28 मई को भारत में बकरीद का पर्व मनाया जाएगा. बकरीद के त्योहार को ईद-उल-अजहा (Eid-Ul-Adha) के नाम से भी जाना जाता है. यह त्योहार इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जिसे दुनियाभर में बहुत खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है. ये त्योहार पैगंबर इब्राहिम की अल्लाह के प्रति आस्था और कुर्बानी या कहें त्याग की याद में मनाया जाता है. बकरीद की तैयारियां देशभर में जोर-शोर से चल रही हैं. बकरीद की शुरुआत सुबह की नमाज के साथ होती है. इस दिन विशेष सामूहिक नमाज होती है. इसके बाद कुर्बानी दी जाती है और फिर जरूरतमंद लोगों को दान किया जाता है. ये त्योहार इंसानियत, धैर्य, परोपकार का संदेश लेकर आता है.
क्या होता है कुर्बानी का नियम?
बकरीद के त्योहार पर बकरे, भेड़ या किसी जानवर की कुर्बानी दी जाती है. इस कुर्बानी के मांस को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है. इसमें पहला हिस्सा अपने परिवार के लिए, दूसरा हिस्सा रिश्तेदारों और करीबियों के लिए और तीसरा हिस्सा गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए होता है.
इस्लाम के आखिरी महीने में मनाई जाती है बकरीद
बकरीद यानी ईद-उल-अजहा का पर्व इस्लाम कैलेंडर के आखिरी महीने ‘जुल-हिज्जा’ में आता है. इसी महीने में सऊदी अरब में हज यात्रा भी संपन्न होती है. यह त्योहार दान, समानता और भाईचारे के संदेश को बढ़ावा देता है.
पटना में बकरीद को लेकर हाई अलर्ट
पटना जिला प्रशासन ने ईद-उल-जोहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 479 स्थानों पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इनके साथ सशस्त्र बल और लाठी बल भी तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने अधिकारियों को संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, आसूचना तंत्र को सक्रिय रखने तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों का त्वरित खंडन करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार 28 मई को बकरीद के अवसर पर गांधी मैदान में बड़ी संख्या में नमाजी नमाज अदा करेंगे। इसके लिए गांधी मैदान में साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग, प्रकाश, बैरिकेडिंग और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। नमाजियों के प्रवेश के लिए गेट संख्या 5 से 10 तक निर्धारित किए गए हैं। पटना नगर निगम द्वारा मैदान की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था की गई है, जबकि पीएचईडी विभाग द्वारा वाटर टैंकर एवं वाटर एटीएम लगाए गए हैं।
आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस, डॉक्टर, अग्निशमन दस्ता और अस्थायी थाना भी तैनात रहेगा। प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष, डायल 112 या पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क करने की अपील की है।
कुर्बानी पर बरतें सावधानी…………………..
बकरीद से पहले मुंबई की रेजिडेंशियल सोसायटीज में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। कई सोसायटीज के बाहर बाउंसर्स की तैनाती हो गई है। देवेन्द्र फडणवीस की सरकार ने बकरीद के दिन कुर्बानी के लिए सख्त गाइडलाइन्स जारी की है। सरकारी आदेश के मुताबिक, बकरीद के दिन अगर किसी ने गौहत्या की तो उसके खिलाफ MCOCA के तहत केस दर्ज होगा, सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी पर पाबंदी है, सोसायटीज के भीतर कुर्बानी नहीं होगी।
सरकार सुरक्षा के इंतजाम कर रही है लेकिन इसी दौरान महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने बकरीद पर वर्चुअल कुर्बानी की सलाह दे डाली। इससे मुस्लिम संगठनों में नाराजगी है। नितेश राणे ने कहा कि जो लोग हिन्दुओं को ड्राई होली मनाने का सुझाव देते हैं, वो बकरीद पर वर्चुअल कुर्बानी की सलाह क्यों नहीं देते। नितेश राणे भले ही बात सही कहते हों, लेकिन उनके कहने का तरीका उनके पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है। मंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करे, ये ठीक नहीं है।
जहां तक बकरीद के दिन नियम कानून लागू करने की बात है, सुरक्षा के इंतजाम का सवाल है, ये सरकार की जिम्मेदारी है। लोगों को सरकारी निर्देशों का पालन करना ही चाहिए। खुले में कुर्बानी को कोई समर्थन नहीं करेगा। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने का कौन समर्थन करेगा? इसलिए इसे रोकने में कोई बुराई नहीं है। गोहत्या पर कानूनी तौर पर पाबंदी है इसलिए गोहत्या करने वालों के खिलाफ एक्शन भी जायज है। लेकिन इसके लिए मंत्री को बोलने की जरूरत नहीं हैं।
यूपी में भी योगी आदित्यनाथ ने कड़े नियम लागू किए हैं। योगी ने पुलिस को कानून का पालन न करने वाले के खिलाफ एक्शन के निर्देश दिए हैं। महाराष्ट्र में भी यही होना चाहिए। नितेश राणे को इस पर बोलने की कोई जरूरत नहीं है।







