तय होगी.

BRICS: संरक्षणवाद के खिलाफ आवाज़
इसी क्रम में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक ने भी अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर एक ठोस संदेश दिया. रूस-यूक्रेन युद्ध से उपजी वैश्विक अस्थिरता और ट्रंप के टैरिफ वॉर से व्यापार पर मंडराते संकट के बीच BRICS देशों ने कहा कि जब दुनिया में मल्‍टीलेटरलिज्‍म दबाव में है, तब BRICS ही विवेक और सकारात्मक बदलाव की आवाज बनकर खड़ा है. भारत ने बैठक में जोर दिया कि UNSC समेत संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों में व्यापक सुधार जरूरी है. साथ ही यह भी कहा कि जब संरक्षणवाद, टैरिफ अस्थिरता और गैर-टैरिफ बाधाएं व्‍यापार को प्रभावित कर रही हों, तब BRICS को बहुपक्षीय ट्रेडिंग सिस्टम की मजबूती के लिए खड़ा होना होगा. भारत ने यह भी संकेत दिया कि उसकी अध्यक्षता में BRICS का अगला एजेंडा खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल इनोवेशन पर केंद्रित रहेगा.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने CELAC (Community of Latin American and Caribbean States) देशों के साथ भी अहम बैठक की. सदस्‍य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ हुई मुलाकात में कृषि, व्यापार, स्वास्थ्य, डिजिटलीकरण और आपदा प्रबंधन (HADR) जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. इसके अलावा AI, रेयर मिनरल्‍स, अंतरिक्ष और अक्षय ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशने का फैसला किया. CELAC और भारत ने ग्लोबल साउथ की आवाज को मज़बूत करने के लिए बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया.

G-4: UNSC सुधार पर प्रतिबद्धता
न्यूयॉर्क में ही भारत, जापान, जर्मनी और ब्राज़ील यानी G-4 देशों की बैठक भी हुई. इस बैठक में फिर से यह दोहराया गया कि UNSC का वर्तमान ढांचा पुराना हो चुका है और इसमें स्थायी सदस्यता के दायरे को बढ़ाने का समय आ गया है. G-4 ने संयुक्त राष्ट्र में चल रही Inter-Governmental Negotiation (IGN) प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा भी की और अपने संकल्प को मजबूती से रखा.

अमेरिका को सीधा संदेश- अब दुनिया मल्‍टीपोलर
ट्रंप की धरती पर भारत की इन लगातार बैठकों का असल संदेश था – दुनिया अब किसी एक देश की चौधराहट पर नहीं चल सकती. चाहे वह अमेरिका हो या कोई और देश. भारत ने अमेरिका की धरती से ही यह दिखा दिया कि दुनिया बहुध्रुवीय (Multipolar) हो चुकी है और इसके केंद्र में ग्लोबल साउथ की साझेदारी खड़ी है. जहां अमेरिका अपने घरेलू एजेंडे और ट्रंप की नई संरक्षणवादी नीतियों से वैश्विक साझेदारियों को चुनौती दे रहा है, वहीं भारत बहुपक्षीय सहयोग, सुधार और संवाद को आगे बढ़ा रहा है. न्यूयॉर्क में एक ही दिन में हुईं इन चार बड़ी बैठकों ने यह साफ कर दिया कि भारत अब केवल दर्शक नहीं, बल्कि वैश्विक एजेंडा तय करने वाला अहम प्‍लेयर बन चुका है.

आतंकवाद एक बड़ी रुकावट विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, ‘विकास के लिए एक सतत खतरा शांति में बाधा डालने वाला स्थायी कारक है, आतंकवाद. यह जरूरी है कि दुनिया आतंकवादी गतिविधियों के लिए न तो सहिष्णुता दिखाए और न ही उन्हें कोई मदद दे.’ विदेश मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया संघर्ष, आर्थिक दबाव और आतंकवाद का सामना कर रही है, बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्‍ट्र की सीमाएं साफ नजर आ रही हैं. उन्होंने कहा, ‘बहुपक्षवाद में सुधार की जरूरत पहले कभी इतनी ज्‍यादा नहीं थी.’ उन्होंने आगे कहा कि आज अंतरराष्‍ट्रीय स्थिति राजनीतिक और आर्थिक दोनों रूप से अस्थिर है.

