मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि पुनौराधाम में माता सीता के भव्य व दिव्य मंदिर का निर्माण समय से छह माह पहले पूरा करा लिया जाएगा।
निर्माण एजेंसी व संबंधित अधिकारियों को इसके लिए तय समय सीमा 29 जून 2029 की जगह 31 दिसंबर 2028 तक काम पूर्ण करने को कहा गया है। वे यहां पुनौराधाम में जानकी नवमी पर आयोजित सीतामढ़ी का महोत्सव का उद्घाटन करने के उपरांत जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार सीतामढ़ी पहुंचे सम्राट चौधरी ने कहा कि मां सीता के जन्मोत्सव के अवसर पर यहां आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। आस्था और भक्ति के इस पावन स्थान को पर्यटन के मानचित्र पर लाना सरकार की प्राथमिकता है।सीतामढ़ी को धार्मिक और पर्यटन के दृष्टिकोण से और अधिक विकसित किया जाएगा।
माता सीता के नाम पर होगा मेडिकल कॉलेज का नाम
सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर जिले में बन रहा आधुनिक मेडिकल कालेज जब तैयार हो जाएगा, तब इसका नाम “मां सीता मेडिकल कॉलेज” रखा जाएगा। वे माता सीता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बने हैं। मां सीता से जुड़ाव और उनकी कृपा खुशहाली का प्रतीक है।
जिस दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नीतीश कुमार मां सीता के मंदिर का शिलान्यास किया, उस दिन उतनी देर तक बारिश होती रही, जितनी देर तक वे यहां रहे। जब यहां अकाल पड़ा था, तब माता जानकी के जन्म के समय भी घनघोर बारिश हुई थी। इसका जरूर कोई कनेक्शन है। इसलिए मां सीता के जन्मस्थान को पूर्ण रूप से विकसित करने का काम किया जा रहा है।
मंदिर का बारिश से कनेक्शन
उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राममंदिर बन चुका है। प्रधानमंत्री कोरिडोर व रामजानकी पथ बना रहे हैं। वहीं, हमारे नेता नीतीश कुमार ने सीतामढ़ी में सीतापुरम बनाने की घोषणा की थी। जब मैंने पहली कैबिनेट की बैठक की तो सबसे पहले इसकी स्वीकृति दी।
इससे शहर का विकास और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों को मां जानकी से जुड़े सभी स्थानों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए हैं। ताकि, यहां जो भी आए तो कम से कम तीन दिन रहे। इस इलाके में भ्रमण करे, रिसर्च करे।
घूमने वाले यह जानने की कोशिश करें हजारों वर्ष पहले जब मां सीता का जन्म हुआ था, तब भी बारिश हुई थी और जब उनके मंदिर का मंदिर के निर्माण की परिकल्पना को जमीन पर उतारा जा रहा था, तब भी बारिश हुई थी। इसका जरूर कोई कनेक्शन है।
तमाम चीजों को जोड़ने का काम किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत बनाने का सपना देखा है उसी प्रकार हमारे नेता ने बिहार को विकसित बनाने के साथ समृद्ध बनाने का संकल्प लिया।
प्रगति यात्रा से लेकर समृद्धि यात्रा तक हो चुकी है। कल जो सपना देख रहे थे आज वह साकार हो रहा है। बिहार बदल रहा है। नीतीश कुमार ने बिहार को 20 वर्षों में विकास के रास्ते पर ला दिया है। मेरी सरकार अब बिहार को समृद्ध बनाने का काम करेगी।
833 वर्ष पुराने राम जानकी मठ का 12 एकड़ जमीन में होगा जीर्णोद्धार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीतामढ़ी महोत्सव में शामिल होने के बाद वहां से तीन किलोमीटर दूर राघोपुर बखरी स्थित 833 वर्ष पुराने ऐतिहासिक राम-जानकी मठ भी गए जहां उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए शिलान्यास किया।
उन्होंने आयोजन संस्था रामायण रिसर्च काउंसिल के कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि राम-जानकी मठ सीतामढ़ी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
इसके जीर्णोद्धार का निर्णय बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद द्वारा लिया गया है। योजना के तहत 12 एकड़ भूमि में भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा।
मां सीता से जुड़े सभी स्थलों का विकास होना चाहिए : विजय
पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रदेशवासियों को जानकी नवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि मां जानकी के जन्मस्थान के पुनरुत्थान के बिना बिहार का विकास अधूरा है।
शनिवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि मां जानकारी हर बिहारी की अस्मिता का प्रतीक हैं। 500 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अयोध्या में भगवान राम की जन्मस्थली का पुनरुद्धार हुआ। यह हम सभी बिहारवासियों की सामूहिक जिम्मेवारी भी है कि पुनौराधाम में माता सीता का भव्य मंदिर बने। उन्होंने कहा कि मां सीता से जुड़े सभी स्थलों का ‘जानकी कॉरिडोर’ के रूप में विकास होना चाहिए।







