अमेरिका में इसी साल नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं. मैदान में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने मौजूदा वक्त में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की चुनौती है. अमेरिकी चुनावों की परंपरा के तहत चुनाव से पहले रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ही पार्टी के राष्ट्रपति पद के चेहरे प्रेसिडेंशियल डिबेट का हिस्सा बनते हैं. इस चुनाव से पहले जब कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप मैदान में डिबेट के लिए उतरे तो एक ऐसा मुद्दा भी चर्चा का विषय बना, जिसकी किसी ने उम्मीद भी नहीं की होगी. अमेरिका के ओहायो राज्य में एक साल पहले वायरल हुए एक वीडियो को ट्रंप प्रेसिडेंशियल डिबेट में खींच लाए.
दरअसल, करीब एक साल पहले ओहियो में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें दावा किया गया कि वहां रह रहे कैरेबियाई मूल के लोग कुत्ते और बिल्ली को भी मारकर खा रहे हैं. हालांकि इस तरह की चीजें महज अफवाह के स्तर पर ही थी. इसकी पुष्टि नहीं हो सकी थी. कमला हैरिस के साथ प्रेसिडेंशियल डिबेट में डोनाल्ड ट्रंप ने इसे मुद्दा बनाकर अमेरिका में नेशनल इश्यू बना दिया. मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर कुत्ते और बिल्ली को मारकर खाने का मुद्दा उठाकर ट्रंप ने ऐसा क्या हासिल कर लिया. चलिए हम आपको इसके बारे में बताते हैं.
ट्रंप ने जीता 60 प्रतिशत आबादी का दिल
जब ओहियो का यह वीडियो वायरल हुआ था तब अमेरिका में गोरे बनाम काले का मुद्दा भी गर्म हो गया था. अमेरिका की स्थानीय आबादी में कुत्ते और बिल्ली को मारकर खाने की कथित घटना को लेकर काफी गुस्सा था. इसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी कैंपेन भी चला. अमेरिका ने प्रेसिडेंशियल डिबेट में इसी मुद्दे को ट्रंप ने भुनाने का काम किया. शुरू से ही ट्रंप श्वेत लोगों की राजनीति करते रहे हैं. इस मुद्दे को भुनाकर ट्रंप ने अमेरिका में मौजूद करीब 60 प्रतिशत गोरे लोगों को अपने पाले में लाने की कोशिश की. काफी हद तक वो इसमें कामयाब भी रहे. इस मुद्दे पर कमला हैरिस ट्रंप के सामने पिछड़ती हुई नजर आई.
हार कर भी जीत गई कमला हैरिस
भले ही कुत्ते और बिल्लियों को मारकर खाने के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप भारी पड़ते नजर आए हो लेकिन इसके बावजूद कमला हैरिस हार कर भी जीत गई. ऐसा इसलिए क्योंकि कमला हैरिस भारतीय मूल की हैं. ट्रंप द्वारा श्वेत लोगों को लुभाने के बाद अमेरिका में अश्वेत सहित अन्य देशों से आकर बसे लोगों के दिलों में कमला हैरिस के प्रति झुकाव होना लाजमी है. ऐसे में यह कहना गलत होगा कि कमला हैरिस डॉग-कैट विवाद के चलते ट्रंप के सामने बुरी तरह पिछड़ गई हैं.
क्या अमेरिका में कुत्ते-बिल्ली को खाने की है इजाजत?
साल 2018 अमेरिका में फार्म बिल लाया गया था, जिसमें कुत्ते और बिल्ली के मांस के व्यापार पर रोकधाम अधिनियम शामिल है. इस नियम के तहत लोगों के खाने के लिए बिल्लियों और कुत्तों के इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट और उनकी हत्या पर बैन लगाया गया. यह कानून फेड्रल स्तर पर खाने के के लिए बिल्लियों और कुत्तों को मारना अवैध बनाता है. कुत्ता और बिल्ली मांस व्यापार रोकथाम अधिनियम 2018 के तहत नियम का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर पांच हजार डॉलर तक जुर्माने का प्रावधान है.