लोबल साउथ का जिक्र
जयशंकर ने कहा, ‘जी-20 के सदस्य होने के नाते, इसकी स्थिरता को मजबूत करने और इसे और ज्‍यादा सकारात्मक दिशा देने की हमारी विशेष जिम्मेदारी है, जो बातचीत और कूटनीति के जरिए, आतंकवाद का दृढ़ता से मुकाबला करके और मजबूत ऊर्जा एवं आर्थिक सुरक्षा की जरूरत को समझकर सबसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है.’ शांति और अंतरराष्‍ट्रीय विकास पर बोलते हुए, उन्होंने कहा कि दुनिया में जारी संघर्षों, खास तौर पर यूक्रेन और गाजा में, ने ऊर्जा, खाद्य और उर्वरक सुरक्षा के मामले में, ग्लोबल साउथ के लिए, इसकी कीमतों को साफ तौर पर प्रदर्शित किया है. जयशंकर ने कहा, ‘आपूर्ति और रसद को खतरे में डालने के अलावा, पहुंच और लागत भी देशों पर दबाव का कारण बन गए हैं.’

अमेरिका पर हमला
इसके बाद उन्होंने कहा, ‘दोहरे मानदंड साफतौर पर नजर आ रहे हैं.’ जयशंकर ने जोर देकर कहा कि शांति विकास को संभव बनाती है, लेकिन विकास को खतरे में डालने से शांति संभव नहीं हो सकती.’ जयशंकर ने दो टूक शब्‍दों में कहा कि आर्थिक तौर पर नाजुक हालात में ऊर्जा और बाकी जरूरी चीजों को और अनिश्चित बनाने से किसी को कोई फायदा नहीं होता. इसके साथ ही उन्होंने बातचीत और कूटनीति की ओर बढ़ने की अपील की ‘न कि विपरीत दिशा में और जटिलताओं की ओर.’ विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश मंत्री की यह टिप्‍पणी साफतौर पर अमेरिका की तरफ थी क्‍योंकि पिछले कुछ दिनों में हर बार अमेरिका ने भारत को यूक्रेन युद्ध के लिए दोष दिया है.

रूस यूक्रेन पर क्‍या बोले
रूस और यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में उन्‍होंने साफ-साफ कहा कि किसी भी संघर्ष की स्थिति में, कुछ ऐसे देश होंगे जो दोनों पक्षों को शामिल करने की क्षमता रखते हैं और ऐसे देशों का प्रयोग अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय की तरफ से शांति स्थापित करने और उसके बाद उसे बनाए रखने, दोनों के लिए किया जा सकता है. विदेश मंत्री के अनुसार, ‘इसलिए जब हम शांति के लिए जटिल खतरों से निपटने का प्रयास कर रहे हैं, तो ऐसे लक्ष्यों का समर्थन करने वालों को प्रोत्साहित करने के महत्व को भी समझा जाना चाहिए.’

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू
खास खबर

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का खार्ग द्वीप पूरी तबाह कर दिया गया है. हालांकि अभी ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. ट्रंप ने हमले की एआई वीडियो भी जारी की है.

UB India News31 अग॰
नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…
खास खबर

नेपाल बाढ़- मौतों का आंकड़ा 903 पहुंचा, टनल में फंसी जानों को बचाने के लिए ऑपरेशन जिंदगी जारी…

पाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने दोनों ही देशों के इलाकों में भीषण तबाही मचाई है। इस बाढ़ में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3000 से ज्यादा अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

UB India News31 अग॰
नेपाल में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 734 हुआ, 2500 से ज्यादा अभी भी लापता
समाचार

नेपाल में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 734 हुआ, 2500 से ज्यादा अभी भी लापता

नेपाल में बाढ़ के कारण आई आपदा में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी अलग-अलग जगहों पर राहत और बचाव टीमें अभियान चला रही हैं। हजारों लोग लापता हैं। इस बीच यहां दूसरी बार भयंकर बाढ़ की चेतावनी दी गई है। तिब्बत के पहाड़ों में बर्फ का टुकड़ा टूटने से तबाही आई थी। पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा और बड़ी चट्टानें बहकर आई थीं, जिससे जमकर तबाही हुई। अब दोबारा तिब्बत में ऐसे हालात बने हैं, जिसके कारण फिर से भारी मात्रा में पानी और मलबा निचले इलाकों में आ सकता है और इसके रास्ते में आने वाली हर चीज तबाह हो जाती है।

