शेयर बाजार : 5 दिन में कैसे हुए 16 लाख करोड़ स्‍वाहा…

शेयर बाजार पिछले एक हफ्ते में तगड़ी गिरावट देखने को मिली है. सिर्फ 5 दिन में ही निवेशकों की वैल्‍यूवेशन 16 लाख करोड़ घट गई. शुक्रवार को करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी आई, जो पूरे हफ्ते के दौरान सबसे बड़ी गिरावट रही. सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स 733.22 अंक गिरकर 80,426.46 पर […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 27 सितंबर 2025, 06:16 AM 3 मिनट read
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शेयर बाजार : 5 दिन में कैसे हुए 16 लाख करोड़ स्‍वाहा…
Photo: UB India News Archive

शेयर बाजार पिछले एक हफ्ते में तगड़ी गिरावट देखने को मिली है. सिर्फ 5 दिन में ही निवेशकों की वैल्‍यूवेशन 16 लाख करोड़ घट गई. शुक्रवार को करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी आई, जो पूरे हफ्ते के दौरान सबसे बड़ी गिरावट रही. सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स 733.22 अंक गिरकर 80,426.46 पर क्‍लोज हुआ, जबकि Nifty 236.15 अंक गिरकर 24,654.70 पर बंद हुआ.

वहीं 1 सप्‍ताह के दौरान सेंसेक्‍स 2,097.63 अंक या 2.54% और निफ्टी 631.80 अंक या 2.50% गिर चुका है. बैंक निफ्टी में भी भारी गिरावट नजर आई है. इस सप्‍ताह में मार्केट हर सत्र में निचले स्‍तर पर बंद हुआ है. बीएसई पर लिस्‍टेड कंपनियों का मार्केट कैप इस दौरान 16 लाख करोड़ रुपये कम हुआ है. आइए जानते हैं इसके पीछे क्‍या-क्‍या कारण रहे हैं.

क्‍यों आई मार्केट में गिरावट?

हफ्ते की शुरुआत में ही अमेरिका के H-1B वीजा का सीधा असर भारत के इक्विटी मार्केट दिखाई दिया था. सोमवार को भारतीय आईटी कंपनियों के शेयर में वीजा फीस की वजह से तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी, जिस कारण आईटी सेक्‍टर पूरे हफ्ते गिरावट पर रहा. टीसीएस का शेयर 2900  के नीचे आ चुका है.

सोमवार से ही डॉलर की तुलना में रुपये में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. रुपया डॉलर के मुकाबले 88 के आसपास कारोबार कर रहा है.

ग्‍लोबल टेंशन के कारण कच्‍चे तेल के दाम में भी तेजी देखी जा रही है. WTI Crude Oil 65.72 डॉलर प्रति बैरल पर है, जबकि ब्रेंड क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है.

विदेशी निवेशक शेयर बाजार से लगातार बिकवाली कर रहे हैं. शुक्रवार को विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से 16,057.38 करोड़ के शेयर बेचे तो वहीं घरेलू निवेशकों ने भी 11,464.79 करोड़ के शेयर निकाल डाले.

गुरुवार को ट्रंप ने एक और टैरिफ बंम फोड़ते हुए फार्मा पर 100 फीसदी, फर्नीचर पर 50 फीसदी और भारी ट्रकों के इम्‍पोर्ट पर 25 फीसदी का टैरिफ लगा दिया. इसका व्‍यापक असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दिया है.

लार्जकैप शेयरों ने ही पिछले कुछ समय से मार्केट को संभाला था, लेकिन अब उसमें भी बिकवाली हावी हो चुकी है. जिससे भारतीय बाजार पूरे हफ्ते के दौरान दबाव में रहा.

अगले महीने से अब कंपनियों की अर्निंग भी आने वाली है. अनुमान है कि टैरिफ और अन्‍य विदेशी नीतियों के कारण इन कंपनियों के नतीजों पर असर दिखाई देगा.

फेडरल रिजर्व बैंक ने एक बार कटौती की है, जिसके बाद निवेशक एक और कटौती की उम्‍मीद कर रहे थे, लेकिन जेम पॉवेल ने रेट में कटौती से इनकार कर दिया है. इसका भी असर शेयर बाजार में गिरावट के रूप में दिखाई दे रहा है.

मंडे को मार्केट में क्‍या होगा?
विदेशी से कमजोर सपोर्ट के कारण एशियाई मार्केट दबाव में हैं. साथ ही सोने की मजबूती भी शेयर बाजार में टेंशन पैदा कर रही है. अमेरिका से व्‍यापारिक रिश्‍ते अभी स्‍पष्‍ट नहीं हो पाए हैं. विदेशी निवेशक भी बिकवाली पर फोकस है. भारतीय बाजार सिर्फ और सिर्फ घरेलू बाजार पर निर्भर है. ऐसे में सोमवार को मार्केट में क्‍या होगा? ये तय कर पाना मुश्किल है, लेकिन एक्‍सपर्ट का कहना है कि मार्केट में तेजी के लिए एक सपोर्ट की जरूरत है.

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