वर्तमान दौर की वैश्विक सच्चाई युद्ध ही शांति है!……………….
जॉर्ज ऑरवेल ने 1984 में एक ऐसी दुनिया की कल्पना करते हुए लिखा था कि युद्ध ही शांति है, जहां शब्दों का कोई महत्व नहीं रह गया है, तर्क विकृत हो गया है और वर्चस्व बनाए रखने के लिए संघर्ष रचा जाता है। 1949 की यह रचना 2026 में भी वैश्विक परिदृश्य को परिभाषित कर […]