UB India News Desk30 अग॰
नेपाल बाढ़ : अब तक 626 लोगों की मौत; 2400 से ज्यादा लापता
अन्तर्राष्ट्रीय

नेपाल बाढ़ : अब तक 626 लोगों की मौत; 2400 से ज्यादा लापता

नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण 626 लोगों की मौत हुई है। 2400 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इनमें करीब 30 देशों के नागरिक शामिल हैं। भारत के कई पर्यटकों ने सुरक्षित स्वदेश वापसी के बाद राहत की सांस ली। हालांकि, उन्होंने जलप्रलय और बाढ़ की विभीषिका पर रोंगटे खड़े करने वाले […]

UB India News29 अग॰
नेपाल में आई भयानक बाढ़ में हजारों की तादाद में लोग लापता ,180 लोगों की मौत, 300 भारतीय की तलाश जारी…………
अन्तर्राष्ट्रीय

नेपाल में आई भयानक बाढ़ में हजारों की तादाद में लोग लापता ,180 लोगों की मौत, 300 भारतीय की तलाश जारी…………

नेपाल ने एक बार फिर से बुधवार को ऐतिहासिक विनाश देखा है. यहां बड़ी संख्या में लोग चीन के तिब्बत क्षेत्र से भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ में बह गए. बाढ़ में कम से कम 180 लोगों की मौत की खबर है. इस प्राकृतिक आपदा में कई देशों के लोग लापता है. करीब 1500 […]

UB India News27 अग॰
प्रकृति की शक्ति के सामने मनुष्य की तैयारियां अब भी अपर्याप्त हैं……………………….
अन्तर्राष्ट्रीय

प्रकृति की शक्ति के सामने मनुष्य की तैयारियां अब भी अपर्याप्त हैं……………………….

नेपाल के पहाड़ी जिले रसुवा में तिब्बत सीमा के निकट भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने हिमालयी क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी और आपदा-प्रबंधन की सीमाओं को एक बार फिर सामने ला दिया है। अचानक आई इस बाढ़ से भारी मानवीय क्षति के साथ मकानों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को हुए नुकसान ने […]

UB India News27 अग॰
ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीज़ा अपॉइंटमेंट को क्यों रोका………….
खास खबर

ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीज़ा अपॉइंटमेंट को क्यों रोका………….

अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीज़ा अपॉइंटमेंट को रोक दिया है या उनका समय बदल दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, सभी विदेशी राजनयिक केंद्रों पर एक ग्लोबल ट्रेनिंग प्रोग्राम को लागू करने के लिए वीज़ा सेवाओं के अपॉइंटमेंट को रोका गया है। अमेरिकी […]

UB India News26 अग॰
इस्लामाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में भीषण आग, 15 नवजातों की जलकर मौत
खास खबर

इस्लामाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में भीषण आग, 15 नवजातों की जलकर मौत

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक अस्पताल में आग लगने से 15 नवजात बच्चों की मौत हो गई। यह हादसा पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के गायनेकोलॉजी वार्ड में हुआ। पाकिस्तान के जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त वार्ड की नर्सरी में 16 नवजात शिशु थे जिनमें […]

UB India News26 अग॰
नेतन्याहू ने ब्रिटेन को ‘इस्लामी गणतंत्र’ क्यों  कहा
खास खबर

नेतन्याहू ने ब्रिटेन को ‘इस्लामी गणतंत्र’ क्यों कहा

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बीते दिनों ब्रिटेन को ‘इस्लामी गणतंत्र’ की संज्ञा दे डाली। दो साल पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चुनाव प्रचार के दौरान मजाक में कहा था कि ब्रिटेन पहला परमाणु शक्ति संपन्न इस्लामी गणतंत्र बनने वाला है। उस पर ब्रिटेन की पूर्व गृहमंत्री सुवेला ब्रावरमैन ने कहा था, ‘वेंस साहब […]

UB India News24 अग॰