बिहार में गंगा उफान पर है जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. इस बीच पटना जिले के बाढ़ क्षेत्र में करजान-ताजपुर सेतु का टेम्परेरी पुल डूब गया है. बाढ़ के ग्रामीण इलाकों में पानी घुस रहा है, इसके साथ ही लखीसराय और मुंगेर में गंगा […]
By UB India News • Patna, Bihar सोमवार, 24 अगस्त 2026, 04:54 AM • 5 मिनट read
बिहार में गंगा उफान पर है जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. इस बीच पटना जिले के बाढ़ क्षेत्र में करजान-ताजपुर सेतु का टेम्परेरी पुल डूब गया है. बाढ़ के ग्रामीण इलाकों में पानी घुस रहा है, इसके साथ ही लखीसराय और मुंगेर में गंगा चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है. वहीं, कुतलुपुर में कटाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है, जबकि, पटना जिले के दियारा इलाकों में भी पानी फैलने लगा है और प्रशासन ने राहत-बचाव टीमों को अलर्ट पर रखा है.
करजान-ताजपुर सेतु के टेम्परेरी पुल पर चढ़ा पानी
बता दें कि पटना जिले के अथमलगोला इलाके में करजान-ताजपुर सेतु के निर्माण का काम चल रहा है. इस दौरान लोगों के आवागमन के लिए बनाए गए टेम्परेरी पुल पर गंगा का पानी चढ़ गया है. पानी बढ़ने से इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है. गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर अब इस अस्थायी रास्ते पर बनी हुई है. पटना जिले के दियारा इलाकों में भी गंगा का पानी फैल रहा है. दानापुर और मनेर के कई निचले इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और एनडीआरएफ ने राहत-बचाव की कमान संभाली है.
लखीसराय में घाट की सीढ़ियां डूबीं, SDRF तैनात
दूसरी ओर लखीसराय के बड़हिया में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. बड़हिया कॉलेज गंगा घाट की सभी सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं. गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यहां विशेष सतर्कता बरती है. एसडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है. लोगों से बैरिकेडिंग के बाहर नहीं जाने की अपील की गई है. पुलिस और प्रशासन की भी प्रतिनियुक्ति की गई है और जिला प्रशासन ने पहले से ही नावों और राहत व्यवस्था की तैयारी कर रखी है.
भागलपुर में तटबंध टूटा, मंत्री के घर में घुसा पानी
भागलपुर के नवगछिया में आधी रात गंगा का कटाव होने लगा। खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में गंगा का तटबंध टूटने से बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल घर और गांव में पानी घुस गया है। मंत्री के घर से करीब 500 मीटर दूर बांध टूटा है।
इधर, बेगूसराय के बछवाड़ा में जमींदारी बांध टूटने से 10 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। साथ ही सिमरिया घाट से कसहा दियारा, रचियाही, उलाव जाने वाली सड़क गंगा की धार में ध्वस्त हो गई है। मुंगेर- पटना समेत कई जिलों में गंगा का लेवल खतरे के निशान के करीब है।
भोजपुर में गंगा का कटाव तेज हो गया है। कटाव रोकने के उपाय कम पड़ रहे हैं। जिसपर सांसद सुदामा प्रसाद ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘अगर जरूरत पड़ी तो गंगा में डूबकर जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन लोगों के हित की बात करते रहेंगे।’
मुंगेर में चेतावनी स्तर पार, खतरे के निशान के करीब गंगा
मुंगेर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और रविवार सुबह जलस्तर 38.70 मीटर दर्ज किया गया. यह खतरे के निशान से करीब 63 सेंटीमीटर नीचे बताया गया है. जलस्तर बढ़ने के साथ ही सदर प्रखंड के कुतलुपुर पंचायत में गंगा का कटाव बड़ी चिंता बन गया है. कटाव की वजह से किसानों के खेत लगातार नदी में समा रहे हैं. वहीं वार्ड नंबर 6 में एक दर्जन से ज्यादा घर कटाव स्थल से करीब 10 फीट की दूरी पर बताए जा रहे हैं. ग्रामीणों को डर है कि अगर कटाव इसी रफ्तार से जारी रहा तो उनके घर भी गंगा में समा सकते हैं. मुंगेर के निचले इलाकों में गंगा का पानी फैलना शुरू हो गया है.
पटना में भी बढ़ रहा दबाव
इस बीच गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर पटना में भी साफ दिखाई दे रहा है. गांधी घाट पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. दियारा क्षेत्र के कई गांवों में पानी फैल चुका है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. मौसम विभाग ने भी रविवार को बिहार के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है. ऐसे में गंगा के जलस्तर में आगे और वृद्धि होती है तो बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किल बढ़ सकती है.
पटना से भागलपुर तक प्रशासन अलर्ट
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर सिर्फ पटना, लखीसराय और मुंगेर तक सीमित नहीं है, भागलपुर में भी गंगा के किनारे के कई घाट पानी से लबालब हो गए हैं और नदी का पानी शहर से सटे इलाकों तक पहुंचने लगा है. इससे पटना से भागलपुर तक गंगा किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, आवागमन की व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव अभियान शुरू करना है. गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.