नए संतुलन की तलाश में, बंगाल के चुनाव नतीजों से उपजा नया विमर्श
हालिया चुनाव परिणामों ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और वहां के सामाजिक मनोविज्ञान को लेकर एक नए विमर्श को जन्म दिया है। अक्सर तर्क दिया जाता रहा है कि बंगाल की वैचारिक भूमि पर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, जिसे आज हिंदुत्व के रूप में परिभाषित किया जाता है, की जड़ें नहीं हैं और यह […]