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Total 316 Articles
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मोदी सरकार की प्राथमिकता में वंचित वर्ग…..

भारत की शासन व्यवस्था से परिचित लोग यह कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी सक्षम नेतृत्वकर्ता सिद्ध हुए हैं। उनके नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान भारत ने अद्भुत प्रगति की है। बुनियादी ढांचे से लेकर गरीबी उन्मूलन, आर्थिक विकास, स्वास्थ्य देखभाल, उद्योग, कृषि, विदेश नीति, रक्षा और डिजिटल इंडिया […]

By UB India News शनिवार, 27 जून 2026, 12:36 PM
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तकनीक से डरें नहीं, तैयार रहें, सिर्फ आशंकाएं नहीं… अवसर भी देखिए

पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों व्यावसायिक नेतृत्वकर्ताओं के साथ बातचीत के दौरान, मैंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर उनके विचारों में एक बड़ा अंतर देखा है। एक पक्ष को आगे ‘नौकरियों का खात्मा’ और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी नजर आती है; वहीं दूसरा पक्ष इसे एक बड़ी छलांग के तौर पर देखता है। क्या एआई […]

27 जून 2026 4 मिनट
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मजबूत लोकतंत्र के लिए कितनी जरूरी है कमजोर नौकरशाही………..

बिहार में भरत भूषण तिवारी के ‘आत्मसमर्पण’ के बाद भी पुलिस द्वारा की गई नृशंस ‘हत्या’ (जैसा कि सोशल मीडिया पर लोगों का आरोप है) से सबसे अधिक किसी संस्था का नुकसान हुआ है तो वह स्वयं पुलिस व्यवस्था का ही हुआ है. अब भविष्य में समर्पण करने से पूर्व आरोपी हो या अपराधी सौ […]

23 जून 2026 6 मिनट
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लोक व देशहित से जुड़े मुद्दों पर समाज और सरकार की तरफ से ऐसी ही सक्रियता जरूरी है……………..

पूरे देश के लिए अग्नि परीक्षा बनी नीट की सफलता के बाद सरकार में राहत है। मैसेजिंग एप टेलीग्राम पर प्रतिबंध भी आज से खत्म हो जाएगा। लेकिन पेपर लीक की अफवाहों को रोकने के लिए टेलीग्राम के एडिटिंग फीचर पर लगाए गए सरकारी प्रतिबंध 30 जून तक जारी रहेंगे। नीट परीक्षा के पांच दिन […]

22 जून 2026 6 मिनट
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पश्चिम एशिया संकट भारत के लिए सबक, ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीति पर करना होगा पुनर्विचार……………………

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने से सबसे बड़ा लाभ अगर किसी प्रमुख देश को मिल सकता है, तो वह भारत है। पूरे संकट के दौरान नई दिल्ली ने सावधानीपूर्वक सभी पक्षों के साथ अपने संबंध बनाए रखे और समझौते का स्वागत किया। इस शांति समझौते को पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने […]

17 जून 2026 4 मिनट
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ईरान युद्ध इजरायल और नेतन्याहू की हार है?

अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म हो चुकी है और शांति डील भी फाइनल है. 107 दिनों की इस जंग में सबसे बड़ी नाकामी किसी के हाथ लगी है तो उसमें इजरायल और वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का नाम लिया जा रहा है. जिस जंग पर नेतन्याहू ने अपना राजनीतिक भविष्य दांव पर […]

15 जून 2026 4 मिनट
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क्या यह बात डोनाल्ड ट्रंप समझ रहे हैं?

पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध का भड़कना बहुत दुखद और चिंताजनक है। रविवार देर रात ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमले के जवाब में इजरायली रक्षा बलों ने सोमवार तड़के ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया। बीती 8 अप्रैल को हुए फौरी युद्ध-विराम की धज्जियां उड़ गईं। दोनों पक्ष […]

9 जून 2026 4 मिनट
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हर साल जून के पहले सप्ताह में अमृतसर की हवा में क्यों आता है बदलाव ……………………

हर साल जून के पहले सप्ताह में, अमृतसर की हवा में एक बदलाव आ जाता है. यह न तो सुरक्षा घेरा है, न ही पुलिस की फ्लैग मार्च, न ही आधिकारिक सलाह. यह कुछ पुराना और गहरा है, एक मेमोरी की वापसी, शोक और 1984 के एक अधूरे अध्याय की याद. सरकारी रिकॉर्ड में इसे […]

7 जून 2026 6 मिनट
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क्यों और कैसे हुआ राज्यों के क्षत्रपों का सूर्यास्त?

साल 2014 के बाद से केंद्र की सत्ता पर बीजेपी का मजबूत कब्जा है. लेकिन राज्यों की राजनीति में बीते कुछ सालों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है. भारतीय राजनीति के कई पुराने किले अब पूरी तरह ढह चुके हैं. एक वक्त था जब राज्यों की सियासत कुछ खास चेहरों के इर्द-गिर्द घूमती थी. […]

6 जून 2026 9 मिनट
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मितव्ययिता और ऊर्जा-संयम कोई नकारात्मक विचार नहीं हैं…………..

