शेयर बाजार में जबरदस्त इजाफा !

दो दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. जहां सेंसेक्स में 650 अंकों से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला. वहीं निफ्टी 26000 से ज्यादा अंकों पर कारोबार कर रहा है. पीएसयू बैंकों और मेटल शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है. जिसकी वजह […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 26 नवंबर 2025, 06:49 AM 6 मिनट read
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शेयर बाजार में जबरदस्त इजाफा !
Photo: UB India News Archive

दो दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. जहां सेंसेक्स में 650 अंकों से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला. वहीं निफ्टी 26000 से ज्यादा अंकों पर कारोबार कर रहा है. पीएसयू बैंकों और मेटल शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है. जिसकी वजह से शेयर बाजार निवेशकों ने 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कमा लिए हैं. अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर शेयर बाजार में इतनी तेजी क्यों देखने को मिल रही है? इसका जवाब है कि अमेरिका से जल्द ही गुड न्यूज आने वाली है. ये अच्छी खबर टैरिफ में कटौती या फिर ट्रेड डील को लेकर नहीं है. बल्कि दिसंबर के महीने में होने वाली फेड मीटिंग में एक बार फिर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को लेकर है. जिसका असर एशियाई बाजारों में भी देखने को मिल रहा है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं. साथ ही सेंसेक्स और निफ्टी अपने लाइफ टाइम हाई से कितना पीछे रह गए हैं.

शेयर बाजार में जबरदस्त इजाफा

दो दिनों की गिरावट के साथ शेयर बाजार तेजी केसाथ कारोबार करता हुआ दिखाई दे रहा है. आंकड़ों के अनुसार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 10 बजकर 15 मिनट पर 634.64 अंकों की तेजी के साथ 85,221.55 अंकों पर कारोबर कर रहा है. जबकि कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 679.29 अंकों की तेजी के साथ 85,266.30 अंकों पर कारोबार कर रहा है. वैसे सेंसेक्स अपने 85978.25 अंकों के लाइफ टाइम हाई से करीब 750 अंक पीछे कारोबार कर रहा है. जानकारों की मानें तो अगर बाजार में इसी तरह की तेजी जारी रही ​तो सेंसेक्स अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ सकता है.

वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी जबरदस्त तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है. आंकड़ों को देखें तो 196.25 अंकों की तेजी के साथ 26,081 अंकों पर कारोबार कर रह है. जबकि कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी 213.55 अंकों की तेजी के साथ 26,098.35 अंकों पर आ गया. वैसे निफ्टी का लाइफ टाइम हाई 26,277.35 अंक है. इसका मतलब है कि निफ्टी अभी भी करीब 180 से 190 अंक नीचे कारोबार कर रहा है.

किन शेयरों में देखने को मिल रही तेजी

30 शेयरों वाले सेंसेक्स में, भारती एयरटेल ही नुकसान में रहे. जिसमें दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है. सेंसेक्स में सबसे ज़्यादा लाभ में रहने वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पीवी, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, अदानी पोर्ट्स, इंफोसिस और मारुति सुजुकी शामिल हैं, जिनमें 3 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई. ब्रॉडर मार्केट में में भी पॉजिटिव ट्रेंड देखने को मिला, जहां स्मॉल-कैप और मिड-कैप दोनों सूचकांक क्रमशः 0.25 और 0.1% नीचे रहे. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई के शेयरों में करीब डेढ़ फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है.

क्यों आई शेयर बाजार में तेजी

बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों में बढ़त दर्ज की गई. उससे पहले अमेरिकी शेयर बाजार में इलाफा देखने को मिला था. वास्तव में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में नरमी के बाद अगले महीने होने वाली नीतिगत बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें मजबूत हुईं. जापान के बाहर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा सूचकांक 1 फीसदी बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 1.8 फीसदी उछला. शुरुआती कारोबार में अमेरिकी शेयर वायदा भी 0.2 फीसदी बढ़ा.

मंगलवार को, अमेरिकी बाजारों ने अपनी वापसी जारी रखी, S&P 500 और नैस्डैक कंपोजिट ने लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज की. इस तेजी को अनुमान से कम खुदरा बिक्री और उपभोक्ता विश्वास में गिरावट से बल मिला, ये आंकड़े फेड द्वारा नीतिगत दरों में जल्द ही ढील देने की संभावना को मजबूत करते हैं. अमेरिकी शेयर और बॉन्ड बाजार गुरुवार को थैंक्सगिविंग की छुट्टी के कारण बंद रहेंगे और शुक्रवार को कम समय के लिए काम करेंगे.

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

वहीं दूसरी ओर मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने भी शेयर बाजार में वापसी की. संस्थागत मोर्चे पर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 25 नवंबर को लगभग 785 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगभग 4,000 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे. जिसकी वजह से भी शेयर बाजार को सपोर्ट मिल रहा है.

कच्चे तेल का प्रभाव

मंगलवार की गिरावट के बाद तेल की कीमतों में स्थिरता आई, जो यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की उस टिप्पणी से प्रेरित थी जिसमें उन्होंने अमेरिका समर्थित शांति योजना को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई थी. बाजारों ने इस घटनाक्रम को रूसी ऊर्जा पर पश्चिमी प्रतिबंधों में ढील देने की दिशा में एक संभावित कदम के रूप में देखा, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई बढ़ सकती है. ब्रेंट क्रूड वायदा पांच सप्ताह के निचले स्तर को छूने के बाद 0.3 फीसदी बढ़कर 62.68 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि यूरोपीय ऊर्जा कीमतें 18 महीनों के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गईं.

रुपया बनाम डॉलर

बुधवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कल के 89.22 के बंद स्तर की तुलना में 89.25 पर खुला. करेंसी मार्केट में, डॉलर येन के मुक़ाबले 0.2 फीसदी बढ़कर 156.33 पर पहुंच गया, जबकि डॉलर सूचकांक 99.833 पर स्थिर रहा. हाजिर सोना 0.2 फीसदी बढ़कर 4,131.78 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था.

निवेशकों को 4 लाख करोड़ रुपए का फायदा

शेयर बाजार में तेजी की वजह से निवेशकों को मोटा फायदा होता हुआ दिखाई दिया. वैसे निवेशकों का फायदा और नुकसान बीएसई के मार्केट कैप पर डिपेंड करता है. आंकड़ों के अनुसार एक दिन बीएसई का मार्केट कैप 4,69,41,940.65 करोड़ रुपए पर देखने को मिला था, जो बुधवार को 4,73,42,024.02 करोड़ रुपए पर आ गया. इसका मतलब है कि बीएसई की वैल्यूएशन में 4,00,083.37 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है. यही शेयर बाजार निवेशकों की कमाई भी है.

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