भारतीय टीम ने रविवार को एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को पांच विकेट से हराते हुए नौवीं बार ट्रॉफी अपने नाम की. पहलगाम आतंकवादी हमले और उसके बाद भारत सरकार के ऑपरेशन सिंदूर के बैकग्राउंड में पूरे टूर्नामेंट में दोनों टीमों के बीच तनाव रहा. भारत ने पाकिस्तान से पूरे टूर्नामेंट में हाथ नहीं मिलाया […]
By UB India News • Patna, Bihar सोमवार, 29 सितंबर 2025, 07:02 AM • 8 मिनट read
भारतीय टीम ने रविवार को एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को पांच विकेट से हराते हुए नौवीं बार ट्रॉफी अपने नाम की. पहलगाम आतंकवादी हमले और उसके बाद भारत सरकार के ऑपरेशन सिंदूर के बैकग्राउंड में पूरे टूर्नामेंट में दोनों टीमों के बीच तनाव रहा. भारत ने पाकिस्तान से पूरे टूर्नामेंट में हाथ नहीं मिलाया ये ड्रामा फाइनल और फाइनल के बाद भी चलता रहा.
एशियन क्रिकेट काउंसिल यानी ACC के चीफ मोहसिन नकवी भारतीय खिलाड़ियों के मेडल और एशिया कप की ट्रॉफी लेकर अपने होटल में चले गए. इसका पता तब चला जब BCCI ने सेक्रेटरी देवजीत साइकिया का बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम अगर उनके हाथों से ट्रॉफी नहीं लेना चाहती तो इसका ये मतलब नहीं कि वो उसे अपने होटल में लेकर चले जाएं. उनका ऐसा करना खेल भावना के खिलाफ है.
टीम इंडिया का नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार
एशिया कप के फाइनल की प्रजेन्टेशन सेरेमनी के दौरान मोहसिन नकवी स्टेज पर तो मौजूद थे. मगर BCCI ने उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. BCCI उनकी जगह अमीरात क्रिकेट बोर्ड के वाइस चेयरमैन से ट्रॉफी लेने को तैयार थी. इससे खफा होकर नकवी एशिया कप की ट्रॉफी और टीम इंडिया के मेडल लेकर अपने होटल में चले गए. रिपोर्ट के मुताबिक उनका कहना था कि भारतीय टीम को ट्रॉफी देने की जरूरत नहीं.
फाइनल खत्म होने के बाद क्या-क्या हुआ?
-रात 12 बजे भारत की जीत के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी करीब सवा घंटे देरी से शुरू हुई, क्योंकि भारतीय टीम ने एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से एशिया कप ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया.
-मोहसिन नकवी पुरस्कार वितरण समारोह शुरू होने से पहले एक तरफ खड़े थे और भारतीय खिलाड़ी 15 गज के भीतर खड़े थे. उन्होंने अपनी जगहों से हटने से इनकार कर दिया और समारोह में देरी होती गई.
-भारतीय टीम मैनेजमेंट ने पहले ही तय कर लिया था कि नकवी से ट्रॉफी नहीं लेंगे. नकवी जैसे ही स्टेज में आए दर्शकों से भारतीय फैंस ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने शुरू कर दिए.
-मोहसिन नकवी जैसे ही स्टेज पर आए, उन्हें बताया गया कि भारतीय टीम उनसे ट्रॉफी नहीं लेगी और वह जबरदस्ती करेंगे तो आधिकारिक विरोध दर्ज किया जाएगा. नकवी इंतजार करते रहे और अचानक आयोजकों में से कोई ट्रॉफी ड्रेसिंग रूम के भीतर ले गया.
-मैच खत्म होने के बाद पाकिस्तानी टीम एक घंटे बाद तक ड्रेसिंग रूम से बाहर नहीं आई. सिर्फ पीसीबी अध्यक्ष नकवी अकेले खड़े होकर शर्मिंदगी झेलते रहे. करीब 55 मिनट बाद जब पाकिस्तानी टीम बाहर आई तो दर्शकों ने ‘इंडिया इंडिया’ के नारे लगाए.
-भारत के ट्रॉफी लेने से इनकार के बाद एसीसी हेड मोहसिन नकवी एशिया कप की ट्रॉफी अपने साथ लेकर चलते बने. चैंपियन बनने के बाद भारतीय टीम को ट्रॉफी न मिलने से बीसीसीआई काफी नाराज है. नवंबर में होने वाली अगली आईसीसी मीटिंग में मोहसिन नकवी के खिलाफ नाराजगी जताएगा.
-बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने टीम के इनकार को सही ठहराते हुए कहा कि ऐसे किसी व्यक्ति से भारतीय टीम ट्रॉफी नहीं ले सकती जो ‘देश के खिलाफ युद्ध छेड़ रहा हो’. नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष होने के साथ अपने देश के गृहमंत्री भी हैं.
-एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार के बाद भारतीय टीम को एशिया कप नहीं दिए जाने पर कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, ‘मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि विजयी टीम को ट्रॉफी नहीं दी गई हो. लेकिन मेरे लिए मेरे खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ ही असली ट्रॉफी है.’
-सूर्यकुमार यादव ने एशिया कप से मिलने वाली पूरी मैच फीस भारतीय सशस्त्र बलों और पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को दान कर दी. भारतीय खिलाड़ियों को टी-20 प्रारूप में हर मैच में चार लाख रुपये मिलते हैं यानी टूर्नामेंट के सात मैच के लिए सूर्यकुमार को 28 लाख रूपये मिलेंगे.
-प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए अभिषेक यादव ने बिना नाम लिए शाहीन शाह अफरीदी की बेइज्जती कर दी. अभिषेक ने प्राइज सेरेमनी के दौरान कहा कि- मेरे पास एक योजना थी. चाहे स्पिनर हो, तेज गेंदबाज या कोई भी प्रीमियर तेज गेंदबाज (मुस्कुराते हुए)… मेरे दिमाग में यह बात थी कि मुझे पहली गेंद से ही अटैक करना है. प्रीमियर तेज गेंदबाज से अभिषेक का मतलब शाहीन ही थे.
नकवी ट्रॉफी लेकर होटल गए!
प्रेजेंटेशन समारोह बिना ट्रॉफी के ही खत्म हो गया और नकवी ट्रॉफी और भारतीय टीम के मेडल्स लेकर सीधे अपने होटल लौट गए। नकवी की इस बेशर्मी की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है। भारतीय टीम ट्रॉफी के इंतजार में वहीं खड़ी रही, लेकिन एसीसी प्रमुख बेशर्मी की हद पार कर वहां से निकल लिए। कुछ देर बाद कोई अधिकारी भी ट्रॉफी लेकर चला गया। बाद में यह बात सामने आई कि नकवी अपने साथ ट्रॉफी भी होटल ले गए।
भारतीय टीम ने मनाया शानदार जश्न
भारतीय टीम ने स्टेज पर जश्न तो मनाया, लेकिन बिना ट्रॉफी के साथ। सूर्यकुमार ने रोहित शर्मा जैसे काल्पनिक ट्रॉफी लेते हुए स्लो स्टाइल में चलते हुए टीम के साथ पहुंचे और हाथ उठाकर जश्न मनाया। इसके बाद टीम ने फोटो सेशन भी करवाया। पाकिस्तान की एक बार फिर किरकिरी हुई कि उन्हें टीम इंडिया की जीत नहीं पची और खेल भावना की बात करने वाले चैंपियनों के साथ ऐसा किया।
BCCI ने सुनाई खरी खोटी
ACC चेयरमैन मोहसिन नकवी के इस स्टैंड पर अब BCCI एक्शन के मूड में है. लेकिन, उससे पहले BCCI सेक्रेटरी देवजीत साइकिया ने खरी खोटी सुनाते हुए बताया कि भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से क्यों मना कर दिया? देवजीत साइकिया के मुताबिक भारत उस देश से युद्ध लड़ रहा है, जिससे ACC के चेयरमैन आते हैं. और, जिस देश का हमारे देश से युद्ध हुआ हो, वहां के प्रतिनिधि से हम ट्रॉफी नहीं ले सकते. यही वजह रही कि हमने ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया.
BCCI सेक्रेटरी देवजीत साइकिया ने हैरानी जताते हुए आगे कहा कि हमने ट्रॉफी लेने से इनकार किया, मगर इसका मतलब ये थोड़े ना है कि वो उसे लेकर अपने होटल में चले जाएंगे. उनका ये रवैया बर्दाश्त के बाहर है. जितनी जल्दी हो सके वो भारत को उसकी ट्रॉफी लौटा दें. फिलहाल हम यही चाह रहे हैं.
एक्शन लेने के मूड में BCCI
आखिर में मोहसिन नकवी के रवैए पर देवजीत साइकिया ने एक्शन लेने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि प्राइज डिस्ट्रिब्यूसन सेरेमनी में जो कुछ भी हुआ है, उसका BCCI अब कड़ा विरोध करने वाली है और उचित कार्रवाई की मांग करने वाली है.