सुबह अखबार हाथ में आते ही देश-दुनिया की बड़ी खबरों के बीच नजर अक्सर महंगाई पर टिक जाती है। ‘रसोई गैस का संकट’, ‘सब्जियों के बढ़ते दाम या ‘कमजोर होता रुपया’-ये सिर्फ सुर्खियां नहीं, बल्कि मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट, बच्चों की फीस और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी रोजमर्रा की चिंताएं हैं। बदलते मौसम की […]

5 जून 2026 6 मिनट
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दुनिया कोई कूड़े का ढेर नहीं कि कोई मुर्गा दे बांग और बन जाए मसीहा……………………

एक विपक्षी नेता अपने आपको आश्वस्त कर रहे हैं कि एक दिन ‘जेन-जी’ आएंगे…हम उनको समझाएंगे…वे इस सत्ता को उखाड़ फेकेंगे। दूसरे कह रहे हैं कि अगर एक बार ‘जेन-जी’ को गुस्सा आ गया, तो इनको निपटा देगी। इन दिनों ऐसे ही सुर सुने जा रहे हैं कि कोई बस आए और हमारा काम कर […]

4 जून 2026 6 मिनट
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राहुल गांधी के ‘देशद्रोही’ बयान पर उठते गंभीर सवाल……………….

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीते दिनों जब प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को ‘देशद्रोही’ कहा, तो यह साधारण राजनीतिक आरोप नहीं था। देशद्रोह का यह आरोप इतना संगीन है कि सीधे प्रतिपक्ष की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। राहुल गांधी को यह बताना चाहिए कि देश के शीर्ष कार्यकारी पदों […]

2 जून 2026 5 मिनट
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युद्ध का सदमा या कुछ और… गाजा में 10 लाख से ज्यादा बच्चों ने बोलना क्यों बंद कर दिया…………….

गाजा में हंसमुख और बातूनी बच्चों ने भी बोलने से जी चुरा लिया है. अब वे शांत रहते हैं या कम बोलते हैं. डॉक्टर विदआउट बॉर्डर के अनुसार, गाजा के 10 लाख से ज्यादा बच्चों पर इस युद्ध का इतना गहरा आघात पड़ा है कि उनकी जुबान ही बंद हो गई है. अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘डॉक्टर्स विदाउट […]

30 मई 2026 3 मिनट
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सीएम ही नहीं संगठन में भी ‘बाहरी’ नेताओं पर भरोसा, बीजेपी में बदली परंपरा……….

भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को चार राज्यों के लिए नए प्रदेश अध्यक्षों का ऐलान किया. जिन चार नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है, उनमें दो ऐसे चेहरे हैं जिनकी शुरुआत बीजेपी से नहीं, बल्कि कांग्रेस से हुई थी. इसे बीजेपी की संगठनात्मक सोच में आए बड़ी बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा […]

29 मई 2026 4 मिनट
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राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण व दूरदर्शी पहल………………

पिछले कई वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में आबादी की संरचना में आ रहे बदलावों की पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार द्वारा उच्चाधिकार समिति का औपचारिक गठन राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण व दूरदर्शी पहल है। इस मामले में केंद्रीय गृहमंत्री का यह कहना विचारणीय है कि […]

28 मई 2026 3 मिनट
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SIR पर विपक्ष के हर सवाल का SC में मिला जवाब……………….

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर कराने की वैधता के खिलाफ दायर याचिकाओं पर फैसला सुना दिया है। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि एसआईआर कराना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। साथ ही ये भी कहा कि देश में मुक्त और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सांविधानिक […]

27 मई 2026 7 मिनट
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वर्तमान दौर की वैश्विक सच्चाई युद्ध ही शांति है!……………….

जॉर्ज ऑरवेल ने 1984 में एक ऐसी दुनिया की कल्पना करते हुए लिखा था कि युद्ध ही शांति है, जहां शब्दों का कोई महत्व नहीं रह गया है, तर्क विकृत हो गया है और वर्चस्व बनाए रखने के लिए संघर्ष रचा जाता है। 1949 की यह रचना 2026 में भी वैश्विक परिदृश्य को परिभाषित कर […]

27 मई 2026 7 मिनट
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तेल और अर्थव्यवस्था: वैश्विक अस्थिरता का गहरा असर……………..

देश में बीते तकरीबन दो हफ्तों के भीतर ईंधन की कीमतों में चौथी बार बढ़ोतरी होना आम उपभोक्ताओं के लिए तो परेशान करने वाला है ही, अर्थव्यवस्था के लिए भी इसके गंभीर निहितार्थ हैं। पश्चिम एशियाई युद्ध और उसके कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में 50 फीसदी से […]

26 मई 2026 13 मिनट